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मशीनों के अभाव में लटका नौनिहालों के आधार कार्ड बनाने का काम
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मऊ। स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ रहे बच्चों के आधार कार्ड बनाने का काम निदेशालय की उदासीनता के चलते अधर में लटक गया है। पांच साल तक के 105476 नौनिहालों के आधार कार्ड बनाए जाने हैं। इसके लिए नवंबर 2018 में 20 कर्मचारियों को यूआईडीआई के मास्टर ट्रेनरों ने प्रशिक्षण दिया था लेकिन अभी तक निदेशालय ने विभाग को आधार कार्ड बनाने वाली मशीनें ही नहीं उपलब्ध कराईं।
जिले के 2587 आंगनबाड़ी केंद्रों पर पांच महीने से लेकर छह साल तक के 229120 बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें 105476 बच्चों के आधार कार्ड नहीं हैं। वहीं, परिषदीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए बच्चे की उम्र न्यूनतम छह वर्ष निर्धारित है लेकिन स्कूलों के शिक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आयु के मानक दरकिनार कर एडमीशन ले लेते हैं। एक ही बच्चे के नाम दोनों जगह लिखकर फर्जीवाड़ा किया जाता है। फर्जीवाड़ा पर शिकंजा कसने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों में दाखिला लेने वाले नौनिहालों के आधार कार्ड बनाए जाने हैं। इसके लिए 20 कर्मचारियों को आधार कार्ड बनाने का प्रशिक्षण नवंबर में दिया गया था। प्रशिक्षण के बाद निदेशालय से ब्लाक स्तर पर आधार कार्ड मशीनें उपलब्ध कराई जानी थीं लेकिन अभी तक मशीनें नहीं आईं। इसके चलते आधार कार्ड बनाने का काम शुरू नहीं हो सका। इस बाबत जिला कार्यक्रम अधिकारी केएम पांडेय का कहना है कि निदेशालय से मशीनें आते ही बच्चों के आधार कार्ड बनाने का काम शुरू करा दिया जाएगा।
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जिले के 2587 आंगनबाड़ी केंद्रों पर पांच महीने से लेकर छह साल तक के 229120 बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें 105476 बच्चों के आधार कार्ड नहीं हैं। वहीं, परिषदीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए बच्चे की उम्र न्यूनतम छह वर्ष निर्धारित है लेकिन स्कूलों के शिक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आयु के मानक दरकिनार कर एडमीशन ले लेते हैं। एक ही बच्चे के नाम दोनों जगह लिखकर फर्जीवाड़ा किया जाता है। फर्जीवाड़ा पर शिकंजा कसने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों में दाखिला लेने वाले नौनिहालों के आधार कार्ड बनाए जाने हैं। इसके लिए 20 कर्मचारियों को आधार कार्ड बनाने का प्रशिक्षण नवंबर में दिया गया था। प्रशिक्षण के बाद निदेशालय से ब्लाक स्तर पर आधार कार्ड मशीनें उपलब्ध कराई जानी थीं लेकिन अभी तक मशीनें नहीं आईं। इसके चलते आधार कार्ड बनाने का काम शुरू नहीं हो सका। इस बाबत जिला कार्यक्रम अधिकारी केएम पांडेय का कहना है कि निदेशालय से मशीनें आते ही बच्चों के आधार कार्ड बनाने का काम शुरू करा दिया जाएगा।
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