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मदरसों में पसंद की जा रही एनसीईआरटी की पुस्तकें
Updated Thu, 12 Jul 2018 12:45 AM IST
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मऊ। सरकार की तरफ से मदरसों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम के तहत तालीम दिए जाने की योजना है। मदरसा बोर्ड द्वारा मदरसों में भेजी गई एनसीईआरटी की पुस्तकों को मदरसा प्रशासन ने पंसद भी किया है। अधिकांश मदरसा प्रबंधकों ने कहा कि इन पुस्तकों से बच्चों को फायदा मिलेगा। कुछ किताबें उर्दू में ही चलती है। ऐसे में एनसीईआरटी की किताबें उर्दू में उपलब्ध कराया जाए तो बेहतर है। उधर, विभाग ने मदरसा प्रबंधकों से इस बारे में सुझाव मांगे हैं।
जिले में 38 सहायता प्राप्त और 155 मान्यता प्राप्त मदरसे हैं। यहां एनसीईआरटी की किताबें उर्दू, हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं में लाने की योजना है। हालांकि इन किताबों के साथ मजहबी किताबें भी पढ़ाई जाएगी। कई मदरसों में पहली कक्षा में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम के अनुरुप पढ़ाई भी शुरू हो गई है। मदरसा बहरुलउलूम के प्रबंधक अब्दुर्रहमान शम्सी का कहना था कि एनसीईआरटी की पुस्तकों से कक्षा एक से पढ़ाई शुरू करा दी गई है। इन्हें अन्य कक्षाओं में भी पढ़ाया जाएगा। मदरसा दारुल ओलूम के अहमद जकी कहते हैं कि मदरसा में कुछ किताबें उर्दू में पढ़ाई जाती है। इन्हें सर्व शिक्षा अभियान के तहत पहली से आठवीं तक एनसीईआरटी पैटर्न पर नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाए। तालीमुद्दीन मदरसा के प्रबंधक अनवारुलहक नेशनल का कहना था कि विभाग की तरफ से एनसीईआरटी की आई पुस्तकें शिक्षकों तथा बच्चों को काफी पसंद आ रही।
इस बाबत जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी लालमन का कहना है कि एनसीईआरटी की किताबें एच्छिक हैं। मदरसा प्रबंधकों से एनसीईआरटी की किताबें किस भाषा में चाहते हैं, सुझाव मांगा गया है।
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जिले में 38 सहायता प्राप्त और 155 मान्यता प्राप्त मदरसे हैं। यहां एनसीईआरटी की किताबें उर्दू, हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं में लाने की योजना है। हालांकि इन किताबों के साथ मजहबी किताबें भी पढ़ाई जाएगी। कई मदरसों में पहली कक्षा में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम के अनुरुप पढ़ाई भी शुरू हो गई है। मदरसा बहरुलउलूम के प्रबंधक अब्दुर्रहमान शम्सी का कहना था कि एनसीईआरटी की पुस्तकों से कक्षा एक से पढ़ाई शुरू करा दी गई है। इन्हें अन्य कक्षाओं में भी पढ़ाया जाएगा। मदरसा दारुल ओलूम के अहमद जकी कहते हैं कि मदरसा में कुछ किताबें उर्दू में पढ़ाई जाती है। इन्हें सर्व शिक्षा अभियान के तहत पहली से आठवीं तक एनसीईआरटी पैटर्न पर नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाए। तालीमुद्दीन मदरसा के प्रबंधक अनवारुलहक नेशनल का कहना था कि विभाग की तरफ से एनसीईआरटी की आई पुस्तकें शिक्षकों तथा बच्चों को काफी पसंद आ रही।
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इस बाबत जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी लालमन का कहना है कि एनसीईआरटी की किताबें एच्छिक हैं। मदरसा प्रबंधकों से एनसीईआरटी की किताबें किस भाषा में चाहते हैं, सुझाव मांगा गया है।
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