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राफेल पर गलत बयानी के विरोध में बीजेपी ने सौंपा ज्ञापन
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मऊ। राफेल विमान की खरीद में केंद्र सरकार पर निरंतर आरोप को निराधार बताते हुए विपक्ष को ओछी हरकत का हवाला देते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष दुर्गविजय राय के नेेतृत्व में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम प्रकाश बिंदु को सौंपा गया।
सौंपे ज्ञापन में जिलाध्यक्ष ने बताया कि कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा तथ्यहीन बेबुनियाद निराधार एवं और अतार्किक प्रश्न खड़ा करके उसे दुष्प्रचारित कर देश की जनता को गुमराह करने का कार्य किया जा रहा है। जबकि इस मामले पर सर्वोच्च न्यायालय में चार याचिका दाखिल की गई। इन प्रक्रियाओं में निर्णय प्रक्रिया कीमत तथा आफसेट पार्टनर को लेकर 3 विषय प्रमुखता से उठाए गए थे। जहां गत दिनों सर्वोच्च न्यायालय ने सभी याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी एवं नियमों के अनुरूप पाया। साथ ही इस निर्णय ने यह संदेश भी दिया है कि, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों को सिर्फ संदेह और भ्रामक समाचारों के आधार पर न्यायालय के मंच का उपयोग नहीं किया जा सकता है। न्यायालय ने सभी याचिकाओं को खारिज करते हुए यह भी स्पष्ट किया कि इस समझौते पर किसी भी प्रकार का कोई संदेह करने का ठोस आधार नजर नहीं आता। कोर्ट के आदेश के बाद राफेल को लेकर विपक्ष द्वारा ओछी राजनीति की जा रही है। विपक्ष का इस पूरे मामले में आचरण अत्यंत ही असंवेदनशील एवं देशहित के विरुद्ध है। मांग की कि देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने तथा गंभीर झूठ के लिए जिम्मेदार विपक्ष के राष्ट्रीय अध्यक्ष को लोक सेवक पद से मुक्त किया जाए। ज्ञापन देने वालों में गनेश सिंह, संतोष सिंह, आनंद प्रताप सिंह, प्रवीण गुप्ता, दीनबंधु राय, मनोज राय विजय राजभर, प्रशांत गुप्ता, कृष्ण कांत राय, संजय कुमार मौर्य, नीरज राही, रमेश राय आदि मौजूद रहे।
सौंपे ज्ञापन में जिलाध्यक्ष ने बताया कि कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा तथ्यहीन बेबुनियाद निराधार एवं और अतार्किक प्रश्न खड़ा करके उसे दुष्प्रचारित कर देश की जनता को गुमराह करने का कार्य किया जा रहा है। जबकि इस मामले पर सर्वोच्च न्यायालय में चार याचिका दाखिल की गई। इन प्रक्रियाओं में निर्णय प्रक्रिया कीमत तथा आफसेट पार्टनर को लेकर 3 विषय प्रमुखता से उठाए गए थे। जहां गत दिनों सर्वोच्च न्यायालय ने सभी याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी एवं नियमों के अनुरूप पाया। साथ ही इस निर्णय ने यह संदेश भी दिया है कि, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों को सिर्फ संदेह और भ्रामक समाचारों के आधार पर न्यायालय के मंच का उपयोग नहीं किया जा सकता है। न्यायालय ने सभी याचिकाओं को खारिज करते हुए यह भी स्पष्ट किया कि इस समझौते पर किसी भी प्रकार का कोई संदेह करने का ठोस आधार नजर नहीं आता। कोर्ट के आदेश के बाद राफेल को लेकर विपक्ष द्वारा ओछी राजनीति की जा रही है। विपक्ष का इस पूरे मामले में आचरण अत्यंत ही असंवेदनशील एवं देशहित के विरुद्ध है। मांग की कि देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने तथा गंभीर झूठ के लिए जिम्मेदार विपक्ष के राष्ट्रीय अध्यक्ष को लोक सेवक पद से मुक्त किया जाए। ज्ञापन देने वालों में गनेश सिंह, संतोष सिंह, आनंद प्रताप सिंह, प्रवीण गुप्ता, दीनबंधु राय, मनोज राय विजय राजभर, प्रशांत गुप्ता, कृष्ण कांत राय, संजय कुमार मौर्य, नीरज राही, रमेश राय आदि मौजूद रहे।
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