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लिंग थापि बिधिवत करि पूजा, शिव समान प्रिय मोहि न दूजा
Updated Thu, 18 Oct 2018 12:41 AM IST
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नगर क्षेत्र की श्री रामलीला मेला समिति के तत्वाधान में चल रही रामलीला के नौवें दिन विभीषण शरणागत, सेतु बंधन एवं अंगद रावण संवाद की लीला का मंचन हुआ। जिसमें रावण ने विभीषण को लात मारकर लंका से भगा देता है।
इसके बाद विभीषण राम के पास पहुंचकर उन्हें उन्हें रो-रोकर सारा हाल सुनाकर शरण मांगता है। हनुमान द्वारा विभीषण के सत्पुरूष होने एवं सदा राम के चरणों मे लीन रहने की बात बताने के बाद भगवान विभीषण को अपने शरण में ले लेते हैं। इसके बाद लंका पर चढ़ाई के लिए नल, नील द्वारा बांधे गए पुल से वानरी सेना लंका की तरफ बढ़ चली। इसके बाद श्रीराम ने अंगद को लंका संधि के लिए भेजते हैं। बुधवार को रामलीला के इस दृश्य का मंचन दशई पोखरा पर किया गया। इस दौरान दशई पोखरा पर राम सेतू निर्माण किया गया। जो आकर्षक और मनमोहक था।
इनसेट
सीताहरण और लंका दहन का हुआ मंचन
मुहम्मदाबाद गोहना/अमिलो। बाजार में श्री लक्ष्मण क्लब द्वारा मंचित रामलीला में मंगलवार की रात सीता हरण, सुग्रीव मित्रता और बालि वध की लीला का मंचन किया गया। रामलीला में पंचवटी की भव्य झांकी के साथ रावण द्वारा सीता हरण के साथ जटायु लीला का मार्मिक मंचन किया गया। सुग्रीव मित्रता और बाली वध का मंचन देख श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। वहीं, अमिला कस्बे में चल रहे श्री ठाकुर द्वारा रामलीला समिति के तत्वाधान में मंगलवार को बालि-सुग्रीव युद्ध, बालि वध के साथ लंका दहन लीला का मंचन किया गया। इस दौरान दर्शक दीर्घा में बैठे दर्शक बालि वध होते ही जय श्री राम के जयकारे लगाए। इससे पूरा पंडाल भक्तिमय हो गया।
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इसके बाद विभीषण राम के पास पहुंचकर उन्हें उन्हें रो-रोकर सारा हाल सुनाकर शरण मांगता है। हनुमान द्वारा विभीषण के सत्पुरूष होने एवं सदा राम के चरणों मे लीन रहने की बात बताने के बाद भगवान विभीषण को अपने शरण में ले लेते हैं। इसके बाद लंका पर चढ़ाई के लिए नल, नील द्वारा बांधे गए पुल से वानरी सेना लंका की तरफ बढ़ चली। इसके बाद श्रीराम ने अंगद को लंका संधि के लिए भेजते हैं। बुधवार को रामलीला के इस दृश्य का मंचन दशई पोखरा पर किया गया। इस दौरान दशई पोखरा पर राम सेतू निर्माण किया गया। जो आकर्षक और मनमोहक था।
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सीताहरण और लंका दहन का हुआ मंचन
मुहम्मदाबाद गोहना/अमिलो। बाजार में श्री लक्ष्मण क्लब द्वारा मंचित रामलीला में मंगलवार की रात सीता हरण, सुग्रीव मित्रता और बालि वध की लीला का मंचन किया गया। रामलीला में पंचवटी की भव्य झांकी के साथ रावण द्वारा सीता हरण के साथ जटायु लीला का मार्मिक मंचन किया गया। सुग्रीव मित्रता और बाली वध का मंचन देख श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। वहीं, अमिला कस्बे में चल रहे श्री ठाकुर द्वारा रामलीला समिति के तत्वाधान में मंगलवार को बालि-सुग्रीव युद्ध, बालि वध के साथ लंका दहन लीला का मंचन किया गया। इस दौरान दर्शक दीर्घा में बैठे दर्शक बालि वध होते ही जय श्री राम के जयकारे लगाए। इससे पूरा पंडाल भक्तिमय हो गया।
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