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बेसिक शिक्षा विभाग का अब एक जगह होगा खाता
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मऊ। बेसिक शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत मिलने वाले धन का अब बैंक खाता एक जगह पर होगा। नई व्यवस्था के तहत योजनाओं का पैसा एक मुश्त नहीं जारी होगा। जरूरत के अनुसार खाता से निकाला जा सकेगा। शासन ने भारतीय स्टेट बैंक को नोडल बैंक नामित कर दिया है। पूर्व से चले आ रहे अन्य बैंकों के खाते बंद कर एसबीआई में खाते खोले जाने का आदेश जारी किया है।
प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में एमडीएम, छात्रवृत्ति, विद्यालय प्रबंध समिति, ड्रेस वितरण, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, डायट व समग्र शिक्षा अभियान की विभिन्न योजनाओं के लिए पूर्व में एक मुश्त धन का आवंटन होता था। इसके लिए विद्यालय स्तर पर कई बैंकों में खाते खोले गए हैं। यही नहीं बीएसए कार्यालय के लेखा विभाग का भी कई बैंकों में खाता है। इससे विद्यालयवार धन भेजने में शासन व विभाग को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। शासन ने समस्याओं को देखते हुए एक बैंक में सभी विद्यालयों का खाता खोलवाने के निर्देश दिए हैं।
राज्य परियोजना की तरफ से निर्देश जारी किया है कि योजनाओं के क्रियान्वन के लिए भारतीय स्टेट बैंक को शासन स्तर से नोडल बैंक का चयन किया गया है। इसलिए योजनाओं से आवंटित होने वाले सभी प्रकार के खाते स्टेट बैंक में खोले जाएं। पहले से जो खाते संचालित हो रहे हैं, उन्हें बंद कर नया खाता शून्य बैलेंस पर खोला जाना है। इससे जिला परियोजना का एक ही खाता होगा। जो भी खाता खोला जाए, उसकी पूरी सूचना राज्य परियोजना कार्यालय को भी भेजना होगा। नई व्यवस्था के तहत जारी बजट खाता में नहीं दिखेेगा। लेकिन जरूरत के अनुसार खाते से पैसा निकाला जा सकेगा। खाता से धन निकलने पर माइनस दिखने लगेगा। इस बाबत बीएसए डॉ. संतोष कुमार सिंह का कहना है कि विद्यालयों का खाता एक ही बैंक में होगा। इसके लिए संबंधित को निर्देश जारी कर दिया गया है।
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प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में एमडीएम, छात्रवृत्ति, विद्यालय प्रबंध समिति, ड्रेस वितरण, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, डायट व समग्र शिक्षा अभियान की विभिन्न योजनाओं के लिए पूर्व में एक मुश्त धन का आवंटन होता था। इसके लिए विद्यालय स्तर पर कई बैंकों में खाते खोले गए हैं। यही नहीं बीएसए कार्यालय के लेखा विभाग का भी कई बैंकों में खाता है। इससे विद्यालयवार धन भेजने में शासन व विभाग को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। शासन ने समस्याओं को देखते हुए एक बैंक में सभी विद्यालयों का खाता खोलवाने के निर्देश दिए हैं।
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राज्य परियोजना की तरफ से निर्देश जारी किया है कि योजनाओं के क्रियान्वन के लिए भारतीय स्टेट बैंक को शासन स्तर से नोडल बैंक का चयन किया गया है। इसलिए योजनाओं से आवंटित होने वाले सभी प्रकार के खाते स्टेट बैंक में खोले जाएं। पहले से जो खाते संचालित हो रहे हैं, उन्हें बंद कर नया खाता शून्य बैलेंस पर खोला जाना है। इससे जिला परियोजना का एक ही खाता होगा। जो भी खाता खोला जाए, उसकी पूरी सूचना राज्य परियोजना कार्यालय को भी भेजना होगा। नई व्यवस्था के तहत जारी बजट खाता में नहीं दिखेेगा। लेकिन जरूरत के अनुसार खाते से पैसा निकाला जा सकेगा। खाता से धन निकलने पर माइनस दिखने लगेगा। इस बाबत बीएसए डॉ. संतोष कुमार सिंह का कहना है कि विद्यालयों का खाता एक ही बैंक में होगा। इसके लिए संबंधित को निर्देश जारी कर दिया गया है।
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