{"_id":"628bca3e36e2980f3207fa7d","slug":"565-cases-pending-in-kanya-sumangala-yojana-mau-news-vns655139241","type":"story","status":"publish","title_hn":"कन्या सुमंगला योजना में लंबित हैं 565 मामले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कन्या सुमंगला योजना में लंबित हैं 565 मामले
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिलाधिकारी अरुण कुमार की अध्यक्षता में जिला बाल संरक्षण इकाई एवं रानी लक्ष्मी बाई महिला सम्मान कोष की जनपदस्तरीय समिति की बैठक कैंप कार्यालय पर हुई।
बैठक के दौरान रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष में सात मामलों में स्वीकृति एवं 31 मामलों को निरस्त किया गया। मेडिकल स्तर पर 58 केस लंबित है जिसको जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारी को निस्तारण करने के निर्देश दिए।कन्या सुमंगला योजना में उप जिलाधिकारी एवं खंड विकास अधिकारी के पोर्टल पर कुल 565 मामले लंबित है, जिसके निस्तारण के लिए अपर जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी को क्रमश: उप जिलाअधिकारी एवं खंड विकास अधिकारी के माध्यम से पोर्टल पर लंबित मामले को जल्द से जल्द निस्तारण कराने के जिलाधिकारी ने निर्देश दिया।
जिला बाल संरक्षण योजना में जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया कि जनपद स्तर विकासखंड एवं ग्राम स्तर पर नियमित रूप से नियमानुसार बैठक कराई जाए। वन स्टॉप सेंटर योजना में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जो भी मामले पाए जाते हैं उसे नियमानुसार परिवारों को पुनर्वास कराएं। लंबित मामलों को एक सप्ताह के अंदर निस्तारण कराएं। जिलाधिकारी ने परिवहन अधिकारी को निर्देश दिया कि हेल्पलाइन नंबर 112, 181, 1090, 1098, 1076 को जनपद के सभी स्कूली वाहनों पर लिखवाना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी द्वारा मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिया कि स्वास्थ्य केंद्रों पर बच्चों से संबंधित स्वागत केंद्र,शिशु पालना केंद्र की स्थापना जल्द से जल्द कराएं ।बाल कल्याण समिति में अब तक 80 प्रकरण आए जिसमें 18 लड़के एवं 62 लडकिया हैं। जिनको घर पर पुनर्वासी किया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि बाल संरक्षण योजना के अंतर्गत देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चे 0 से 18 वर्ष तक जिसमें भीख मांगने वाले बच्चे, बाल श्रमिक, घुमंतू बच्चे, दैवी आपदा से प्रभावित बच्चे, कारागार में निरुद्ध माता-पिता के बच्चे, लावारिस बच्चे, कूड़ा बीनने वाले बच्चे, सड़क पर आने वाले व काम करने वाले बच्चे, असाध्य रोग से पीड़ित बच्चे, भूले भटके आदि बच्चों के मिलने पर उनको सुरक्षा प्रदान करते हुए पुनर्वासन की व्यवस्था करें।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी राम सिंह वर्मा, अपर जिलाधिकारी भानु प्रताप सिंह, जिला प्रोवेशन अधिकारी समर बहादुर सरोज, रुद्र प्रताप सिंह, नरेंद्र राय, कंचन तिवारी, रमाशंकर यादव, अनीता सिंह, संध्या सिंह, शिवानंद सिंह, अर्चना राय, रेनू पांडेय आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बैठक के दौरान रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष में सात मामलों में स्वीकृति एवं 31 मामलों को निरस्त किया गया। मेडिकल स्तर पर 58 केस लंबित है जिसको जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारी को निस्तारण करने के निर्देश दिए।कन्या सुमंगला योजना में उप जिलाधिकारी एवं खंड विकास अधिकारी के पोर्टल पर कुल 565 मामले लंबित है, जिसके निस्तारण के लिए अपर जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी को क्रमश: उप जिलाअधिकारी एवं खंड विकास अधिकारी के माध्यम से पोर्टल पर लंबित मामले को जल्द से जल्द निस्तारण कराने के जिलाधिकारी ने निर्देश दिया।
जिला बाल संरक्षण योजना में जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया कि जनपद स्तर विकासखंड एवं ग्राम स्तर पर नियमित रूप से नियमानुसार बैठक कराई जाए। वन स्टॉप सेंटर योजना में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जो भी मामले पाए जाते हैं उसे नियमानुसार परिवारों को पुनर्वास कराएं। लंबित मामलों को एक सप्ताह के अंदर निस्तारण कराएं। जिलाधिकारी ने परिवहन अधिकारी को निर्देश दिया कि हेल्पलाइन नंबर 112, 181, 1090, 1098, 1076 को जनपद के सभी स्कूली वाहनों पर लिखवाना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी द्वारा मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिया कि स्वास्थ्य केंद्रों पर बच्चों से संबंधित स्वागत केंद्र,शिशु पालना केंद्र की स्थापना जल्द से जल्द कराएं ।बाल कल्याण समिति में अब तक 80 प्रकरण आए जिसमें 18 लड़के एवं 62 लडकिया हैं। जिनको घर पर पुनर्वासी किया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि बाल संरक्षण योजना के अंतर्गत देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चे 0 से 18 वर्ष तक जिसमें भीख मांगने वाले बच्चे, बाल श्रमिक, घुमंतू बच्चे, दैवी आपदा से प्रभावित बच्चे, कारागार में निरुद्ध माता-पिता के बच्चे, लावारिस बच्चे, कूड़ा बीनने वाले बच्चे, सड़क पर आने वाले व काम करने वाले बच्चे, असाध्य रोग से पीड़ित बच्चे, भूले भटके आदि बच्चों के मिलने पर उनको सुरक्षा प्रदान करते हुए पुनर्वासन की व्यवस्था करें।
विज्ञापन
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी राम सिंह वर्मा, अपर जिलाधिकारी भानु प्रताप सिंह, जिला प्रोवेशन अधिकारी समर बहादुर सरोज, रुद्र प्रताप सिंह, नरेंद्र राय, कंचन तिवारी, रमाशंकर यादव, अनीता सिंह, संध्या सिंह, शिवानंद सिंह, अर्चना राय, रेनू पांडेय आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन