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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   40 years to Yashwant Singh a lot of Bhaiya Samajwadi Chola

40 साल तक यशवंत सिंह को खूब भाया समाजवादी चोला

Sat, 29 Jul 2017 11:45 PM IST
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mau news Updated Sat, 29 Jul 2017 11:45 PM IST
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मऊ।  इमरजेंसी से समाजवादी विचारधारा में रंगे एमएलसी यशवंत सिंह ने अंततः इस विचारधारा को छोड़ दिए। उनके इस फैसले न सिर्फ उनके समर्थक बल्कि पार्टी के लोग भी हतप्रभ हैं। यशवंत सिंह इमरजेंसी के दौरान छात्र राजनीति से उभरकर समाजवादी विचारधारा के तहत पूर्व प्रधानमंत्री के संपर्क में आए। हालांकि इस बीच उन्होंने निर्दल से लेकर बसपा का साथ पकड़े रहे।
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सपा में उनका साथ मुलायम सिंह के समय में 2004 से बसपा से निकलने के बाद हुआ। तब से वे पार्टी के एमएलसी रहे। उनके इस्तीफे के बाद भाजपा में जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं।
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एमएलसी यशवंत सिंह मूल रूप से चिरैयाकोट के अल्देमऊ सरौंदा के रहने वाले हैं। उनका राजनीति में उदय समाजवादी विचारधारा से प्रेरित होकर इमरजेंसी के दौरान 1975 में हुआ। इसमें वह आजमगढ़ जेल में भी 18 महीने रहे। इसके बाद वह पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर एवं पूर्व मुख्यमंत्री रामनरेश के संपर्क में आए और समाजवादी विचारधारा से ही जुड़ गए।
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 पहली बार यह आजमगढ़ जनपद के मुुबारकपुर विधानसभा से जनता पार्टी से 1984 में चुनाव लड़े लेकिन महज 250 मतों से चुनाव हार गए।
1989 में इसी विधानसभा से पहली बार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे। लेकिन 1991 में हुए चुनाव में यह फिर हार गए। 1993 में दोबारा हुए चुनाव में इन्हें किसी पार्टी ने नहीं टिकट दिया तो यह निर्दल ही चुनाव लड़े लेकिन हार का मुंह देखना पड़ा। इसके बाद इन्होंने बसपा का दामन थाम लिया।
1996 में भाजपा की सहयोग से बनी प्रदेश में सरकार में यह आबकारी राज्यमंत्री बने। लेकिन बसपा में जोड़-तोड़ की राजनीति में बसपा की  सरकार को ही गिराने में इनकी अग्रणी भूमिका रही।

 इसके बाद यह वर्ष 2004 में मुलायम सिंह के संपर्क में आए तो पहली बार एमएलसी भी बने। इसके बाद लगातार 2010 एवं 2016 में यह सपा से ही एमएलसी चुने जाने के             बाद हैट्रिक भी लगाए। लेकिन             शनिवार को इनके द्वारा इस्तीफा दिए जाने के बाद इनके भाजपा में जाने के कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि एमएलसी रहते हुए सपा से इस्तीफा               देने के मामले में हर कोई हतप्रभ है              कि आखिर उन्होंने ऐसा क्यों किया ।
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