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राहत के बाद फिर से ठंड की दस्तक
ब्यूरो, मऊ, अमर उजाला
Updated Fri, 09 Jan 2015 11:24 PM IST
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कुछ दिन की राहत के बाद ठंड ने फिर दस्तक दी। गुरुवार की रात से पछुवा हवाओं के थपेड़ों से गलन में इजाफा हुआ है। इससे आम जन फिर ठंड से परेशान है। दोपहर तक सूर्य के दर्शन नहीं हुए।
इससे और भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। एक तरफ जहां तीन दिनों से ठंड से कुछ राहत मिलने के बाद लोगों में आस जगी थी कि मौसम सामान्य हो जाएगा, वहीं शुक्रवार को शीतलहर ने लोगों को परेशान किया।
ठंड का असर सरकारी कार्यालयों से लेकर बाजार एवं निजी प्रतिष्ठानों में देखा गया, लोग अलाव तापते नजर आए।
मौसम में गुरुवार की रात से अचानक बदलाव से ठंड बढ़ गई है।
तेज हवाओं से जहां आम लोगों को काफी समस्या हुई वहीं पशु पक्षी भी दुबकते नजर आ रहे हैं। तीन दिनों से मौसम साफ होने के चलते जहां लोग यह मान कर चल रहे थे कि ठंड अब काफी कम होकर धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी उन्हें काफी झटका लगा।
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अचानक तापमान में गिरावट के साथ गलन बढ़ने के बाद लोग ठंड से दिन भर कांपते नजर आए। तेज ठंड का असर यह रहा कि दिन भर सूर्य के दर्शन न होने से लोग एक तलक धूप को भी तरस गए।
इससे वह जगह-जगह अलाव की व्यवस्था करने लगे। तीन दिनों से जहां अलाव जलने वाले स्थान थे वहां भी लोग आग फूंकते नजर आए। सबसे अधिक परेशानी गरीब तबके के लोगों एवं जानवरों को उठानी पड़ रही है।
सुबह से ही मजदूर, रिक्शा चालक ठंड के बावजूद हाड़तोड़ मेहनत करते देखे गए जब कि पशु पक्षियों का भी हाल बेहाल रहा। वह भी पछुवां हवाओं से बचने के लिए आड़ खोजते नजर आए।
दोहरीघाट संवाददाता के अनुसार हाड़ कंपा देने वाली ठंड से लोगों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। पछुआ हवा से लोगों का जीना दुश्वार हो गया है। तीर की तरह सीने में लगने वाली पछुवां हवा ने लोगों को झकझोर कर रख दिया।
ठंड से दिन भर लोग कांपते रहे। इसके बावजूद सार्वजनिक स्थलों पर अलाव नहीं जलवाया जा सका है।
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इससे और भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। एक तरफ जहां तीन दिनों से ठंड से कुछ राहत मिलने के बाद लोगों में आस जगी थी कि मौसम सामान्य हो जाएगा, वहीं शुक्रवार को शीतलहर ने लोगों को परेशान किया।
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ठंड का असर सरकारी कार्यालयों से लेकर बाजार एवं निजी प्रतिष्ठानों में देखा गया, लोग अलाव तापते नजर आए।
मौसम में गुरुवार की रात से अचानक बदलाव से ठंड बढ़ गई है।
तेज हवाओं से जहां आम लोगों को काफी समस्या हुई वहीं पशु पक्षी भी दुबकते नजर आ रहे हैं। तीन दिनों से मौसम साफ होने के चलते जहां लोग यह मान कर चल रहे थे कि ठंड अब काफी कम होकर धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी उन्हें काफी झटका लगा।
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अचानक तापमान में गिरावट के साथ गलन बढ़ने के बाद लोग ठंड से दिन भर कांपते नजर आए। तेज ठंड का असर यह रहा कि दिन भर सूर्य के दर्शन न होने से लोग एक तलक धूप को भी तरस गए।
इससे वह जगह-जगह अलाव की व्यवस्था करने लगे। तीन दिनों से जहां अलाव जलने वाले स्थान थे वहां भी लोग आग फूंकते नजर आए। सबसे अधिक परेशानी गरीब तबके के लोगों एवं जानवरों को उठानी पड़ रही है।
सुबह से ही मजदूर, रिक्शा चालक ठंड के बावजूद हाड़तोड़ मेहनत करते देखे गए जब कि पशु पक्षियों का भी हाल बेहाल रहा। वह भी पछुवां हवाओं से बचने के लिए आड़ खोजते नजर आए।
दोहरीघाट संवाददाता के अनुसार हाड़ कंपा देने वाली ठंड से लोगों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। पछुआ हवा से लोगों का जीना दुश्वार हो गया है। तीर की तरह सीने में लगने वाली पछुवां हवा ने लोगों को झकझोर कर रख दिया।
ठंड से दिन भर लोग कांपते रहे। इसके बावजूद सार्वजनिक स्थलों पर अलाव नहीं जलवाया जा सका है।