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शिक्षकों ने बीएसए को सौंपा ज्ञापन
Updated Tue, 13 Jun 2017 11:31 PM IST
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मऊ। उत्तर प्रदेेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के तत्वावधान में शिक्षकों ने मंगलवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। साथ ही मांगों पर विचार न होने की स्थिति में 24 जून को बीएसए कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी।
जिलाध्यक्ष कृष्णानंद राय ने कहा कि शिक्षक समस्याओं के संबंधित लिखित पत्र देने के एक माह बाद भी मांगों पर विचार नहीं किया जा सका है। रानीपुर ब्लाक क्षेत्र के मखुनी स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक अखिलेश कुमार को बिना जांच अधिकारी की संस्तुति, दो स्थायी वेतन वृद्धि रोकने व जनपद के दूरस्थ विद्यालय पर पदस्थापित करने का दोहरा दंड दिया गया है, इसे समाप्त किया जाए। प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय एवं सहायक अध्यापक उच्च प्राथमिक विद्यालय के रिक्त पदों पर पदोन्नति किया जाए। उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में 2015 से पदोन्नत उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापकों को उनके पद का वेतन दिया जाए। जनवरी 2017 से माच 2017 तक सातवें वेतन के अंतर का भुगतान किया जाए। नवनियुक्त व अंतरजनपदीय स्थानांतरण से आए शिक्षकों का अवशेष वेतन भुगतान किया जाए। छात्रों का आधार कार्ड बनाने के लिए एजेंसियों को निर्धारित कर उन्हें विद्यालयों पर भेजा जाए। वेतन बिल एवं एरियर वेतन की संपूर्ण जिम्मेदारी लिपिक व खंड शिक्षा अधिकारी की है। इसके लिए दोहरीघाट ब्लाक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय हरिपरा सहायक अध्यापक सुभाष सिंह प्रधानाध्यापक को दोषी मानते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि देना सरासर गलत है। निर्मित बिल पर अध्यापक के हस्ताक्षर भी नहीं है। संबंधित बिल पर लिपिक और खंड शिक्षा अधिकारी के हस्ताक्षर है। इसलिए प्रतिकूल प्रविष्टि को समाप्त किया जाए। मांगों पर विचार नहीं किया गया तो शिक्षक 24 जून को बीएसए कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन करने को बाध्य हो जाएंगे। ज्ञापन सौंपने वालों में जिलाध्यक्ष कृष्णानंद राय, अखिलेश्वर शुक्ल, प्रवीण राय आदि शिक्षक नेता शामिल रहे।
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जिलाध्यक्ष कृष्णानंद राय ने कहा कि शिक्षक समस्याओं के संबंधित लिखित पत्र देने के एक माह बाद भी मांगों पर विचार नहीं किया जा सका है। रानीपुर ब्लाक क्षेत्र के मखुनी स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक अखिलेश कुमार को बिना जांच अधिकारी की संस्तुति, दो स्थायी वेतन वृद्धि रोकने व जनपद के दूरस्थ विद्यालय पर पदस्थापित करने का दोहरा दंड दिया गया है, इसे समाप्त किया जाए। प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय एवं सहायक अध्यापक उच्च प्राथमिक विद्यालय के रिक्त पदों पर पदोन्नति किया जाए। उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में 2015 से पदोन्नत उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापकों को उनके पद का वेतन दिया जाए। जनवरी 2017 से माच 2017 तक सातवें वेतन के अंतर का भुगतान किया जाए। नवनियुक्त व अंतरजनपदीय स्थानांतरण से आए शिक्षकों का अवशेष वेतन भुगतान किया जाए। छात्रों का आधार कार्ड बनाने के लिए एजेंसियों को निर्धारित कर उन्हें विद्यालयों पर भेजा जाए। वेतन बिल एवं एरियर वेतन की संपूर्ण जिम्मेदारी लिपिक व खंड शिक्षा अधिकारी की है। इसके लिए दोहरीघाट ब्लाक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय हरिपरा सहायक अध्यापक सुभाष सिंह प्रधानाध्यापक को दोषी मानते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि देना सरासर गलत है। निर्मित बिल पर अध्यापक के हस्ताक्षर भी नहीं है। संबंधित बिल पर लिपिक और खंड शिक्षा अधिकारी के हस्ताक्षर है। इसलिए प्रतिकूल प्रविष्टि को समाप्त किया जाए। मांगों पर विचार नहीं किया गया तो शिक्षक 24 जून को बीएसए कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन करने को बाध्य हो जाएंगे। ज्ञापन सौंपने वालों में जिलाध्यक्ष कृष्णानंद राय, अखिलेश्वर शुक्ल, प्रवीण राय आदि शिक्षक नेता शामिल रहे।
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