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अधर में लटकी पड़ी परियोजनाओं के लिए जारी किया जाए बजट
Updated Wed, 31 Jan 2018 11:36 PM IST
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मऊ। केंद्रीय बजट गुरुवार को पेश होगा, लेकिन जिले के विभिन्न इलाकों में रेल बजट को लेकर बहस तेज हो गई है। प्रबुद्धजनों सहित आम लोगों को रेल मंत्री से कुछ ज्यादा ही अपेक्षा बढ़ गई है। रेल बजट पर लोगों से बातचीत की गई सभी ने अधर में लटकी पड़ी रेल परियोजनाओं के लिए बजट जारी कर समय से पूर्व पूरा कराए जाने की वकालत की। साथ ही सांसद से अधर में लटकी पड़ी परियोजनाओं को संसद में दमदारी से उठाने की मांग की है।
नगर के बाल निकेतन मोड़ के पास स्थित रेलवे क्रासिंग पर अंडरब्रिज सहित विभिन्न मांगें वर्षों से उठायी जा रही है।
टर्मिनल निर्माण समय से न होने से लागत बढ़ती ही जा रही है। लेकिन हर बार निराशा ही हाथ लग रही है। मऊ रेलवे स्टेशन पर 16.6 करोड़ की लागत से टर्मिनल का निर्माण बजट के अभाव में लटका पड़ा है। इसी तरह कई परियोजनाओं के लिए बजट ही जारी नहीं किया जा सका है। इस संबंध में डीसीएसके पीजी कालेज के प्राचार्य डॉ. एके मिश्र का कहना है कि बाल निकेतन रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज की मांग लंबे समय से अधर में लटकी पड़ी है। टर्मिनल, ओवरब्रिज तथा इंदारा-दोहरीघाट के आमान परिवर्तन के लिए बजट जारी कर समय से पूर्व पूरा कराया जाए। ताकि जिले के विकास गति तेज हो सके।
इसी क्रम में रेल परामर्शदात्री समिति के सदस्य शाह आलम कुरैशी का कहना है कि भटनी-औड़िहार तथा फेफना-शाहगंज का दोहरीकरण और विद्युतीकरण बजट के अभाव में शुरू नहीं हो सका है। इसके लिए बजट जारी किया जाए। उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिलाध्यक्ष अजय साहू ने कहा कि मऊ जंक्शन सहित सभी रेलवे स्टेशनों पर आधुनिक सुविधाएं बहाल करने के साथ ही प्लेटफार्म को ऊंचा बनाया जाए। कारोबारी सूर्यनाथ शर्मा का कहना है कि मऊ से नई दिल्ली के लिए चल रही आनंद बिहार को डेली किया जाए। उप्र प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष कृष्णानंद राय ने कहा कि शहीदी रोड के चौड़ीकरण तथा मऊ जंक्शन के पश्चिम तरफ सेकेंड प्रवेश द्वार के निर्माण कार्य कराने के लिए स्वीकृति तो वर्षो पूर्व मिल गई, लेकिन कार्य शुरू नहीं हो सका है। मऊ से लखनऊ के लिए प्रतिदिन इंटरसिटी चलाई जाए। उन्होंने सांसद से अधर में लटकी पड़ी परियोजनाओं को संसद में दमदारी से उठाने की मांग की है।
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नगर के बाल निकेतन मोड़ के पास स्थित रेलवे क्रासिंग पर अंडरब्रिज सहित विभिन्न मांगें वर्षों से उठायी जा रही है।
टर्मिनल निर्माण समय से न होने से लागत बढ़ती ही जा रही है। लेकिन हर बार निराशा ही हाथ लग रही है। मऊ रेलवे स्टेशन पर 16.6 करोड़ की लागत से टर्मिनल का निर्माण बजट के अभाव में लटका पड़ा है। इसी तरह कई परियोजनाओं के लिए बजट ही जारी नहीं किया जा सका है। इस संबंध में डीसीएसके पीजी कालेज के प्राचार्य डॉ. एके मिश्र का कहना है कि बाल निकेतन रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज की मांग लंबे समय से अधर में लटकी पड़ी है। टर्मिनल, ओवरब्रिज तथा इंदारा-दोहरीघाट के आमान परिवर्तन के लिए बजट जारी कर समय से पूर्व पूरा कराया जाए। ताकि जिले के विकास गति तेज हो सके।
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इसी क्रम में रेल परामर्शदात्री समिति के सदस्य शाह आलम कुरैशी का कहना है कि भटनी-औड़िहार तथा फेफना-शाहगंज का दोहरीकरण और विद्युतीकरण बजट के अभाव में शुरू नहीं हो सका है। इसके लिए बजट जारी किया जाए। उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिलाध्यक्ष अजय साहू ने कहा कि मऊ जंक्शन सहित सभी रेलवे स्टेशनों पर आधुनिक सुविधाएं बहाल करने के साथ ही प्लेटफार्म को ऊंचा बनाया जाए। कारोबारी सूर्यनाथ शर्मा का कहना है कि मऊ से नई दिल्ली के लिए चल रही आनंद बिहार को डेली किया जाए। उप्र प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष कृष्णानंद राय ने कहा कि शहीदी रोड के चौड़ीकरण तथा मऊ जंक्शन के पश्चिम तरफ सेकेंड प्रवेश द्वार के निर्माण कार्य कराने के लिए स्वीकृति तो वर्षो पूर्व मिल गई, लेकिन कार्य शुरू नहीं हो सका है। मऊ से लखनऊ के लिए प्रतिदिन इंटरसिटी चलाई जाए। उन्होंने सांसद से अधर में लटकी पड़ी परियोजनाओं को संसद में दमदारी से उठाने की मांग की है।
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