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मस्जिद में हुई हत्या में आरोपी गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो/मऊ
Updated Thu, 29 Jun 2017 11:11 PM IST
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नसीरपुर कांड का खुलासा होने के बाद गुरुवार को आरोपी रमेश सिंह काका को ले जाती पुलिस।
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सरायलखंसी थाना क्षेत्र के नसीरपुर गांव में अलविदा से ठीक पहले वाली रात को मस्जिद में पशु का मांस फेंकने के साथ एतिकाफ में बैठे मौलवी की हत्या कर कानून व्यवस्था बिगाड़ने की साजिश करने का पुलिस ने गुरुवार को पर्दाफाश कर पूर्व ब्लाक प्रमुख कुख्यात रमेश सिंह काका को गिरफ्तार कर जेल भेजदिया। पुलिस लाइन के सभागार में पत्रकारों को एसपी ने बताया कि इस घटना को अंजाम देने के पीछे रमेश का मकसद पुलिस का ध्यान उससे और उसके आरोपी पुत्र की तरफ से हटाकर कानून व्यवस्था संभालने की ओर मोड़ना था।
पुलिस अधीक्षक के अनुसार पुलिस 11 जून को मंडूसरा निवासी महेश सिंह पर हुए जानलेवा हमले में रमेश सिंह काका के बेटे सुधीर सिंह और 22 जून को नसीरपुर स्थित मस्जिद में एक वृद्ध की हत्या कर प्रतिबंधित मांस फेंकने के मामले में रमेश सिंह काका की तलाश कर रही थी। दोनों मामलों के लिए क्षेत्राधिकारी नगर पंकज सिंह के नेतृत्व में कई टीमें गठित की गई थी। पुलिस अधीक्षक द्वारा 14 (1) गैंगेस्टर एक्ट के तहत संपत्ति जब्त करने के लिए रमेश सिंह काका एवं उसके पुत्र सुधीर सिंह की तलाश की जा रही थी। इसी से बौखलाकर रमेश सिंह काका ने अपने साथियों के साथ जनपद को सांप्रदायिकता की आग में झोंकने के लिए 22 जून को नसीरपुर गांव में घटना को अंजाम दिया। बावजूद इसके नसीरपुर ग्रामवासियों ने सौहार्द बनाए रखकर सभी के मंसूबों पर पानी फेर दिया।
पुलिस ने रमेश सिंह काका को बुधवार की शाम को बढुआगोदाम के पास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में रमेश सिंह ने बताया कि पुलिस का ध्यान भटकाने, अपनी संपत्तियों को सुरक्षित करने हेतु नसीरपुर गांव में घटना कराने की योजना बनाकर घटना को अंजाम देने के लिए अपने सहयोगी अभय सिंह उर्फ दरोगा को लगाकर खुद दिल्ली चला गया था। किंतु दरोगा व उसके साथियों द्वारा घटना का अंजाम न देने पर 22 जून को वह वापस मऊ आ गया। इसके बाद रात में अभय सिंह उर्फ दरोगा और उसके साथियों ने घटना को अंजाम दिया। इस दौरान मस्जिद में प्रतिबंधित मांस फेंककर वृद्ध यूनुस की हत्या की गई। इस घटना में रमेश सिंह काका स्वयं घटना स्थल के कुछ दूरी पर अभय सिंह और अन्य साथियों के साथ खड़ा था। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपियों के विरुद्ध सर्विलांस से घटना को अंजाम देने संबंधित भी कई साक्ष्य भी मिले हैं। प्रतिबंधित मांस पिपरीडीह के समीप से उपलब्ध कराया गया था। इसकी पड़ताल कराई जा रही है कि प्रतिबंधित मांस खरीदा गया था या फिर धमकाकर लिया गया था। रमेश सिंह काका को सरायलखंसी थाने की पुलिस ने गुरुवार की दोपहर सीजेएम कोर्ट में पेश किया। जहां सीजेएम ने दोनों पक्षों को सुनने तथा केस डायरी का अवलोकन करने के बाद रिमांड स्वीकार करते हुए रमेश सिंह को दोनों मामलों में न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया। एसपी ने इस गिरफ्तारी पर पुलिस टीम को 5000 रुपये के पुरस्कार की घोषणा की।
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पुलिस अधीक्षक के अनुसार पुलिस 11 जून को मंडूसरा निवासी महेश सिंह पर हुए जानलेवा हमले में रमेश सिंह काका के बेटे सुधीर सिंह और 22 जून को नसीरपुर स्थित मस्जिद में एक वृद्ध की हत्या कर प्रतिबंधित मांस फेंकने के मामले में रमेश सिंह काका की तलाश कर रही थी। दोनों मामलों के लिए क्षेत्राधिकारी नगर पंकज सिंह के नेतृत्व में कई टीमें गठित की गई थी। पुलिस अधीक्षक द्वारा 14 (1) गैंगेस्टर एक्ट के तहत संपत्ति जब्त करने के लिए रमेश सिंह काका एवं उसके पुत्र सुधीर सिंह की तलाश की जा रही थी। इसी से बौखलाकर रमेश सिंह काका ने अपने साथियों के साथ जनपद को सांप्रदायिकता की आग में झोंकने के लिए 22 जून को नसीरपुर गांव में घटना को अंजाम दिया। बावजूद इसके नसीरपुर ग्रामवासियों ने सौहार्द बनाए रखकर सभी के मंसूबों पर पानी फेर दिया।
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पुलिस ने रमेश सिंह काका को बुधवार की शाम को बढुआगोदाम के पास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में रमेश सिंह ने बताया कि पुलिस का ध्यान भटकाने, अपनी संपत्तियों को सुरक्षित करने हेतु नसीरपुर गांव में घटना कराने की योजना बनाकर घटना को अंजाम देने के लिए अपने सहयोगी अभय सिंह उर्फ दरोगा को लगाकर खुद दिल्ली चला गया था। किंतु दरोगा व उसके साथियों द्वारा घटना का अंजाम न देने पर 22 जून को वह वापस मऊ आ गया। इसके बाद रात में अभय सिंह उर्फ दरोगा और उसके साथियों ने घटना को अंजाम दिया। इस दौरान मस्जिद में प्रतिबंधित मांस फेंककर वृद्ध यूनुस की हत्या की गई। इस घटना में रमेश सिंह काका स्वयं घटना स्थल के कुछ दूरी पर अभय सिंह और अन्य साथियों के साथ खड़ा था। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपियों के विरुद्ध सर्विलांस से घटना को अंजाम देने संबंधित भी कई साक्ष्य भी मिले हैं। प्रतिबंधित मांस पिपरीडीह के समीप से उपलब्ध कराया गया था। इसकी पड़ताल कराई जा रही है कि प्रतिबंधित मांस खरीदा गया था या फिर धमकाकर लिया गया था। रमेश सिंह काका को सरायलखंसी थाने की पुलिस ने गुरुवार की दोपहर सीजेएम कोर्ट में पेश किया। जहां सीजेएम ने दोनों पक्षों को सुनने तथा केस डायरी का अवलोकन करने के बाद रिमांड स्वीकार करते हुए रमेश सिंह को दोनों मामलों में न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया। एसपी ने इस गिरफ्तारी पर पुलिस टीम को 5000 रुपये के पुरस्कार की घोषणा की।
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