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मौसम में बदलाव से किसानों को सताने लगी नुकसान की चिंता
Updated Mon, 12 Feb 2018 11:16 PM IST
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मऊ। मौसम में आए बदलाव से किसानों को फसल नुकसान की चिंता सताने लगी है। रविवार की रात बूंदाबांदी होने तथा सोमवार को भी आकाश में बादल छाए रहने से किसान आकाश की तरफ टकटकी लगाए रहे। कृषि विशेषज्ञ बारिश होने की संभावना जता रहे हैं।
कई दिनों से निकल रही तेज धूप से लोगों को गर्मी का एहसास हो रहा था। लेकिन रविवार की रात जिले के विभिन्न इलाकों में हवा के साथ बूंदाबांदी होने से मौसम में बदलाव नजर आया। ठंड में भी इजाफा हो गया। सोमवार को भी आकाश में बादल छाए रहे। कृषि विशेषज्ञ बारिश होने की संभावना जता रहे हैं। वहीं जिन किसानों ने अभी हाल ही में फसलों की सिंचाई की है। उनको फसलों के नुकसान की चिंता खाए जा रही थी। हालांकि कृषि विशेषज्ञ फायदा ही ज्यादा बता रहे हैं। परदहां ब्लाक क्षेत्र के किसान रविंद्र यादव, सूर्यनाथ सिंह, श्रीकांत यादव का कहना था कि अभी हाल में ही फसल की सिंचाई की थी, मौसम में बदलाव के बाद कुछ समझ में नहीं आ रहा है।इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार का कहना था कि किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है।
कई जिलों में बारिश हुई है।ऐसे में बारिश होने की संभावना बनी हुई है। हल्की बारिश होती है तो गेहूं, चना, मटर, मसूर के लिए लाभदायक होगी। जबकि आलू, सरसो, अरहर सहित दलहनी फसलों के लिए नुकसान होगा। बारिश के बीच तेज हवा चली तो फूल झड़ने के साथ कीटों का प्रकोप बढ़ेगा। बारिश होती है तो किसान अपने खेतों में पानी जमा न रहने दें। साथ ही कृषि विशेषज्ञों के सलाह पर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करने से फसलों मेें होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।
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कई दिनों से निकल रही तेज धूप से लोगों को गर्मी का एहसास हो रहा था। लेकिन रविवार की रात जिले के विभिन्न इलाकों में हवा के साथ बूंदाबांदी होने से मौसम में बदलाव नजर आया। ठंड में भी इजाफा हो गया। सोमवार को भी आकाश में बादल छाए रहे। कृषि विशेषज्ञ बारिश होने की संभावना जता रहे हैं। वहीं जिन किसानों ने अभी हाल ही में फसलों की सिंचाई की है। उनको फसलों के नुकसान की चिंता खाए जा रही थी। हालांकि कृषि विशेषज्ञ फायदा ही ज्यादा बता रहे हैं। परदहां ब्लाक क्षेत्र के किसान रविंद्र यादव, सूर्यनाथ सिंह, श्रीकांत यादव का कहना था कि अभी हाल में ही फसल की सिंचाई की थी, मौसम में बदलाव के बाद कुछ समझ में नहीं आ रहा है।इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार का कहना था कि किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है।
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कई जिलों में बारिश हुई है।ऐसे में बारिश होने की संभावना बनी हुई है। हल्की बारिश होती है तो गेहूं, चना, मटर, मसूर के लिए लाभदायक होगी। जबकि आलू, सरसो, अरहर सहित दलहनी फसलों के लिए नुकसान होगा। बारिश के बीच तेज हवा चली तो फूल झड़ने के साथ कीटों का प्रकोप बढ़ेगा। बारिश होती है तो किसान अपने खेतों में पानी जमा न रहने दें। साथ ही कृषि विशेषज्ञों के सलाह पर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करने से फसलों मेें होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।
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