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पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहे अधिवक्ता

Fri, 20 May 2022 09:42 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 20 May 2022 09:42 PM IST
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Advocates abstaining from judicial work for the whole day
मऊ। विशेष सचिव प्रफुल्ल कमल तथा अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी के पत्र को लेकर बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर शुक्रवार को जिले के अधिवक्ता विरोध स्वरूप पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहे। इस दौरान अधिवक्ताओं ने जुलूस निकालकर राज्यपाल को संबोधित पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट त्रिभुवन को सौंपा। अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत रहने के चलते वादकारियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। सिविल कोर्ट सेंट्रल बार एसोसिएशन की बैठक शुक्रवार को संघ के पुस्तकालय भवन में हुई । इसमें विशेष सचिव प्रफुल्ल कमल और अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी के पत्र पर विचार विमर्श किया गया ।अधिवक्ताओं ने पत्र को अधिवक्ता के सम्मान पर कुठाराघात करने का आरोप लगाया। साथ ही तत्काल प्रभाव से उसे वापस लेने की मांग की। अध्यक्षता वीरेंद्र बहादुर पाल और संचालन महामंत्री ने किया। बैठक के बाद सिविल कोर्ट सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वीरेंद्र बहादुर पाल और महामंत्री तथा डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष व त्रिपाठी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने जुलूस निकालकर पांच सूत्री मांगों के संबंध में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा। ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने विशेष सचिव व अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी के पत्र से अधिवक्तागण का आत्मसम्मान प्रभावित हुआ है । अधिवक्ताओं का कहना है कि अपर मुख्य सचिव का पत्र न केवल एक तरफा अपितु संविधान द्वारा प्रदत्त सभी को न्याय के संरक्षण से वंचित करता है, इसलिए इसे वापस किया जाए ,न्यायालयों में माफियाओं तथा भ्रष्ट प्रशासनिक अधिकारियों के विरुद्ध वकालत करने से अधिवक्ता असुरक्षा की भावना के चलते बचता है लिहाजा अधिवक्तागण की सुरक्षा हेतु आवश्यक कदम उठाएं। न्यायालयों में अधिवक्ताओं को कोर्ट अधिकारी का बर्ताव करते हुए अमर्यादित टिप्पणी न की जाए । बल्कि अधिवक्तागण को न्याय प्रणाली का अंग मानते हुए उचित सम्मान दिया जाए। अधिवक्ता गण के मामलों में राजस्व अधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों द्वारा लगातार बढ़ती जा रही घोर उपेक्षा लापरवाही के दृष्टिगत जनपद स्तर पर समिति बने, जो अधिवक्तागण के मामलों का त्वरित समाधान करें। ज्ञापन में उल्लेख किया है कि यदि अधिवक्ताओं को विश्वास में लेकर उपचारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो बार काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश के निर्देश पर अधिवक्तागण चरणबद्ध आंदोलन करने को विवश होंगे। इस दौरान सिविल कोड सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वीरेंद्र बहादुर पाल महामंत्री ऋषिकेश सिंह,डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ईश्वर चंद्र त्रिपाठी, लालज पांडेय, अरविंद तिवारी, प्रदीप सिंह,उमेश सिंह आदि अधिवक्ता शामिल रहे।
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पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहे अधिवक्ता
राज्यपाल को संबोधित 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा
संवाद न्यूज एजेंसी
मऊ। विशेष सचिव प्रफुल्ल कमल के पत्र दिनांक 14 मई तथा अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी का पत्र दिनांक 15 मई को लेकर बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर शुक्रवार को जिले के अधिवक्ता विरोध स्वरूप पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहे। इस दौरान अधिवक्ताओं ने जुलूस निकालकर 5 सूत्रीय मांगों को लेकर राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट त्रिभुवन को सौंपा।अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत रहने के चलते वादकारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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