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850 किसानों का बकाया चल रहा 10 करोड़
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मऊ। शासन की तरफ से निर्धारित समय सीमा के पहले ही धान खरीद बंद हो जाने से किसानों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। जनपद में निर्धारित लक्ष्य पंजीकृत सात हजार से अधिक किसानों से 71 हजार एमटी के सापेक्ष मात्र 3877 किसानों से 23736.77 एमटी धान की ही खरीद की गई। जिले के किसानों का कहना है कि लक्ष्य की पूर्ति केवल कागजों पर ही की गई है। किसानों का धान अभी भी खरीद के लिए रखा हुआ है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी वीके सिन्हा का कहना है कि शासन स्तर से प्रदेश में धान खरीद का लक्ष्य पूरा हो जाने के बाद पोर्टल बंद कर दिए जाने से जिले में धान खरीद बंद कर दी गई है। वहीं 850 किसानों के बकाए 10 करोड़ के भुगतान के लिए क्रय एजेंसियों को निर्देश दे दिए गए हैं। शीघ्र ही भुगतान करा दिया जाएगा। शीघ्र भुगतान न होने पर किसानों ने आंदोलन का अल्टीमेटम दिया है।
किसानों को धान की फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए धान खरीद योजना शुरू की गई है। धान खरीद के लिए जिले में 53 धान क्रय केंद्र बनाए गए हैं। जिले में धान खरीद का लक्ष्य 71 हजार एमटी निर्धारित किया गया था। खरीद 28 फरवरी तक की जानी थी। लेकिन अधिकांश क्रय केंद्र प्रभारियों के गैर जिम्मेदाराना रवैए से लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 33 प्रतिशत ही धान खरीद हो पाई। आंकड़ों पर नजर डाला जाए तो जिले में लक्ष्य 71 हजार एमटी के सापेक्ष 3877 किसानों से 23736.77 एमटी धान की खरीद हुई। जबकि लगभग सात हजार से अधिक किसानों ने धान बेचने के लिए आनलाइन पंजीकरण कराया था। शासन की तरफ से गत 25 जनवरी को एकाएक पोर्टल बंद कर दिए जाने के बाद धान खरीद बंद हो जाने से लगभग दो हजार से अधिक किसान धान बेचने से वंचित हो गए। यही नहीं धान बेचने के महीनों बाद भी किसानों का बकाया भुगतान नहीं किया जा सका है। पीसीएफ, यूपी एग्रो सहित अन्य एजेंसियों से संबद्ध 850 किसानों का 10 करोड़ बकाया चल रहा है।
पंजीकरण कराने के बाद भी किसान काट रहे चक्कर
कुसुम्हा। शासन की तरफ से धान खरीद बंद कर दिए जाने के बाद किसानों को घर पर रखा धान खराब होने की चिंता सताने लगी है। आनलाइन पंजीकरण कराने के बाद भी किसान क्रय केंद्रों का चक्कर काट रहे हैं। गोठा गांव के किसान करुणेंद्र राय का 160 कुंतल, ठाकुर गांव के विजय चंद राय का 150 कुंतल, सड़ासो के गिरिजा यादव का 175 कुंतल, गोठा गांव के भारतेंदु उपाध्याय का 70 कुंतल, इसी गांव के सुनील राय का 65 कुंतल, बुढावर के शरद चंद राय का 60 कुंतल धान बेचने के लिए रखा है। ऐसे ही दर्जनों किसान हैं। किसानों ने धान खरीद शुरू करने की मांग की है।
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धान खरीद बंद और बकाया भुगतान को लेकर किसानों ने किया प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
मझवारा। घोसी ब्लाक क्षेत्र में बने धान क्रय केंद्रों पर धान खरीद बंद होने से कर्ज लिए किसानों की चिंता बढ़ती ही जा रही है। क्षेत्र के साधन सहकारी समिति मझवारा पर लक्ष्य 387 एमटी के सापेक्ष 3758.60 कुंतल धान ही खरीदा जा सका है। धान बेचने के महीनों बाद भी धान खरीद का भुगतान नही किया जा सका है। परेशान किसान जहां भुगतान पाने के लिए क्रय केंद्र का चक्कर काट रहे हैं। वहीं धान बेचने के लिए शासन प्रशासन के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। शिकायत के बाद भी समस्या का निस्तारण न होने से नाराज किसानों ने साधन सहकारी समिति मझवारा परिसर में प्रदर्शन किया। साथ ही जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि शासन प्रशासन की लचर कार्यप्रणाली का खामियाजा हम किसानों को भुगतना पड़ रहा है। आनलाइन पंजीकरण कराया गया। लेकिन समय सीमा से पहले ही धान खरीद बंद कर दिया गया है। प्रदर्शनकारियों का यह भी कहना था कि पहली बार निर्धारित समय सीमा के एक माह पूर्व ही धान खरीद बंद कर दिया गया जो किसानों के हित के विपरीत है। केंद्र तथा प्रदेश सरकार की तरफ से किसानों की आय को दुगुना करने का आदेश हवा हवाई साबित हो रहा है। बैंक से कर्ज लिया गया है। फसल न बिकने से बैंक कर्ज की अदायगी नहीं हो सकी है। धान खरीद अविलंब शुरू नहीं हुई तो हम लोग धान जलाने को बाध्य हो जाएंगे। प्रदर्शन करने वालों में रामप्रताप मौर्य, सूर्यनारायण पांडेय, अभिषेक यादव, रैनभान पांडेय, रामधीर यादव, रामजनम, घूरा प्रसाद आदि शामिल रहे।
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किसानों को धान की फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए धान खरीद योजना शुरू की गई है। धान खरीद के लिए जिले में 53 धान क्रय केंद्र बनाए गए हैं। जिले में धान खरीद का लक्ष्य 71 हजार एमटी निर्धारित किया गया था। खरीद 28 फरवरी तक की जानी थी। लेकिन अधिकांश क्रय केंद्र प्रभारियों के गैर जिम्मेदाराना रवैए से लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 33 प्रतिशत ही धान खरीद हो पाई। आंकड़ों पर नजर डाला जाए तो जिले में लक्ष्य 71 हजार एमटी के सापेक्ष 3877 किसानों से 23736.77 एमटी धान की खरीद हुई। जबकि लगभग सात हजार से अधिक किसानों ने धान बेचने के लिए आनलाइन पंजीकरण कराया था। शासन की तरफ से गत 25 जनवरी को एकाएक पोर्टल बंद कर दिए जाने के बाद धान खरीद बंद हो जाने से लगभग दो हजार से अधिक किसान धान बेचने से वंचित हो गए। यही नहीं धान बेचने के महीनों बाद भी किसानों का बकाया भुगतान नहीं किया जा सका है। पीसीएफ, यूपी एग्रो सहित अन्य एजेंसियों से संबद्ध 850 किसानों का 10 करोड़ बकाया चल रहा है।
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पंजीकरण कराने के बाद भी किसान काट रहे चक्कर
कुसुम्हा। शासन की तरफ से धान खरीद बंद कर दिए जाने के बाद किसानों को घर पर रखा धान खराब होने की चिंता सताने लगी है। आनलाइन पंजीकरण कराने के बाद भी किसान क्रय केंद्रों का चक्कर काट रहे हैं। गोठा गांव के किसान करुणेंद्र राय का 160 कुंतल, ठाकुर गांव के विजय चंद राय का 150 कुंतल, सड़ासो के गिरिजा यादव का 175 कुंतल, गोठा गांव के भारतेंदु उपाध्याय का 70 कुंतल, इसी गांव के सुनील राय का 65 कुंतल, बुढावर के शरद चंद राय का 60 कुंतल धान बेचने के लिए रखा है। ऐसे ही दर्जनों किसान हैं। किसानों ने धान खरीद शुरू करने की मांग की है।
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धान खरीद बंद और बकाया भुगतान को लेकर किसानों ने किया प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
मझवारा। घोसी ब्लाक क्षेत्र में बने धान क्रय केंद्रों पर धान खरीद बंद होने से कर्ज लिए किसानों की चिंता बढ़ती ही जा रही है। क्षेत्र के साधन सहकारी समिति मझवारा पर लक्ष्य 387 एमटी के सापेक्ष 3758.60 कुंतल धान ही खरीदा जा सका है। धान बेचने के महीनों बाद भी धान खरीद का भुगतान नही किया जा सका है। परेशान किसान जहां भुगतान पाने के लिए क्रय केंद्र का चक्कर काट रहे हैं। वहीं धान बेचने के लिए शासन प्रशासन के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। शिकायत के बाद भी समस्या का निस्तारण न होने से नाराज किसानों ने साधन सहकारी समिति मझवारा परिसर में प्रदर्शन किया। साथ ही जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि शासन प्रशासन की लचर कार्यप्रणाली का खामियाजा हम किसानों को भुगतना पड़ रहा है। आनलाइन पंजीकरण कराया गया। लेकिन समय सीमा से पहले ही धान खरीद बंद कर दिया गया है। प्रदर्शनकारियों का यह भी कहना था कि पहली बार निर्धारित समय सीमा के एक माह पूर्व ही धान खरीद बंद कर दिया गया जो किसानों के हित के विपरीत है। केंद्र तथा प्रदेश सरकार की तरफ से किसानों की आय को दुगुना करने का आदेश हवा हवाई साबित हो रहा है। बैंक से कर्ज लिया गया है। फसल न बिकने से बैंक कर्ज की अदायगी नहीं हो सकी है। धान खरीद अविलंब शुरू नहीं हुई तो हम लोग धान जलाने को बाध्य हो जाएंगे। प्रदर्शन करने वालों में रामप्रताप मौर्य, सूर्यनारायण पांडेय, अभिषेक यादव, रैनभान पांडेय, रामधीर यादव, रामजनम, घूरा प्रसाद आदि शामिल रहे।