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नगवां गांव में त्रिस्तरीय जांच टीम ने किया जांच पड़ताल
Updated Sun, 06 May 2018 12:08 AM IST
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रतनपुरा। डीसी मनरेगा तेजभान सिंह के नेतृत्व में त्रिस्तरीय जांच टीम ने शनिवार को क्षेत्र के नगवा गांव में मनरेगा के तहत कराए गए विकास कार्यों में गोलमाल के मामले में जांच पड़ताल किया। इस दौरान ग्रामीणों ने भी जांच टीम से शिकायत दर्ज कराया। डीसी मनरेगा ने जांच में ग्रामीणों का आरोप सही पाया। इससे एपीओ सहित तीन के खिलाफ कार्रवाई तय मानी जा रही है। रतनपुरा ब्लाक क्षेत्र के नगवा गांव में वर्ष 2017-18 में लगभग 25 लाख की लागत से नाला खुदाई, इंटरलाकिंग, पोखरी सहित तमाम विकास कार्य कराए गए। पोखरी, नाला खुदाई सहित तमाम विकास कार्यों में जमकर धन की बंदरबांट की गई है। ग्रामीणों की शिकायत पर खंड विकास अधिकारी ने त्रिस्तरीय जांच टीम गठित कर जांच कराई थी। जांच में ग्रामीणों की शिकायत सही पाई गई थी। इसके बाद ग्राम प्रधान ने मामले की दुबारा जांच कराने के लिए डीसी मनरेगा को शिकायती पत्र दिया था। डीसी मनरेगा के नेतृत्व में त्रिस्तरीय सदस्यीय टीम ने गांव में हुए विकास कार्यों की जांच किया। जांच में नाला खुदाई, पोखरी खुदाई सहित तमाम विकास कार्यों का गहनता से पड़ताल किया। जांच पड़ताल में अधिकारियों को ग्रामीणों का आरोप सही मिला। इससे मनरेगा एपीओ, ग्राम प्रधान, तत्कालीन तकनीकी सहायक, सेक्रेटरी के खिलाफ कार्रवाई तय मानी जा रही है। उधर जांच टीम के आने की जानकारी होते ही पूर्व सैनिक परमात्मा नंद सिंह का कहना था कि नगवां गांव में विकास कार्यों के लिए आए धन की जमकर बंदरबांट की गई है। गड़बड़ी करने वाले आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। डीसी मनरेगा तेजभान सिंह का कहना है कि जांच में ग्रामीणों का आरोप सही मिला है। जांच प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है। आरोपियों से धन की रिकवरी के लिए नोटिस भेजी जाएगी।
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