{"_id":"5a3e9c4e4f1c1bc20a8b4721","slug":"91514052686-mau-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जांच टीम को मिली दो दर्जन आवासों में अनियमितता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जांच टीम को मिली दो दर्जन आवासों में अनियमितता
Updated Sat, 23 Dec 2017 11:41 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुसुम्हा। दोहरीघाट ब्लाक क्षेत्र के भैसाखरग गांव में किए गए आवास आवंटन में व्यापक पैमाने पर बरती गई अनियमितता के मामले में ग्रामीणों की शिकायत पर तीन सदस्यीय टीम ने शनिवार को जांच किया। जांच टीम के धमकने से हड़कंप की स्थिति रही।
क्षेत्र के भैसाखरग गांव में आवास आवंटन में जमकर अनियमितता बरती गई है। एक ही व्यक्ति को बार-बार आवास योजना का लाभ दे दिया गया है। जबकि पात्रों को वंचित कर दिया गया है। इस मामले में ग्रामीणों ने मुख्य विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपा था। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने के लिए उन्होंने खंड विकास अधिकारी को निर्देश दिया। खंड विकास अधिकारी ने आवास अनियमितता के मामले में एडीओ पंचायत हृदयेश पांडेय, एडीओ जुल्फेकार अहमद, रामाश्रय मल्ल सहित तीन सदस्यीय टीम गठित की। तीन सदस्यीय टीम ने शनिवार को गांव जाकर जांच किया। जांच में पाया कि वर्ष 2017-18 मेें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 34 लोगों को आवास योजना का लाभ दिया गया है।जिसमें से दो दर्जन ऐसे लाभार्थी जो आवास योजना का लाभ ले चुके थे। जांच टीम के गांव में धमकते ही ग्रामीणों ने शिकायत दर्ज कराई। जांच टीम के अधिकारियों ने कहा कि जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी जाएगी।
विज्ञापन
क्षेत्र के भैसाखरग गांव में आवास आवंटन में जमकर अनियमितता बरती गई है। एक ही व्यक्ति को बार-बार आवास योजना का लाभ दे दिया गया है। जबकि पात्रों को वंचित कर दिया गया है। इस मामले में ग्रामीणों ने मुख्य विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपा था। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने के लिए उन्होंने खंड विकास अधिकारी को निर्देश दिया। खंड विकास अधिकारी ने आवास अनियमितता के मामले में एडीओ पंचायत हृदयेश पांडेय, एडीओ जुल्फेकार अहमद, रामाश्रय मल्ल सहित तीन सदस्यीय टीम गठित की। तीन सदस्यीय टीम ने शनिवार को गांव जाकर जांच किया। जांच में पाया कि वर्ष 2017-18 मेें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 34 लोगों को आवास योजना का लाभ दिया गया है।जिसमें से दो दर्जन ऐसे लाभार्थी जो आवास योजना का लाभ ले चुके थे। जांच टीम के गांव में धमकते ही ग्रामीणों ने शिकायत दर्ज कराई। जांच टीम के अधिकारियों ने कहा कि जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी जाएगी।
विज्ञापन