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तत्कालीन बीडीओ कोपागंज पर 25 हजार का जुर्माना
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मऊ। सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत मांगी गई जन सूचना का जवाब न देने और राज्य सूचना आयुक्त के समक्ष अपना पक्ष रखने के लिए उपस्थित नहीं होने पर जनसूचना अधिकारी/ खंड विकास अधिकारी पर 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। राज्य सूचना आयुक्त ने आयोग के रजिस्ट्रार को जुर्माना वसूली वेतन से करने का आदेश दिया है।
कोपागंज विकास खंड क्षेत्र के मीरपुर रहीमाबाद निवासी के श्रीकांत यादव ने सात नवंबर 2017 को खंड विकास अधिकारी कोपागंज से कई बिंदुओं पर सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत सूचना मांगी थी। सूचना मांगने वाले श्रीकांत यादव का आयोग में कहना था कि प्रथम अपीलीय अधिकारी ने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के प्रावधानों के तहत सुनवाई नहीं की। अपीलकर्ता ने उप्र सूचना आयोग के समक्ष द्वितीय अपील प्रस्तुत की। इसमें उसके मूल आवेदन के क्रम में वांछित सूचनाएं उपलब्ध कराने तथा अधिनियम का अनुपालन करने के लिए प्रतिवादी के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई करने का अनुरोध किया।
आयोग ने प्रतिवादी जनसूचना अधिकारी को सूचनाएं देने के लिए आदेश दिया। आयोग की तरफ से जन सूचना अधिकारी को पर्याप्त समय देते हुए पांच बार नोटिस जारी की गई। आयोग ने माना कि प्रतिवादी जन सूचना अधिकारी प्रस्तुत प्रकरण को लेकर गंभीर नहीं है। ऐसे में प्रतिवादी जन सूचना अधिकारी/तत्कालीन खंड विकास अधिकारी कोपागंज को दोषी मानते हुए उसके विरुद्ध सूचना अधिकार की धारा 20 (1) के तहत 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। इस बाबत ज्वाइंट मजिस्ट्रेट तथा प्रभारी खंड विकास अधिकारी कोपागंज अजय गौतम का कहना था कि मामला संज्ञान में नहीं आया है।
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कोपागंज विकास खंड क्षेत्र के मीरपुर रहीमाबाद निवासी के श्रीकांत यादव ने सात नवंबर 2017 को खंड विकास अधिकारी कोपागंज से कई बिंदुओं पर सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत सूचना मांगी थी। सूचना मांगने वाले श्रीकांत यादव का आयोग में कहना था कि प्रथम अपीलीय अधिकारी ने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के प्रावधानों के तहत सुनवाई नहीं की। अपीलकर्ता ने उप्र सूचना आयोग के समक्ष द्वितीय अपील प्रस्तुत की। इसमें उसके मूल आवेदन के क्रम में वांछित सूचनाएं उपलब्ध कराने तथा अधिनियम का अनुपालन करने के लिए प्रतिवादी के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई करने का अनुरोध किया।
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आयोग ने प्रतिवादी जनसूचना अधिकारी को सूचनाएं देने के लिए आदेश दिया। आयोग की तरफ से जन सूचना अधिकारी को पर्याप्त समय देते हुए पांच बार नोटिस जारी की गई। आयोग ने माना कि प्रतिवादी जन सूचना अधिकारी प्रस्तुत प्रकरण को लेकर गंभीर नहीं है। ऐसे में प्रतिवादी जन सूचना अधिकारी/तत्कालीन खंड विकास अधिकारी कोपागंज को दोषी मानते हुए उसके विरुद्ध सूचना अधिकार की धारा 20 (1) के तहत 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। इस बाबत ज्वाइंट मजिस्ट्रेट तथा प्रभारी खंड विकास अधिकारी कोपागंज अजय गौतम का कहना था कि मामला संज्ञान में नहीं आया है।
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