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कोई भी बच्चा लाल श्रेणी में नहीं रहना चाहिए:सीडीओ
Updated Sat, 01 Dec 2018 11:31 PM IST
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मऊ। जिला पोषण समिति, जनपदस्तरीय कंवर्जेंस समिति एवं गांव गोद लिए अधिकारियों की बैठक विकास भवन के सभागार में हुई। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि माह अक्तूबर में लाल श्रेणी में से पीली श्रेणी में 878 बच्चों को लाया गया। इसमें और प्रगति लाने के जरूरत है। मुख्य विकास अधिकारी ने गांव गोद लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि कोई भी बच्चा लाल श्रेणी में नही रहना चाहिए।
उन्होंने इसमें जो भी कमियां हैं उसको जल्द से जल्द पूर्ण करा लें तथा जितने भी बच्चे लाल श्रेणी में है उनको पीली श्रेणी लाने के निर्देश दिया। सीडीओ ने द्वारा जन्म के समय कम वजन के पैदा होने वाले बच्चों, छह साल से कम आयु के कम वजन के बच्चों की संख्या, छह से 59 माह तक के बच्चों में व्याप्त एनीमिया प्रकरणों में कमी तथा महिलाओं और किशोरियों में व्याप्त एनीमिया प्रकरणों में कमी लाने के निर्देश गांव गोद लिए अधिकारियों को दिया। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा जिन अधिकारियों की माह अक्तूबर की रिपोर्ट नहीं मिली है वे जल्द प्राप्त करा दें। गांव गोद लिए गए सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि संबंधित अधिकारियों द्वारा गांव की गर्भवती महिलाओं का चिह्निकरण कराकर उन्हें पोषण आहार दिलाएं। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, मुख्य चिकित्साधिकारी, उपकृषि निदेशक, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी तथा सभी सीडीपीओ आदि शामिल रहे।
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उन्होंने इसमें जो भी कमियां हैं उसको जल्द से जल्द पूर्ण करा लें तथा जितने भी बच्चे लाल श्रेणी में है उनको पीली श्रेणी लाने के निर्देश दिया। सीडीओ ने द्वारा जन्म के समय कम वजन के पैदा होने वाले बच्चों, छह साल से कम आयु के कम वजन के बच्चों की संख्या, छह से 59 माह तक के बच्चों में व्याप्त एनीमिया प्रकरणों में कमी तथा महिलाओं और किशोरियों में व्याप्त एनीमिया प्रकरणों में कमी लाने के निर्देश गांव गोद लिए अधिकारियों को दिया। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा जिन अधिकारियों की माह अक्तूबर की रिपोर्ट नहीं मिली है वे जल्द प्राप्त करा दें। गांव गोद लिए गए सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि संबंधित अधिकारियों द्वारा गांव की गर्भवती महिलाओं का चिह्निकरण कराकर उन्हें पोषण आहार दिलाएं। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, मुख्य चिकित्साधिकारी, उपकृषि निदेशक, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी तथा सभी सीडीपीओ आदि शामिल रहे।
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