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जिला अस्पताल में नदारद है एंटी रैबिज इंजेशन, मरीज हलकान
Updated Mon, 17 Sep 2018 11:34 PM IST
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मऊ। जिला अस्पताल में पिछले नौ दिनों से एंटी रैबीज इंजेक्शन नहीं है। इससे यहां पर आने वाले मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एंटी रैबीज इंजेक्शन खत्म होने की सूचना अस्पताल के बोर्ड पर चस्पा है। फिरभी हर दिन लोग यहां आ रहे हैं और बाहर से इंजेक्शन खरीदकर लगवाने को मजबूर हो रहे हैं।
जिले में आवारा कुत्तों के काटने से केवल जिला अस्पताल में ही हर रोज 50 से ज्यादा मरीज आते हैं। लेकिन विगत 6 सितंबर 2018 से अस्पताल में एंटी रैबीज इंजेक्शन खत्म होने के चलते यहां आने वाले जहां गरीब मरीजों को बैरंग लौटना पड़ रहा है। वहीं दूसरे लोग मजबूरी के चलते बाहर से इंजेक्शन खरीदकर लगवा रहे है। शनिवार को मुहम्मदाबाद के वलीदपुर से आए अनिल ने बताया कि शुक्रवार की शाम उसे आवारा कुत्ते ने काट लिया था। जहां शनिवार को इंजेक्शन लगवाने के लिए अस्पताल आया। लेकिन एंटी रैबीज इंजेक्शन न होने पर उसने बाहर से इंजेक्शन खरीदकर लगवाया। वहीं कोपागंज के कोपाकोहना निवासी रमेश, रतनपुरा ब्लॉक के ढैंचा निवासी उमेश ने इंजेक्शन न होने के चलते बैरंग लौटने की बात कही। रैबीज इंजेक्शन खत्म होने की सूचना अस्पताल प्रशासन ने चस्पा कर रखी है, लेकिन फिरभी रोजाना बड़ी संख्या में अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। इस बावत सीएमएस डॉ. बृजकुमार का कहना है कि रैबीज की डिमांड भेजी जा चुकी है। शीघ्र ही स्टॉक आने पर मरीजों का उपचार शुरू कर दिया जाएगा।
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जिले में आवारा कुत्तों के काटने से केवल जिला अस्पताल में ही हर रोज 50 से ज्यादा मरीज आते हैं। लेकिन विगत 6 सितंबर 2018 से अस्पताल में एंटी रैबीज इंजेक्शन खत्म होने के चलते यहां आने वाले जहां गरीब मरीजों को बैरंग लौटना पड़ रहा है। वहीं दूसरे लोग मजबूरी के चलते बाहर से इंजेक्शन खरीदकर लगवा रहे है। शनिवार को मुहम्मदाबाद के वलीदपुर से आए अनिल ने बताया कि शुक्रवार की शाम उसे आवारा कुत्ते ने काट लिया था। जहां शनिवार को इंजेक्शन लगवाने के लिए अस्पताल आया। लेकिन एंटी रैबीज इंजेक्शन न होने पर उसने बाहर से इंजेक्शन खरीदकर लगवाया। वहीं कोपागंज के कोपाकोहना निवासी रमेश, रतनपुरा ब्लॉक के ढैंचा निवासी उमेश ने इंजेक्शन न होने के चलते बैरंग लौटने की बात कही। रैबीज इंजेक्शन खत्म होने की सूचना अस्पताल प्रशासन ने चस्पा कर रखी है, लेकिन फिरभी रोजाना बड़ी संख्या में अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। इस बावत सीएमएस डॉ. बृजकुमार का कहना है कि रैबीज की डिमांड भेजी जा चुकी है। शीघ्र ही स्टॉक आने पर मरीजों का उपचार शुरू कर दिया जाएगा।
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