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पांच माह से नवीन भवन में हैंडओवर होने की बाट जोह रहा है जर्जर महिला अस्पताल

Sat, 22 Sep 2018 10:16 PM IST
Updated Sat, 22 Sep 2018 10:16 PM IST
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पांच माह से नवीन भवन में हैंडओवर होने की बाट जोह रहा है जर्जर महिला अस्पताल

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मऊ। करोड़ों की लागत से जिला महिला चिकित्सालय का भवन बनकर तैयार हो जाने के छह माह बाद भी विभाग को हैंडओवर नहीं किया जा सका है। इसके चलते अस्पताल का संचालन जर्जर भवन में हो रहा है। साथ ही आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं बहाल नहीं की जा सकी हैं। जबकि अस्पताल को नए भवन में स्थानांतरित करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से दो माह पूर्व ही फरमान जारी किया गया था। वहीं अस्पताल प्रशासन की तरफ से हैंडओवर करने की प्रक्रिया जल्द पूरी कर लेने का दावा किया गया है।
जिला महिला अस्पताल का भवन जर्जर होने के चलते वर्ष 2014 में अस्पताल के नए भवन के निर्माण लिए 19.25 करोड़ रुपये अवमुक्त किया गया था। जहां मार्च 2015 से आवासीय निर्माण निगम संस्था द्वारा निर्माण कार्य शुरू किया गया, जो वर्ष 2016 में पूरा हो जाना था। लेकिन संस्था द्वारा सात मंजिला भवन को वर्ष 2016 में ही तैयार करके कार्यदायी संस्था को हैंडओवर करना था, लेकिन बजट का अभाव दिखाकर कार्यदायी संस्था ने काम बंद कर दिया। इस बीच विधान सभा चुनाव होने कारण यह भवन 2017 में भी पूरा नहीं हो सका। बजट मिलने पर कार्यदायी संस्था द्वारा मार्च 2018 में सात मंजिला नवीन भवन का निर्माण पूरा करा दिया गया। लेकिन बनने के पांच माह बाद भी नवीन भवन में महिला अस्पताल को हस्तांतरित नहीं किया जा सका है। वहीं अगस्त 2018 में बारिश के दौरान अस्पताल भवन से मलबा गिरने और करेंट प्रवाहित होते देखकर अस्पताल प्रबंधन ने जर्जर क्षेत्र के कक्षों पर ताला लगाने के साथ मरीजों को भर्ती करना बंद कर दिया। इस संबंध में अमर उजाला द्वारा प्रकाशित समाचार पर सीडीओ आशुतोष द्विवेदी ने पीडब्लूडी के इंजीनियरों के साथ अस्पताल पहुंचकर निरीक्षण किया था। जहां पीडब्लूडी के अधिकारियों द्वारा किए गए सर्वे में कंडम भवन की रिपोर्ट और खुद अस्पताल की दशा को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन को बिना हैंडओवर हुए ही नए भवन में मरीजों को शिफ्ट करने का आदेश जारी किया था। लेकिन इसके बाद भी आज तक अस्पताल को नए भवन में शिफ्ट नहीं किया जा सका। इसके चलते अस्पताल में आने वाले महिला मरीजों का उपचार पुराने भवन में किया जा रहा है। इसके अलावा अस्पताल में तैनात डाक्टर और कर्मचारी भी जर्जर भवन से आए दिन मलबा गिरने से हमेशा डर के साए में काम करने को मजबूर हैं।
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इस बावत सीएमओ कार्यालय के अवर अभियंता फैजुलहक अंसारी ने बताया कि भवन का कार्य लगभग पूरा हो चुका है, कार्यदायी संस्था द्वारा हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। जल्द ही पुराने अस्पताल को नवीन भवन में हैंडओवर करने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
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