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54 गांवों में दिवाली पर रहेगा अंधेरा
ब्यूररो,अमर उजाला/मऊ
Updated Mon, 24 Oct 2016 11:40 PM IST
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बिजली
- फोटो : amar ujala
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दीपावली पर्व पर एक तरफ जहां सैकड़ों गांव बिजली की रौशनी से जगमगाएंगे। वहीं क्षेत्र में 54 गांव ऐसे हैं जो आज भी लोग अपने घरों में प्रकाश के लिए ढिबरी या दीया जलाकर ही संतोष करेंगे। उन्हें बिजली की कौन कहे आज तक उनके गाव में बिजली के पोल व तार नहीं बिछाए जा सके हैं। ऐसे में उनकी दीवाली इस साल भी दूसरे गांवों में जलते बिजली के बल्ब को देखकर पर्व मनाना होगा।
देश को आजादी मिलने के दशकों बाद भी तहसील मधुबन क्षेत्र में गांवों के कई पुरवे ऐसे है जिनका आज तक विद्युतीकरण ही नहीं किया जा सका है। हालत यह है कि गांवों का अपेक्षित विकास नहीं हो पा रहा है। आंकड़ों के अनुसार राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत 169 गांवों का चयन किया गया था ,जिसमें से 115 गांवों का विद्युतीकरण ही किया जा सका था।
आज भी 54 गांव ऐसे हैं जिनमें कहीं बिजली के पोल लगे हैं तो तार नहीं बिछाया जा सका है। किसी गांव में पोल ही नहीं गड़ पाया है। क्षेत्र के दुबारी गांव सभा के पब्बर का पुरा जिसमें लगभग सौ घर हैं आज तक बिजली की बात तो दूर पोल तक नहीं लगाए जा सके हैं। इसी तरह तीन दर्जन से अधिक सुंदर के पुरवे और विशुन के पुरवे में बिजली नहीं पहुंच पाई है।
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मनमन का पुरा, हरिजन बस्ती में एक दर्जन परिवार ढिबरी के तले जीता है। यही हाल टमठा के हाता में दो दर्जन परिवार, अंबेडकर पुरवे में तीन दर्जन परिवार, दुबारी चौहान नई बस्ती में बीस परिवार, मनपरवा गांव के डेढ़ दर्जन राजभर बस्ती के लोगों को भी आज तक बिजली मुहैया नहीं हो सकी है। इनकी दिवाली एक बार फिर बिजली की रौशनी में नहीं बल्कि ढिबरी के नीचे ही मनाने को मजबूर होंगे। इसी तरह अभी धर्मपुर दीयारा के कई गांवों में बिजली के पोल लगा दिए गए हैं लेकिन अभी बिजली सप्लाई नहीं दी जा सकी है।
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देश को आजादी मिलने के दशकों बाद भी तहसील मधुबन क्षेत्र में गांवों के कई पुरवे ऐसे है जिनका आज तक विद्युतीकरण ही नहीं किया जा सका है। हालत यह है कि गांवों का अपेक्षित विकास नहीं हो पा रहा है। आंकड़ों के अनुसार राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत 169 गांवों का चयन किया गया था ,जिसमें से 115 गांवों का विद्युतीकरण ही किया जा सका था।
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आज भी 54 गांव ऐसे हैं जिनमें कहीं बिजली के पोल लगे हैं तो तार नहीं बिछाया जा सका है। किसी गांव में पोल ही नहीं गड़ पाया है। क्षेत्र के दुबारी गांव सभा के पब्बर का पुरा जिसमें लगभग सौ घर हैं आज तक बिजली की बात तो दूर पोल तक नहीं लगाए जा सके हैं। इसी तरह तीन दर्जन से अधिक सुंदर के पुरवे और विशुन के पुरवे में बिजली नहीं पहुंच पाई है।
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मनमन का पुरा, हरिजन बस्ती में एक दर्जन परिवार ढिबरी के तले जीता है। यही हाल टमठा के हाता में दो दर्जन परिवार, अंबेडकर पुरवे में तीन दर्जन परिवार, दुबारी चौहान नई बस्ती में बीस परिवार, मनपरवा गांव के डेढ़ दर्जन राजभर बस्ती के लोगों को भी आज तक बिजली मुहैया नहीं हो सकी है। इनकी दिवाली एक बार फिर बिजली की रौशनी में नहीं बल्कि ढिबरी के नीचे ही मनाने को मजबूर होंगे। इसी तरह अभी धर्मपुर दीयारा के कई गांवों में बिजली के पोल लगा दिए गए हैं लेकिन अभी बिजली सप्लाई नहीं दी जा सकी है।