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ठेकेदार मन्ना सिंह हत्याकांड- पक्षकारो की बहस पूरी, 22 सितंबर को होगा फैसला
Updated Tue, 19 Sep 2017 01:47 AM IST
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मऊ। ठेकेदार अजय प्रकाश सिंह उर्फ मन्ना सिंह की हत्या के मामले की सुनवाई सोमवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर एक आदिल आफताब अहमद की अदालत में हुई। मामले में पक्षकारों की बहस पूरी हो गई। बहस पूरी हो जाने के बाद एडीजे ने फैसला के लिए 22 सितंबर 2017 की तिथि नियत करते हुए उस दिन सभी आरोपियों को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश दिया। मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है।
मामले के अनुसार शहर कोतवाली क्षेत्र के गाजीपुर तिराहे के पास स्थित यूनियन बैंक के सामने 29 अगस्त 2009 को ठेकेदार अजय प्रकाश सिंह उर्फ मन्ना सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई । गोली लगने से उनके चालक शब्बीर और साथी राजेश राय घायल हुए थे। बाद में उपचार के दौरान राजेश राय की मौत हो गई। घटना के बावत हरेंद्र सिंह की तहरीर पर शहर कोतवाली अज्ञात हत्यारोपियों के विरुद्घ रिपोर्ट दर्ज हुई। पुलिस ने विवेचना के बाद सदर विधायक मुख्तार अंसारी, उमेश सिंह, रजनीश सिंह, संतोष सिंह, राकेश कुुमार पांडेय, अमरेश कन्नौजिया , अनुज कन्नौजिया, राजू उर्फ जामवंत कन्नौजिया, विनय सिंह,उपेंद्र सिंह, अरविंद यादव और कमलेश यादव का नाम प्रकाश में लाते हुए आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया । कमलेश यादव की पुलिस मुठभेड में मौत हो गई। केवल 11 आरोपियों का विचारण हुआ। अभियोजन की ओर से 16 गवाहो को पेश किया गया वही बचाव पक्ष से चार गवाह तथा कोर्ट साक्षी के रूप में एक गवाह का बयान दर्ज हुआ। मामले में दोनो पक्ष की बहस पूरी हो जाने के बाद एडीजे ने फैसला के लिए 22 सितंबर 2017 की तिथि नियत करते हुए सभी आरोपियों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया। मामले में अभियोजन की ओर से एडीजीसी श्रीप्रकाश यादव, फतेहबहादुर सिंह, दयाशंकर राय, अमरनाथ सिंह ने तथा बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता श्रीकृष्ण सिंह , सदानंद राय , रामरतन निषाद , लियाकत अली , दारोगा सिंह और अन्य ने पैरवी किया।
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मामले के अनुसार शहर कोतवाली क्षेत्र के गाजीपुर तिराहे के पास स्थित यूनियन बैंक के सामने 29 अगस्त 2009 को ठेकेदार अजय प्रकाश सिंह उर्फ मन्ना सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई । गोली लगने से उनके चालक शब्बीर और साथी राजेश राय घायल हुए थे। बाद में उपचार के दौरान राजेश राय की मौत हो गई। घटना के बावत हरेंद्र सिंह की तहरीर पर शहर कोतवाली अज्ञात हत्यारोपियों के विरुद्घ रिपोर्ट दर्ज हुई। पुलिस ने विवेचना के बाद सदर विधायक मुख्तार अंसारी, उमेश सिंह, रजनीश सिंह, संतोष सिंह, राकेश कुुमार पांडेय, अमरेश कन्नौजिया , अनुज कन्नौजिया, राजू उर्फ जामवंत कन्नौजिया, विनय सिंह,उपेंद्र सिंह, अरविंद यादव और कमलेश यादव का नाम प्रकाश में लाते हुए आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया । कमलेश यादव की पुलिस मुठभेड में मौत हो गई। केवल 11 आरोपियों का विचारण हुआ। अभियोजन की ओर से 16 गवाहो को पेश किया गया वही बचाव पक्ष से चार गवाह तथा कोर्ट साक्षी के रूप में एक गवाह का बयान दर्ज हुआ। मामले में दोनो पक्ष की बहस पूरी हो जाने के बाद एडीजे ने फैसला के लिए 22 सितंबर 2017 की तिथि नियत करते हुए सभी आरोपियों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया। मामले में अभियोजन की ओर से एडीजीसी श्रीप्रकाश यादव, फतेहबहादुर सिंह, दयाशंकर राय, अमरनाथ सिंह ने तथा बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता श्रीकृष्ण सिंह , सदानंद राय , रामरतन निषाद , लियाकत अली , दारोगा सिंह और अन्य ने पैरवी किया।
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