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ईट निर्माता समिति ने बढ़ी जीएसटी का किया विरोध
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मऊ। ईंट निर्माता समिति की एक बैठक रविवार को नगर के भीटी स्थित एक टावर में हुई। बैठक में समिति के पदाधिकारियों ने सरकार द्वारा 12 प्रतिशत जीएसटी लगाए जाने को लेकर नाराजगी व्यक्त की। बैठक में मुख्य समिति के अध्यक्ष वीरभद्र सिंह ने केन्द्र सरकार द्वारा बढ़ाई गई जीएसटी दरों और कोयला रेट को गंभीर समस्या बताते हुए संघर्ष करने का ऐलान किया है। कहा कि बढ़ाये गए रेटों के साथ भट्ठों को नहीं चलाया जा सकता।
जीएसटी की दर पांच प्रतिशत की जगह 12 प्रतिशत कर दी गई है, जो भटटा उद्योग पर बहुत बड़ा आघात है। कहा कि सरकार द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो भट्टा मालिक आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इस मौके पर समिति के महामंत्री कौशल कुमार राय ने कहा कि पिछले दो वर्षों से लगातार कोरोना महामारी के कारण ईंट निर्माण कार्य घाटे में चल रहा है। भट्ठों पर ईंटों का स्टाक लगा हुआ है, ईंटों की बिक्री दर काफी गिर गई है। ईंटों पर कर की दर में वृद्धि इस उद्योग के लिए घातक है। जीएसटी वृद्धि प्रस्ताव वापस नहीं लिया गया तो वह आंदोलन करने को विवश होंगे। बैठक में रामज्ञान यादव, प्रतीश सिंह, मुन्ना सिंह, अखिलेश मल्ल, संतोष दूबे, सहजू यादव, पप्पू यादव, जितेंद्र सिंह, राकेश तानवानी, एहसान अहमद, पंकज राय, अरविंद कुमार पांडेय, सूर्यकांत यादव आदि रहे।
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जीएसटी की दर पांच प्रतिशत की जगह 12 प्रतिशत कर दी गई है, जो भटटा उद्योग पर बहुत बड़ा आघात है। कहा कि सरकार द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो भट्टा मालिक आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इस मौके पर समिति के महामंत्री कौशल कुमार राय ने कहा कि पिछले दो वर्षों से लगातार कोरोना महामारी के कारण ईंट निर्माण कार्य घाटे में चल रहा है। भट्ठों पर ईंटों का स्टाक लगा हुआ है, ईंटों की बिक्री दर काफी गिर गई है। ईंटों पर कर की दर में वृद्धि इस उद्योग के लिए घातक है। जीएसटी वृद्धि प्रस्ताव वापस नहीं लिया गया तो वह आंदोलन करने को विवश होंगे। बैठक में रामज्ञान यादव, प्रतीश सिंह, मुन्ना सिंह, अखिलेश मल्ल, संतोष दूबे, सहजू यादव, पप्पू यादव, जितेंद्र सिंह, राकेश तानवानी, एहसान अहमद, पंकज राय, अरविंद कुमार पांडेय, सूर्यकांत यादव आदि रहे।
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