{"_id":"61-102632","slug":"Mau-102632-61","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब भी पुलिस से दूर है शातिर काका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब भी पुलिस से दूर है शातिर काका
Mau
Updated Tue, 16 Jul 2013 05:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मऊ। पखईपुर हत्याकांड में वांछित 12 हजार का इनामी बदमाश रमेश सिंह काका अपने दो गुर्गों के साथ अब भी पुलिस की पहुंच से दूर है। वह कब पकड़ा जाएगा। इसका जवाब सरायलखंसी थानाध्यक्ष, स्वाट टीम या खुद पुलिस अधीक्षक किसी के पास नहीं है। काका की गिरफ्तारी को लेकर अब पीडि़त पक्ष की निगाहें एक अरसे बाद जिले में आ रहे आईजी जोन जीएल मीणा की ओर टिकी हैं।
सरायलखंसी थाना क्षेत्र के पखईपुर में बीते 10 फरवरी को विजयबहादुर सिंह की हत्या उसके घर के सामने गोली मार की गई थी। मामले को लेकर मृतक के भाई प्रदीप सिंह की तहरीर पर रमेश सिंह काका, पखईपुर प्रधानपति अरविंद सिंह और दरोगा सिंह पर नामजद मुकदमा दर्ज हुआ। आरोपियों के फरार रहने पर उनकी संपत्ति की कुर्की के बाद डीआईजी आजमगढ़ ने काका पर 12 हजार का, अरविंद पर पांच हजार का और दरोगा पर 25 सौ रुपये का पुरस्कार घोषित किया। लेकिन इसके बाद भी जनपद पुलिस की निष्क्रियता से काका और उसके दोनों गुर्गे गिरफ्तार नहीं हो सके। समूचे प्रकरण को लेकर प्रदीप सिंह ने बताया कि आज भी हमारा पूरा परिवार चैन से सो नहीं पाता है। सुलह-समझौते के लिए भी प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष तरीके से हम पर दबाव बनाने की कोशिश की जाती है। मेरे भाई को मेरे माता-पिता समेत पूरे परिवार के सामने हत्यारों ने मारा था। हम थानाध्यक्ष से लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय का चक्कर काटते-काटते थक गए। लेकिन तीनों हत्यारे आखिर कब गिरफ्तार होंगे, यह बताने की स्थिति में कोई नहीं है।
इनसेट
नहीं हो रहा लूट-चोरियों का खुलासा
मऊ। हलधरपुर, रानीपुर, मधुबन और चिरैयाकोट थाना क्षेत्रों में बीते दिनों व्यापक पैमाने पर चोरी-छिनैती और लूट की घटनाएं हुई। लेकिन उनका खुलासा कब होगा, चोर-लुटेरे कब पकड़े जाएंगे, आमजन की नकदी-जेवरात कब तक बरामद हो सकेंगे। यह बताने वाला भी जिले में कोई नहीं है। और तो और पुलिस पीडि़तों की एफ आई आर दर्ज करने में भी आनाकानी करती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सरायलखंसी थाना क्षेत्र के पखईपुर में बीते 10 फरवरी को विजयबहादुर सिंह की हत्या उसके घर के सामने गोली मार की गई थी। मामले को लेकर मृतक के भाई प्रदीप सिंह की तहरीर पर रमेश सिंह काका, पखईपुर प्रधानपति अरविंद सिंह और दरोगा सिंह पर नामजद मुकदमा दर्ज हुआ। आरोपियों के फरार रहने पर उनकी संपत्ति की कुर्की के बाद डीआईजी आजमगढ़ ने काका पर 12 हजार का, अरविंद पर पांच हजार का और दरोगा पर 25 सौ रुपये का पुरस्कार घोषित किया। लेकिन इसके बाद भी जनपद पुलिस की निष्क्रियता से काका और उसके दोनों गुर्गे गिरफ्तार नहीं हो सके। समूचे प्रकरण को लेकर प्रदीप सिंह ने बताया कि आज भी हमारा पूरा परिवार चैन से सो नहीं पाता है। सुलह-समझौते के लिए भी प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष तरीके से हम पर दबाव बनाने की कोशिश की जाती है। मेरे भाई को मेरे माता-पिता समेत पूरे परिवार के सामने हत्यारों ने मारा था। हम थानाध्यक्ष से लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय का चक्कर काटते-काटते थक गए। लेकिन तीनों हत्यारे आखिर कब गिरफ्तार होंगे, यह बताने की स्थिति में कोई नहीं है।
विज्ञापन
इनसेट
नहीं हो रहा लूट-चोरियों का खुलासा
मऊ। हलधरपुर, रानीपुर, मधुबन और चिरैयाकोट थाना क्षेत्रों में बीते दिनों व्यापक पैमाने पर चोरी-छिनैती और लूट की घटनाएं हुई। लेकिन उनका खुलासा कब होगा, चोर-लुटेरे कब पकड़े जाएंगे, आमजन की नकदी-जेवरात कब तक बरामद हो सकेंगे। यह बताने वाला भी जिले में कोई नहीं है। और तो और पुलिस पीडि़तों की एफ आई आर दर्ज करने में भी आनाकानी करती है।
विज्ञापन