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आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने कलेक्ट्रेट पर दिया धरना
Updated Tue, 19 Sep 2017 12:27 AM IST
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मऊ। आंगनबाड़ी कर्मचारी एवं सहायिका एसोसिएशन के तत्वावधान में सोमवार को कलेक्ट्रेट पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने धरना प्रदर्शन किया। धरना स्थल पर कर्मचारी नेताओं ने प्रदेश सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। नेताओं ने कहा कि भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में कहा था कि जब उसकी सरकार बनेगी तो वह आंगनबाड़ी कर्मचारियों को सम्मानजनक मानदेय देगी। लेकिन सरकार बनने पर प्रदेश सरकार द्वारा कहा गया कि उसे इसके लिए 120 दिन की मोहलत दी जाए। यह अवधि 19 जुलाई को पूरी हो गई। लेकिन आंगनबाड़ी कर्मचारियों के मानदेय में कोई वृद्धि नहीं की गई। संगठन को लगा कि सरकार अपना वादा भूल गई है इसलिए 17 अगस्त को वादा याद दिलाओ रैली के माध्यम से लखनऊ में विधान सभा के पास जीपीओ पार्क में प्रदर्शन कर सरकार को उसके वादों की याद दिलाई गई। बावजूद सरकार संगठन की मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है।
जिलाध्यक्ष पूनम यादव ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हालत मनरेगा मजदूरों से भी बदतर है। कहा कि लेबर एक्ट के अनुसार भी एक महीने की न्यूनतम मजदूरी 18000 रुपये बनती है। इसलिए भी भारत के संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों के अनुसार मानदेय कम से कम18000 रुपये और सहायिका का मानदेय कम से कम नौ हजार रुपये दिया जाना चाहिए। महामंत्री भानुमती सिंह ने कहा कि सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर मिलने वाले हाटकुक्ड, हौसला पोषण योजना आदि बंद कर दिया है जिससे गर्भवती महिलाओं और बच्चों को दिया जाने वाला पौष्टिक आहार बंद हो गया है। धरना प्रदर्शन में जिले के कोपागंज, घोसी, फतेहुपर मंडाव, दोहरीघाट, रतनपुरा, मुहम्मदाबाद गोहना तथा शहर से संबंधित केंद्रों से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
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जिलाध्यक्ष पूनम यादव ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हालत मनरेगा मजदूरों से भी बदतर है। कहा कि लेबर एक्ट के अनुसार भी एक महीने की न्यूनतम मजदूरी 18000 रुपये बनती है। इसलिए भी भारत के संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों के अनुसार मानदेय कम से कम18000 रुपये और सहायिका का मानदेय कम से कम नौ हजार रुपये दिया जाना चाहिए। महामंत्री भानुमती सिंह ने कहा कि सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर मिलने वाले हाटकुक्ड, हौसला पोषण योजना आदि बंद कर दिया है जिससे गर्भवती महिलाओं और बच्चों को दिया जाने वाला पौष्टिक आहार बंद हो गया है। धरना प्रदर्शन में जिले के कोपागंज, घोसी, फतेहुपर मंडाव, दोहरीघाट, रतनपुरा, मुहम्मदाबाद गोहना तथा शहर से संबंधित केंद्रों से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
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