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विधिविधान से संपन्न हुई काशीदास की पूजा, जयकारे से गूंजा पांडाल
Updated Thu, 10 May 2018 11:56 PM IST
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कोपागंज ब्लॉक के गुरुवार को कसारा गांव निवासी कैलाश यादव की देखरेख में काशी दास बाबा का पूजन कार्यक्रम विधिविधान से संपन्न हुई। पूजा के दौरान श्रीकृष्ण, मां वनसप्ती, बाबा काशी दास के जयकारे से क्षेत्र गूंज उठा, इस दौरान वातावरण भक्तिमय हो गया। पंथी छोटे लाल ने विधिविधान से पूजा को संपन्न कराया।
इस दौरान पंथी ने वनसप्ती के जयकारों और मंत्रोच्चारण के बीच स्वत: स्फूर्त अग्नि प्रज्वलित कर यग्यशाला में आग को जलाया। पंथी ने शक्ति स्वरूपा कुमारी कन्याओं एवं बाल गोपालों का पूजन किया। पंथी ने उपस्थित श्रद्धालुओं को समझाया कि पृथ्वी पर सबसे बड़े देवता माता पिता हैं। इसलिए मानव को सबसे पहले माता पिता की सेवा करना चाहिए। उन्होंने सदाचार पर जोर देते हुए कहा कि छल छद्म से दूर रहने वाला प्राणी सदैव सुखी रहता है। पूजा के माध्यम से समझाया कि बाबा काशी दास सरल हृदय और भगवान श्रीकृष्ण के अनन्य भक्त थे, इसलिए वे भगवान के परम प्रिय हुए। पंथी ने बताया कि समाज में एक भ्रांति आ गई है कि काशी दास की पूजा केवल यदुवंशी ही कराते हैं। इनकी पूजा सबको करना चाहिए। पूजन के बाद सभी को प्रसाद वितरित किया गया।
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इस दौरान पंथी ने वनसप्ती के जयकारों और मंत्रोच्चारण के बीच स्वत: स्फूर्त अग्नि प्रज्वलित कर यग्यशाला में आग को जलाया। पंथी ने शक्ति स्वरूपा कुमारी कन्याओं एवं बाल गोपालों का पूजन किया। पंथी ने उपस्थित श्रद्धालुओं को समझाया कि पृथ्वी पर सबसे बड़े देवता माता पिता हैं। इसलिए मानव को सबसे पहले माता पिता की सेवा करना चाहिए। उन्होंने सदाचार पर जोर देते हुए कहा कि छल छद्म से दूर रहने वाला प्राणी सदैव सुखी रहता है। पूजा के माध्यम से समझाया कि बाबा काशी दास सरल हृदय और भगवान श्रीकृष्ण के अनन्य भक्त थे, इसलिए वे भगवान के परम प्रिय हुए। पंथी ने बताया कि समाज में एक भ्रांति आ गई है कि काशी दास की पूजा केवल यदुवंशी ही कराते हैं। इनकी पूजा सबको करना चाहिए। पूजन के बाद सभी को प्रसाद वितरित किया गया।
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