{"_id":"617ede911d14947a0573e83c","slug":"angered-by-the-murder-of-the-youth-parashuram-sena-reported-the-highway-jam-mau-news-vns6204071152","type":"story","status":"publish","title_hn":"युवक की हत्या से नाराज परशुराम सेना ने किया हाइवे जाम की खबर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
युवक की हत्या से नाराज परशुराम सेना ने किया हाइवे जाम की खबर
विज्ञापन
मऊ। सरायलखंसी थाना क्षेत्र के भार गांव निवासी युवक दिलीप उर्फ भानू पांडेय की हत्या से नाराज परशुराम सेना और पीड़ित परिवार के लोगों ने रविवार को मृतक का शव बढ़ुआगोदाम में हाइवे पर रख कर जाम लगा दिया। जाम लगाने वालों ने पुलिस के खिलास जमकर नोरबाजी किया। जाम लगाने वालों ने विवेचक बदलने सहित पांच मांगे प्रशासन के समक्ष रखीं। दो घंटे बाद अफसरों के आश्वासन पर जाम हटाया गया।
भार गांव निवासी दिलीप पांडेय बीते 28 अक्तूबर को अपने घर से लापता हो गया। उसका शव तीन दिन बाद गांव के पास एक कुएं में कार के कवर में लपेटकर फेंका हुआ मिला। हत्यारों ने उसकी हत्या करके शव कुंएं में फेंक दिया था। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद रविवार को दोपहर बाद शव मृतक के परिवार वालों को सौंप दिया। घटना से नाराज परशुराम सेना के कार्यकर्ताओं ने पीड़ित परिवार के साथ शव को बढ़ुआगोदाम बाजार में हाइवे पर रखकर जाम लगा दिया।
दोपहर बाद लगभग डेढ़ बजे से साढ़े तीन बजे तक हाइवे जाम रहा। जाम लगाने वालों की मांग थी कि घटना में शामिल सभी पांचों आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उन्हें जल्दी गिरफ्तार किया जाए। पीड़ित परिवार को पर्याप्त आर्थिक मदद दी जाए। मुकदमे की विवेचना इंस्पेक्टर राम सिंह से लेकर अन्य निरीक्षक को दी जाए। उनका आरोप था कि राम सिंह रुपये लेकर आरोपियों को छोड़ सकते हैं। उनसे सही जांच का भरोसा नहीं किया जा सकता है। गुस्साए लोग पुलिस विभाग के विरुद्ध नारे बाजी कर रहे थे।
विज्ञापन
विरोध करने वालों का आरोप था कि दिलीप के लापता होने के बाद उसके पिता द्वारा तहरीर दिए जाने के बाद पुलिस का रवैया काफी ढुलमुल था। उनका आरोप था कि घटना के चार दिन बाद भी मुख्य आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है। जाम स्थल पर एसडीएम सदर जय प्रकाश यादव और सीओ धनंजय मिश्र सहित काफी संख्या पुलिस फोर्स रही। साढ़े तीन बजे एसडीएम ने कहा कि शासनादेश के अनुसार सभी दी गईं सुविधाएं और आर्थिक सहायता पीड़ित परिवार को दिलाई जाएंगी। तब जाकर साढ़े तीन बजे हाइवे से जाम हटाया जा सका।
इस दौरान हाईवे पर दोनों तरफ भारी संख्या में वाहनों की कतार लग गई थी। जाम लगाने वालों में रवि, आंसू, राजकुमार, राकेश, हरीचंद, बालचंद, शेषनाथ, प्रमोद, अजय और बालमुकुंद आदि रहे। इस संबंध में एसडीएम जयप्रकाश यादव कहना था कि जाम लगाने वालों को समझाबुझाकर जाम समाप्त कराया गया।
विज्ञापन
भार गांव निवासी दिलीप पांडेय बीते 28 अक्तूबर को अपने घर से लापता हो गया। उसका शव तीन दिन बाद गांव के पास एक कुएं में कार के कवर में लपेटकर फेंका हुआ मिला। हत्यारों ने उसकी हत्या करके शव कुंएं में फेंक दिया था। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद रविवार को दोपहर बाद शव मृतक के परिवार वालों को सौंप दिया। घटना से नाराज परशुराम सेना के कार्यकर्ताओं ने पीड़ित परिवार के साथ शव को बढ़ुआगोदाम बाजार में हाइवे पर रखकर जाम लगा दिया।
विज्ञापन
दोपहर बाद लगभग डेढ़ बजे से साढ़े तीन बजे तक हाइवे जाम रहा। जाम लगाने वालों की मांग थी कि घटना में शामिल सभी पांचों आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उन्हें जल्दी गिरफ्तार किया जाए। पीड़ित परिवार को पर्याप्त आर्थिक मदद दी जाए। मुकदमे की विवेचना इंस्पेक्टर राम सिंह से लेकर अन्य निरीक्षक को दी जाए। उनका आरोप था कि राम सिंह रुपये लेकर आरोपियों को छोड़ सकते हैं। उनसे सही जांच का भरोसा नहीं किया जा सकता है। गुस्साए लोग पुलिस विभाग के विरुद्ध नारे बाजी कर रहे थे।
विज्ञापन
विरोध करने वालों का आरोप था कि दिलीप के लापता होने के बाद उसके पिता द्वारा तहरीर दिए जाने के बाद पुलिस का रवैया काफी ढुलमुल था। उनका आरोप था कि घटना के चार दिन बाद भी मुख्य आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है। जाम स्थल पर एसडीएम सदर जय प्रकाश यादव और सीओ धनंजय मिश्र सहित काफी संख्या पुलिस फोर्स रही। साढ़े तीन बजे एसडीएम ने कहा कि शासनादेश के अनुसार सभी दी गईं सुविधाएं और आर्थिक सहायता पीड़ित परिवार को दिलाई जाएंगी। तब जाकर साढ़े तीन बजे हाइवे से जाम हटाया जा सका।
इस दौरान हाईवे पर दोनों तरफ भारी संख्या में वाहनों की कतार लग गई थी। जाम लगाने वालों में रवि, आंसू, राजकुमार, राकेश, हरीचंद, बालचंद, शेषनाथ, प्रमोद, अजय और बालमुकुंद आदि रहे। इस संबंध में एसडीएम जयप्रकाश यादव कहना था कि जाम लगाने वालों को समझाबुझाकर जाम समाप्त कराया गया।