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जांच के बाद चार का पर्चा खारिज, 66 पर्चे वैध
ब्यूरो/अमर उजाला,मऊ
Updated Thu, 16 Feb 2017 11:22 PM IST
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चुनाव
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विधान सभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया के बाद गुरुवार को पर्चा जांच की प्रक्रिया संपन्न हो गई। इस दौरान कुल चार पर्चे खारिज किए गए, लेकिन दो प्रत्याशियों का निर्दल भरा गया पर्चा वैध पाया गया। इस तरह चुनाव मैदान से मात्र दो प्रत्याशी बाहर हुए। अन्य दो प्रत्याशियों का दूसरे सेट में निर्दल के रूप में दाखिल पर्चा वैध पाया गया। मैदान से बाहर होने वाले प्रत्याशियों में मधुबन विधान सभा से सपा की प्रत्याशी सुमित्रा यादव तथा सदर से अंबेडकर नेशनल कांग्रेस पार्टी के बैनर तले पर्चा भरने वाली इंदू देवी शामिल हैं।
बताते चलें कि विधानसभा चुनाव के लिए चारों सीटों से कुल 68 लोगों ने नामांकन भरा था। मऊ सदर से 21 लोगों ने, मुहम्मदाबाद गोहना से सात लोगों ने, मधुबन से 23 तथा घोसी से 17 लोगों ने पर्चा भरा था। जांच के दौरान मऊ से अशोक सिंह के द्वारा दो सेटों में भरे गए पर्चे में से एक अवैध तथा दूसरे को वैध पाया गया। इसी क्रम में अंबेडकर नेशनल कांग्रेस की तरफ से इंदू देवी द्वारा एक सेट में दाखिल किया गया पर्चा भी जांच के बाद अवैध करार दिया गया। इसी तरह से मऊ से खारिज तो दो पर्चे हुए, लेकिन चुनाव मैदान से एक प्रत्याशी बाहर हुआ। आरओ मऊ सुरेंद्र मिश्र ने बताया कि अशोक सिंह ने भाजपा के नाम पर पर्चा तो भरा था। लेकिन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा प्रदत्त एबी फार्म अशोक सिंह निर्धारित समय सीमा के अंदर लाकर दाखिल नहीं कर सके। इस कारण अशोक का भाजपा के नाम पर भरा गया पर्चा अवैध तथा निर्दल प्रत्याशी के रूप में भरा गया पर्चा वैध पाया गया।
इसी तरह मधुबन से कुल 23 लोगों ने पर्चा दाखिल किया था। जांच के दौरान सपा प्रत्याशी सुमित्रा यादव का पर्चा जांच के बाद निरस्त कर दिया गया। आरओ विमल कुमार दूबे ने बताया कि सुमित्रा ने एक सेट में पर्चा दाखिल किया था। लेकिन 14 फरवरी की तिथि में उन्हें सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा जारी पत्र प्राप्त हुआ, जिसमें सुमित्रा यादव को जारी एबी फार्म निरस्त करने की सूचना दी गई थी। इस आधार पर सुमित्रा का पर्चा खारिज किया गया। बताते चलें कि सुमित्रा यादव ने एक सेट में सिर्फ सपा के सिंबल से नामांकन भरा था। पर्चा खारिज होने के बाद सुमित्रा यादव चुनाव मैदान से बाहर हो गई हैं। इस तरह मधुबन से अब विधिमान्य 22 प्रत्याशी मैदान में है।
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इसी क्रम में विधान सभा घोसी से कुल 17 लोगों ने पर्चा दाखिल किया था। जांच के दौरान भाजपा से बागी होकर दो सेटों में पर्चा दाखिल करने वाले योगेंद्र राय का एक पर्चा, एबी फार्म जमा न करने पर खारिज हो गया। जबकि निर्दल के रूप में दाखिल दूसरे पर्चे को वैध पाया गया। आरओ घोसी डा. राजेश कुमार ने बताया कि योगेंद्र राय का एक पर्चा खारिज हुआ, फिर भी मैदान में उतरे 17 प्रत्याशियों की संख्या बरकरार है।
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बताते चलें कि विधानसभा चुनाव के लिए चारों सीटों से कुल 68 लोगों ने नामांकन भरा था। मऊ सदर से 21 लोगों ने, मुहम्मदाबाद गोहना से सात लोगों ने, मधुबन से 23 तथा घोसी से 17 लोगों ने पर्चा भरा था। जांच के दौरान मऊ से अशोक सिंह के द्वारा दो सेटों में भरे गए पर्चे में से एक अवैध तथा दूसरे को वैध पाया गया। इसी क्रम में अंबेडकर नेशनल कांग्रेस की तरफ से इंदू देवी द्वारा एक सेट में दाखिल किया गया पर्चा भी जांच के बाद अवैध करार दिया गया। इसी तरह से मऊ से खारिज तो दो पर्चे हुए, लेकिन चुनाव मैदान से एक प्रत्याशी बाहर हुआ। आरओ मऊ सुरेंद्र मिश्र ने बताया कि अशोक सिंह ने भाजपा के नाम पर पर्चा तो भरा था। लेकिन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा प्रदत्त एबी फार्म अशोक सिंह निर्धारित समय सीमा के अंदर लाकर दाखिल नहीं कर सके। इस कारण अशोक का भाजपा के नाम पर भरा गया पर्चा अवैध तथा निर्दल प्रत्याशी के रूप में भरा गया पर्चा वैध पाया गया।
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इसी तरह मधुबन से कुल 23 लोगों ने पर्चा दाखिल किया था। जांच के दौरान सपा प्रत्याशी सुमित्रा यादव का पर्चा जांच के बाद निरस्त कर दिया गया। आरओ विमल कुमार दूबे ने बताया कि सुमित्रा ने एक सेट में पर्चा दाखिल किया था। लेकिन 14 फरवरी की तिथि में उन्हें सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा जारी पत्र प्राप्त हुआ, जिसमें सुमित्रा यादव को जारी एबी फार्म निरस्त करने की सूचना दी गई थी। इस आधार पर सुमित्रा का पर्चा खारिज किया गया। बताते चलें कि सुमित्रा यादव ने एक सेट में सिर्फ सपा के सिंबल से नामांकन भरा था। पर्चा खारिज होने के बाद सुमित्रा यादव चुनाव मैदान से बाहर हो गई हैं। इस तरह मधुबन से अब विधिमान्य 22 प्रत्याशी मैदान में है।
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इसी क्रम में विधान सभा घोसी से कुल 17 लोगों ने पर्चा दाखिल किया था। जांच के दौरान भाजपा से बागी होकर दो सेटों में पर्चा दाखिल करने वाले योगेंद्र राय का एक पर्चा, एबी फार्म जमा न करने पर खारिज हो गया। जबकि निर्दल के रूप में दाखिल दूसरे पर्चे को वैध पाया गया। आरओ घोसी डा. राजेश कुमार ने बताया कि योगेंद्र राय का एक पर्चा खारिज हुआ, फिर भी मैदान में उतरे 17 प्रत्याशियों की संख्या बरकरार है।