{"_id":"5b4652aa4f1c1bc6248b5d49","slug":"21531335338-mau-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ैक्षिक गुणवता में गिरावट की लेनी होगी नैतिक जिम्मेदारी: बीएसए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ैक्षिक गुणवता में गिरावट की लेनी होगी नैतिक जिम्मेदारी: बीएसए
Updated Thu, 12 Jul 2018 12:25 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दोहरीघाट। बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से पार्वती महिला पीजी कॉलेज के सभागार में बुधवार को शैक्षिक गुणवत्ता संवर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें शिक्षा में सुधार के लिए जिम्मेदारी लेने की बात कही गई।
मुख्य अतिथि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी त्रिपाठी ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता में गिरावट आई है। विद्यालयों में बच्चों का नामांकन कम हो रहा है जो चिंतनीय है। ऐसे में हम अपनी जिम्मेदारियों से बच नहीं सकते। शैक्षिक सुधार के लिए हमें अपनी नैतिक जिम्मेवारी समझनी होगी। खंड शिक्षा अधिकारी माधवेंद्र पांडेय ने कहा कि विद्यालयों में बच्चों का ज्यादा से ज्यादा दाखिला करवाएं। बच्चों की शत प्रतिशत उपस्थित हो। इस पर हमें पूरे मनोयोग से लगना होगा। अभिभावकों का भी विश्वास जीतना होगा कि शिक्षा की क्रांति में हम आपके पाल्यों को उच्च गुणवत्तापरक शिक्षा देने के लिए पूरी तैयारी किए हुए हैं।शिक्षा के नैतिक मूल्यों में जो गिरावट आई थी लेकिन अब इसे दूर करना होगा।
लालविहारी दूबे ने कहा सरकार की मंशा है कि प्राथमिक विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से गुणवत्तापरक शिक्षा मिले। शिक्षा में सुधार के लिए बच्चों को अंग्रेजी माध्यम से पढ़ने के लिए भी अलग से शिक्षक नियुक्त किए गए हैं। इस दौरान प्रधानाध्यापक केसी राय, लल्लन विश्वकर्मा, विनोदद राजभर, अशोक कुमार यादव, गीता सिंह, प्रसूनलता आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्य अतिथि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी त्रिपाठी ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता में गिरावट आई है। विद्यालयों में बच्चों का नामांकन कम हो रहा है जो चिंतनीय है। ऐसे में हम अपनी जिम्मेदारियों से बच नहीं सकते। शैक्षिक सुधार के लिए हमें अपनी नैतिक जिम्मेवारी समझनी होगी। खंड शिक्षा अधिकारी माधवेंद्र पांडेय ने कहा कि विद्यालयों में बच्चों का ज्यादा से ज्यादा दाखिला करवाएं। बच्चों की शत प्रतिशत उपस्थित हो। इस पर हमें पूरे मनोयोग से लगना होगा। अभिभावकों का भी विश्वास जीतना होगा कि शिक्षा की क्रांति में हम आपके पाल्यों को उच्च गुणवत्तापरक शिक्षा देने के लिए पूरी तैयारी किए हुए हैं।शिक्षा के नैतिक मूल्यों में जो गिरावट आई थी लेकिन अब इसे दूर करना होगा।
विज्ञापन
लालविहारी दूबे ने कहा सरकार की मंशा है कि प्राथमिक विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से गुणवत्तापरक शिक्षा मिले। शिक्षा में सुधार के लिए बच्चों को अंग्रेजी माध्यम से पढ़ने के लिए भी अलग से शिक्षक नियुक्त किए गए हैं। इस दौरान प्रधानाध्यापक केसी राय, लल्लन विश्वकर्मा, विनोदद राजभर, अशोक कुमार यादव, गीता सिंह, प्रसूनलता आदि शामिल रहे।
विज्ञापन