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घाघरा में डूबने से किसान की मौत
Updated Thu, 17 Aug 2017 12:35 AM IST
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दुबारी । मधुबन थाना क्षेत्र के कुवंरपुरवा गांव निवासी और किसान की स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिन में 11बजे के करीब घाघरा में डूबने से मौत हो गई। मृत किसान घटना के समय पशुओं को चारा लाने के लिए नदी के दूसरी पाट पर गया था। तभी हादसे का शिकार हो गया।
घाघरा में डूबा किसान गजराज गौड (65 )पुत्र स्वर्गीय चुन्नी गौड मधुबन थाना क्षेत्र के कुंवरपुरवा गांव का निवासी था। बीते मंगलवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वह पशुओं के लिए चारा की व्यवस्था करने के लिए दिन में 11 बजे के करीब घर से निकला। साथ ही घाघरा पारकर दूसरे किनारे खेत जा रहा था। इस दौरान घाघरा की तेज धारा की चपेट में आने के कारण गजराज गौड़ पानी में डूब गया। काफी देर तक गजराज के घर वापस न लौटने पर परिवार के सदस्य चिंतित हुए। इस दौरान परिवारीजन उसकी तलाश में जुटे। खोजबीन के दौरान पता चला कि नदी गजराज घाघरा के उस पार नहीं पहुंचा है। इस पर घरवाले नाव की व्यवस्था कर ग्रामीणों की मदद से उसकी तलाश शुरू किए। इस दौरान गजराज का गमछा और लाठी मिली। करीब पांच घंटे की मशक्कत करने के बाद भी देर शाम तक शव नहीं मिला। इस दौरान गांव के लोगों ने बहाव की तरफ जाल लगा दिया। इसका परिणाम रहा कि बुधवार की सुबह गजराज का शव जाल में फंसा मिला। किसान की लाश मिलने पर उसके घर पर मातम छा गया। बाद में सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। साथ ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दी। मृत गजराज गौड़ के परिवार में उसकी विधवा शांति देवी के अलावा साथ चार संतान हैं। इसमें दो पुत्र और दो पुत्रियां शामिल हैं। जिसमें एक लड़के कि शादी नहीं हुई है।
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घाघरा में डूबा किसान गजराज गौड (65 )पुत्र स्वर्गीय चुन्नी गौड मधुबन थाना क्षेत्र के कुंवरपुरवा गांव का निवासी था। बीते मंगलवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वह पशुओं के लिए चारा की व्यवस्था करने के लिए दिन में 11 बजे के करीब घर से निकला। साथ ही घाघरा पारकर दूसरे किनारे खेत जा रहा था। इस दौरान घाघरा की तेज धारा की चपेट में आने के कारण गजराज गौड़ पानी में डूब गया। काफी देर तक गजराज के घर वापस न लौटने पर परिवार के सदस्य चिंतित हुए। इस दौरान परिवारीजन उसकी तलाश में जुटे। खोजबीन के दौरान पता चला कि नदी गजराज घाघरा के उस पार नहीं पहुंचा है। इस पर घरवाले नाव की व्यवस्था कर ग्रामीणों की मदद से उसकी तलाश शुरू किए। इस दौरान गजराज का गमछा और लाठी मिली। करीब पांच घंटे की मशक्कत करने के बाद भी देर शाम तक शव नहीं मिला। इस दौरान गांव के लोगों ने बहाव की तरफ जाल लगा दिया। इसका परिणाम रहा कि बुधवार की सुबह गजराज का शव जाल में फंसा मिला। किसान की लाश मिलने पर उसके घर पर मातम छा गया। बाद में सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। साथ ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दी। मृत गजराज गौड़ के परिवार में उसकी विधवा शांति देवी के अलावा साथ चार संतान हैं। इसमें दो पुत्र और दो पुत्रियां शामिल हैं। जिसमें एक लड़के कि शादी नहीं हुई है।
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