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अभियान
Updated Fri, 16 Feb 2018 11:32 PM IST
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मऊ। सड़क पर चलने के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन तो हो ही रहा है, इसका परिणाम है कि आए दिन सड़क दुर्घटना की घटनाएं हो रही है। इसमें लोगों की जान गंवानी पड़ रही। मरने वालों के परिवारिजन इस हादसे के गम से उबर नहीं पाते। लोगों को हेलमेट के प्रति जागरुक करने के लिए शासन से जारी नो हेलमेट नो पेट्रोल का जिले खुला उल्लंघन हो रहा।अमर उजाला टीम के पड़ताल करने पर पता चला कि इस आदेश से पंप कारोबारियों को तत्कालीन प्रशासन ने अवगत ही न ही नहीं कराया। इसके चलते किसी भी पंप संचालक ने इस पर काम नहीं किया।
मऊ जिले के एआरटीओ कार्यालय में एक लाख सत्तर हजार बाइकों का पंजीकरण किया गया है, इस हिसाब से यदि एक दिन में साठ हजार बाइक भी यदि सड़क पर उतरती होगी तो इतने लोगों को पंप पर पहुंचकर बाइक में पेट्रोल तो जरूर डलवाना होता है। मऊ पेट्रोलियम एसोसिएशन के सदस्य आनंद सिंह ने बताया कि जिले में विभिन्न कंपनियों के कुल 60 पेट्रोल पंप स्थापित है। ऐसे में प्रति दिन औसतन दो पहिया, चार पहिया और अन्य वाहनों को मिलाकर करीब एक लाख लीटर पेट्रोल की खपत होती है। ऐसे में यदि हर पंप पर नो हेलमेट नो पेट्रोल का बोर्ड लगा होता तो भी बाइक सवार एक बार इसके प्रति जागरूक होते।
बताते चले क्षतिग्रस्त और कीचड़युक्त सड़कों पर अक्सर बाइकों के फिसलने की घटनाएं होती रहती है। ऐसे में हेलमेट न पहनने के कारण बाइक चालक हादसे का शिकार होते हैं। अक्सर गिरने के दौरान सिर में चोट लगने से होने वाली विकृति मौत होने की घटनाएं आम होती रहती है। ऐसे में लोगों हेलमेट के प्रति जागरुक करने और उनके जीवन को सुरक्षित रखने के लिए शासन से नो हेलमेट, नो पेट्रोल का आदेश जारी किया गया था। शुक्रवार को नगर क्षेत्र के हर पंपों की पड़ताल की गई। लेकिन किसी भी पंप पर इस तरह की जागरुकता का कोई पोस्टर, तख्ती नहीं लगी मिली।
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मऊ जिले के एआरटीओ कार्यालय में एक लाख सत्तर हजार बाइकों का पंजीकरण किया गया है, इस हिसाब से यदि एक दिन में साठ हजार बाइक भी यदि सड़क पर उतरती होगी तो इतने लोगों को पंप पर पहुंचकर बाइक में पेट्रोल तो जरूर डलवाना होता है। मऊ पेट्रोलियम एसोसिएशन के सदस्य आनंद सिंह ने बताया कि जिले में विभिन्न कंपनियों के कुल 60 पेट्रोल पंप स्थापित है। ऐसे में प्रति दिन औसतन दो पहिया, चार पहिया और अन्य वाहनों को मिलाकर करीब एक लाख लीटर पेट्रोल की खपत होती है। ऐसे में यदि हर पंप पर नो हेलमेट नो पेट्रोल का बोर्ड लगा होता तो भी बाइक सवार एक बार इसके प्रति जागरूक होते।
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बताते चले क्षतिग्रस्त और कीचड़युक्त सड़कों पर अक्सर बाइकों के फिसलने की घटनाएं होती रहती है। ऐसे में हेलमेट न पहनने के कारण बाइक चालक हादसे का शिकार होते हैं। अक्सर गिरने के दौरान सिर में चोट लगने से होने वाली विकृति मौत होने की घटनाएं आम होती रहती है। ऐसे में लोगों हेलमेट के प्रति जागरुक करने और उनके जीवन को सुरक्षित रखने के लिए शासन से नो हेलमेट, नो पेट्रोल का आदेश जारी किया गया था। शुक्रवार को नगर क्षेत्र के हर पंपों की पड़ताल की गई। लेकिन किसी भी पंप पर इस तरह की जागरुकता का कोई पोस्टर, तख्ती नहीं लगी मिली।
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