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एक घंटे में बैंक हो जा रहे खाली
ब्यूरो, अमर उजाला/ मऊ
Updated Mon, 14 Nov 2016 12:18 AM IST
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एक घंटे में बैंक हो जा रहे खाली
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पांच सौ और हजार रुपये के नोट बंद किए जाने के बाद बैंकों की भुगतान व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। क्षेत्र के अधिकांश बैंक करेंसी न होने की बात कहते हुए न तो रुपये बदल रहे और न ही खातों से रुपये दे रहे हैं। सिर्फ पुराने रुपये जमा किए जा रहे हैं। घंटों लाइन में खडे़ रहने के बाद बैंक अधिकारी कैश न होने की बात कहकर हाथ खड़े कर ले रहे हैं। इससे हर जगह हंगामे की स्थिति बनी रह रही है। पैसा पाने के लिए सुबह से ही ग्राहकों की लाइन लगी रह रही है। रविवार को भी क्षेत्र के सभी बैंकों का यही हाल रहा। एक घंटे से ज्यादा किसी भी बैंक में रुपयों का भुगतान नहीं हुआ।
रतनपुरा विकास खंड स्थित बैंकों के गेट पांच बजते ही बंद हो गए। देर शाम तक ग्राहक पैसा जमा व निकासी के लिए घिघिआते रहे परंतु उनकी सुनने वाला कोई नहीं था। एक हजार व पांच सौ के नोट बंद करने के बाद उपजी स्थिति से निपटने के लिए बैंकों का कार्यकाल सुबह आठ बजे से रात्रि आठ बजे तक निर्धारित किया गया है। एक दो दिन तो देर तक काम हुए परंतु शनिवार को अपने पूर्व निर्धारित समय के अनुसार बंद कर दिया गया। हालांकि बैंक प्रबंधन ने अपना काम देर रात तक किया परंतु पब्लिक को बैंक के बढे़ कार्यकाल का लाभ नही मिल सका।
इनसेट
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रतनपुरा विकास खंड स्थित बैंकों के गेट पांच बजते ही बंद हो गए। देर शाम तक ग्राहक पैसा जमा व निकासी के लिए घिघिआते रहे परंतु उनकी सुनने वाला कोई नहीं था। एक हजार व पांच सौ के नोट बंद करने के बाद उपजी स्थिति से निपटने के लिए बैंकों का कार्यकाल सुबह आठ बजे से रात्रि आठ बजे तक निर्धारित किया गया है। एक दो दिन तो देर तक काम हुए परंतु शनिवार को अपने पूर्व निर्धारित समय के अनुसार बंद कर दिया गया। हालांकि बैंक प्रबंधन ने अपना काम देर रात तक किया परंतु पब्लिक को बैंक के बढे़ कार्यकाल का लाभ नही मिल सका।
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