{"_id":"66ba582d706cd2698508bbc4","slug":"be-fearless-while-walking-on-the-road-172-unfit-school-vehicles-are-running-mau-news-c-295-1-svns1028-116414-2024-08-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mau News: सड़क पर चलते समय रहें बेखौफ दौड़ रहे 172 अनफिट स्कूली वाहन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mau News: सड़क पर चलते समय रहें बेखौफ दौड़ रहे 172 अनफिट स्कूली वाहन
विज्ञापन
शिक्षा सत्र शुरू हुए चार माह बीत गए, लेकिन स्कूली बच्चों की सुरक्षा के प्रति न तो परिवहन निगम और न ही स्कूल प्रशासन गंभीर नजर आ रहा है। नियम कानून को ताक पर रखकर 172 अनफिट स्कूल वाहन धड़ल्ले से सड़कों पर दौड़ रहे हैं। परिवहन निगम केवल नोटिस पर नोटिस भेजकर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ले रहा है।
जिले में 542 निजी स्कूलों मेें लगभग 700 वाहन पंजीकृत हैं। आए दिन हादसों के बाद भी जिले में अनफिट स्कूली वाहनों पर लगाम नहीं लग पा रही है। इसके प्रति स्कूल प्रशासन से लेकर, अभिभावक सहित संबंधित विभागीय अधिकारी गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। स्कूली बसों में फर्स्ट एड बॉक्स सहित विभिन्न बिंदुओं पर फिटनेस प्रमाणपत्र जारी किया जाता है। कहने को तो विभागीय अभिलेखों में 367 स्कूल बसें और 333 छोटे वाहन स्टाफ को लाने के नाम पर पंजीकृत हैं। जबकि स्टाफ वाहनों पर ही बच्चों को ढोया जा रहा है। स्कूल वाहन के लिए केवल बसें ही मान्य हैं, बावजूद इसके टेंपो, मैजिक वैन और तमाम छोटे बड़े वाहन स्कूल वैन के नाम पर लगाए गए हैं। स्कूल का नाम, फोन नंबर आदि लिखे बिना ही कई स्कूली बसें चल रही हैं। परिहवन निगम की तरफ से 172 स्कूली वाहनों तथा 42 यात्री वाहनों को अनफिट घोषित किया गया है। निगम की तरफ से पोर्टल पर वाहनों के लाइसेंस को निलंबित कर दिया गया है। इसके बाद भी वाहन संचालक अपने स्कूली वाहनों को बेखौफ दौड़ा रहे हैं। इस बाबत एआरटीओ सुहेल अहमद का कहना है कि 172 अनफिट स्कूल वाहन संचालकों को नोटिस जारी किया गया है। पोर्टल से निलंबित वाहन सड़क पर चलते मिला तो संबंधित वाहन स्वामी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
विज्ञापन
जिले में 542 निजी स्कूलों मेें लगभग 700 वाहन पंजीकृत हैं। आए दिन हादसों के बाद भी जिले में अनफिट स्कूली वाहनों पर लगाम नहीं लग पा रही है। इसके प्रति स्कूल प्रशासन से लेकर, अभिभावक सहित संबंधित विभागीय अधिकारी गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। स्कूली बसों में फर्स्ट एड बॉक्स सहित विभिन्न बिंदुओं पर फिटनेस प्रमाणपत्र जारी किया जाता है। कहने को तो विभागीय अभिलेखों में 367 स्कूल बसें और 333 छोटे वाहन स्टाफ को लाने के नाम पर पंजीकृत हैं। जबकि स्टाफ वाहनों पर ही बच्चों को ढोया जा रहा है। स्कूल वाहन के लिए केवल बसें ही मान्य हैं, बावजूद इसके टेंपो, मैजिक वैन और तमाम छोटे बड़े वाहन स्कूल वैन के नाम पर लगाए गए हैं। स्कूल का नाम, फोन नंबर आदि लिखे बिना ही कई स्कूली बसें चल रही हैं। परिहवन निगम की तरफ से 172 स्कूली वाहनों तथा 42 यात्री वाहनों को अनफिट घोषित किया गया है। निगम की तरफ से पोर्टल पर वाहनों के लाइसेंस को निलंबित कर दिया गया है। इसके बाद भी वाहन संचालक अपने स्कूली वाहनों को बेखौफ दौड़ा रहे हैं। इस बाबत एआरटीओ सुहेल अहमद का कहना है कि 172 अनफिट स्कूल वाहन संचालकों को नोटिस जारी किया गया है। पोर्टल से निलंबित वाहन सड़क पर चलते मिला तो संबंधित वाहन स्वामी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
विज्ञापन