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18 मुहल्लों में चिह्नित किए 61 जर्जर भवन
mau
Updated Tue, 29 May 2018 12:28 AM IST
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शहर में भीड़ भाड़ भरे मार्गों पर हैं एक दर्जन से अधिक जर्जर भवन
- फोटो : अमर उजाला
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शहर में कई दर्जन जर्जर भवन हादसों का संकेत दे रहे। खतरनाक हाल में पहुंच गए यह भवन जन धन के लिए खतरा बने हैं। जबकि ऐसे मकानों में लोग अभी तक रह रहे हैं। नगर पालिका ने मानसून के मद्दनेजर ऐसे मकानों को चिह्नित कराया है। ऐसे में 18 मुहल्लों में 61 जर्जर मकानों को चिह्नित किया गया है। पालिका ने इनकी सूची तैयार कर ली है और भवन स्वामियों को नोटिस भेजने की कवायद में जुट गई है।
बारिश के मौसम में हर साल शहर में किसी न किसी क्षेत्र में कोई जर्जर भवन ढहना आम बात है। बावजूद इसके अब भी 61 ऐसे भवन है जो जर्जर अवस्था में है। इनमें नगर पालिका के अप्रैल माह में किए गए सर्वे के मुताबिक भीटी में सात, कतुआपूरा में एक, नियाज मोहम्मदपुरा में एक, औंरगाबाद में तीन, मुंशीपूरा में छह, रहजनिया में एक और कसिमपुरा में चार जर्जर मकानों को चिह्नित किया गया। जबकि देवपहलवा में एक, सहादतपुरा में सात, डोमनपुरा में चार, अहलादपुरा, बड़ा पोखरा और निजामुदीनपुरा में तीन-तीन और पुरादुर्जरपूरा में चार सहित दूसरे मोहल्ले में कुल 61 मकानों को जर्जर के भवन के रूप चिह्नित किया गया है। इनमें से अधिकांश भवन गिराने योग्य हैं। लेकिन हैरत की बात यह है कि इतने जर्जर हो चुके मकानों में अभी तक लोग परिवार के साथ आशियाना बनाए हुए हैं।
इस बावत नगर पालिका अधिशासी अधिकारी आशीष ओझा का कहना है कि नगर पालिका द्वारा जर्जर मकानों का सर्वे कराया जा चुका है। इसके तहत चिह्नित किए गए 61 भवन स्वामियों को अगले एक दो दिनों में नोटिस भेजा जाएगा। उन्हें ऐसे जर्जर भवन खुद ही गिराने का समय दिया जाएगा। कहा कि समय सीमा में भवन न गिराने पर नगर पालिका के जेई के नेतृत्व में जर्जर मकानों को गिराने की कार्रवाई की जाएगी।
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बारिश के मौसम में हर साल शहर में किसी न किसी क्षेत्र में कोई जर्जर भवन ढहना आम बात है। बावजूद इसके अब भी 61 ऐसे भवन है जो जर्जर अवस्था में है। इनमें नगर पालिका के अप्रैल माह में किए गए सर्वे के मुताबिक भीटी में सात, कतुआपूरा में एक, नियाज मोहम्मदपुरा में एक, औंरगाबाद में तीन, मुंशीपूरा में छह, रहजनिया में एक और कसिमपुरा में चार जर्जर मकानों को चिह्नित किया गया। जबकि देवपहलवा में एक, सहादतपुरा में सात, डोमनपुरा में चार, अहलादपुरा, बड़ा पोखरा और निजामुदीनपुरा में तीन-तीन और पुरादुर्जरपूरा में चार सहित दूसरे मोहल्ले में कुल 61 मकानों को जर्जर के भवन के रूप चिह्नित किया गया है। इनमें से अधिकांश भवन गिराने योग्य हैं। लेकिन हैरत की बात यह है कि इतने जर्जर हो चुके मकानों में अभी तक लोग परिवार के साथ आशियाना बनाए हुए हैं।
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इस बावत नगर पालिका अधिशासी अधिकारी आशीष ओझा का कहना है कि नगर पालिका द्वारा जर्जर मकानों का सर्वे कराया जा चुका है। इसके तहत चिह्नित किए गए 61 भवन स्वामियों को अगले एक दो दिनों में नोटिस भेजा जाएगा। उन्हें ऐसे जर्जर भवन खुद ही गिराने का समय दिया जाएगा। कहा कि समय सीमा में भवन न गिराने पर नगर पालिका के जेई के नेतृत्व में जर्जर मकानों को गिराने की कार्रवाई की जाएगी।
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