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मुख्तार अंसारी को रिहा करने के लिए एमपी/एमएलए कोर्ट में दी अर्जी
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मऊ। दक्षिणटोला थाना क्षेत्र के गैंगस्टर एक्ट के मामले में जेल में निरुद्ध सदर विधायक मुख्तार अंसारी के अधिवक्ता दारोगा सिंह ने एमपी/एमएलए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। इसमें उन्होंने उच्च न्यायालय इलाहाबाद के आदेश का हवाला देते हुए विधायक को व्यक्तिगत बंधपत्र पर रिहा करने का अनुरोध किया है। विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए कोर्ट दिनेश कुमार चौरसिया ने प्रार्थनापत्र को सुनवाई के लिए नियत तिथि पर पेश करने का आदेश दिया है।
अधिवक्ता दारोगा सिंह की ओर से कोर्ट में दिए गए प्रार्थनापत्र में उल्लेख किया गया है कि दक्षिण टोला थाना क्षेत्र के गैंगस्टर एक्ट के मामले में मुख्तार अंसारी 9 नवंबर 2011 से लगातार न्यायिक अभिरक्षा में हैं। इस मामले में अधिकतम 10 वर्ष की सजा का प्रावधान है। उससे ज्यादा समय से इस मामले में वह जेल में बंद हैं। इस मामले में उन्हें निरुद्ध रखना अब वैधानिक नहीं है। उच्च न्यायालय इलाहाबाद में हैवियस कार्पस की याचिका दाखिल कर इस बिंदु को उठाया गया था। इसमें उच्च न्यायालय ने निरुद्ध रखने को गैरकानूनी माना तथा निर्देश दिया है कि वह इस बिंदु को प्रार्थनापत्र के साथ विचारण न्यायालय में दें। उच्च न्यायालय ने संबंधित कोर्ट को निर्देश दिया है कि वह मामले को छह सप्ताह के भीतर निस्तारित करें।
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अधिवक्ता दारोगा सिंह की ओर से कोर्ट में दिए गए प्रार्थनापत्र में उल्लेख किया गया है कि दक्षिण टोला थाना क्षेत्र के गैंगस्टर एक्ट के मामले में मुख्तार अंसारी 9 नवंबर 2011 से लगातार न्यायिक अभिरक्षा में हैं। इस मामले में अधिकतम 10 वर्ष की सजा का प्रावधान है। उससे ज्यादा समय से इस मामले में वह जेल में बंद हैं। इस मामले में उन्हें निरुद्ध रखना अब वैधानिक नहीं है। उच्च न्यायालय इलाहाबाद में हैवियस कार्पस की याचिका दाखिल कर इस बिंदु को उठाया गया था। इसमें उच्च न्यायालय ने निरुद्ध रखने को गैरकानूनी माना तथा निर्देश दिया है कि वह इस बिंदु को प्रार्थनापत्र के साथ विचारण न्यायालय में दें। उच्च न्यायालय ने संबंधित कोर्ट को निर्देश दिया है कि वह मामले को छह सप्ताह के भीतर निस्तारित करें।
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