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छेड़खानी के मामले में आरोपी दोषमुक्त, पीड़िता के विरुद्ध प्रकीर्ण वाद दर्ज
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मऊ। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सुरेश कुमार गुप्ता ने नाबालिग के साथ छेड़छाड़ करने और जालसाजी कर रुपया तथा गहना हड़प लेने के मामले में आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। वहीं पीड़िता के विरुद्ध कोर्ट में झूठा साक्ष्य देने तथा 164 सीआरपीसी के बयान से मुकर जाने पर उसके विरुद्ध प्रकीर्ण वाद दर्ज कर नोटिस जारी करने का आदेश दिया। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए 21 नवंबर की तिथि नियत किया। मामला सरायलखंसी थाना क्षेत्र का है।
अभियोजन के अनुसार पीड़िता का आरोप था कि आरोपी ने जीएनएम कोर्स के लिए उससे 50 हजार रुपया तथा गहना लिया। न तो एडमिशन कराया न ही रुपया और गहना वापस किया। यही नहीं एडमिशन के बहाने ले जाकर उसके साथ छेड़छाड़ किया। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना सरायलखंसी क्षेत्र के सरवां गांव निवासी अमरजीत के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक विमल कुमार श्रीवास्तव और प्रवीण मिश्रा ने गवाहों को पेश कर अपना पक्ष रखा।
पीड़िता अपनी तहरीर तथा मजिस्ट्रेट के समक्ष धारा 164 सीआरपीसी के बयान से मुकर गई। एडीजे ने आरोपी अमरजीत को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। वहीं झूठा बयान देने पर पीड़िता के विरुद्ध प्रकीर्ण वाद दर्ज कर नोटिस जारी करने का आदेश दिया। साथ ही मामले की सुनवाई के लिए 21 नवंबर की तिथि नियत किया।
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अभियोजन के अनुसार पीड़िता का आरोप था कि आरोपी ने जीएनएम कोर्स के लिए उससे 50 हजार रुपया तथा गहना लिया। न तो एडमिशन कराया न ही रुपया और गहना वापस किया। यही नहीं एडमिशन के बहाने ले जाकर उसके साथ छेड़छाड़ किया। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना सरायलखंसी क्षेत्र के सरवां गांव निवासी अमरजीत के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक विमल कुमार श्रीवास्तव और प्रवीण मिश्रा ने गवाहों को पेश कर अपना पक्ष रखा।
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पीड़िता अपनी तहरीर तथा मजिस्ट्रेट के समक्ष धारा 164 सीआरपीसी के बयान से मुकर गई। एडीजे ने आरोपी अमरजीत को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। वहीं झूठा बयान देने पर पीड़िता के विरुद्ध प्रकीर्ण वाद दर्ज कर नोटिस जारी करने का आदेश दिया। साथ ही मामले की सुनवाई के लिए 21 नवंबर की तिथि नियत किया।
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