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अधिकांश यूनिटों में नहीं लगा है अग्निशमन यंत्र
Updated Tue, 07 Aug 2018 11:44 PM IST
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मऊ। जिले के औद्योगिक इकाइयों में अग्निशमन यंत्र लगाए जाने का आदेश का अनुपालन अकसर नहीं होता है। औद्योगिक आस्थानों की अधिकांश यूनिटों में अग्निशमन यंत्र नहीं लग सका है। बस संबंधित विभाग की तरफ से नोटिस भेजकर खानापूर्ति कर ली जा रही है।
जिले में ताजोपुर, गाजीपुर तिराहा स्थित औद्योगिक आस्थान, घोसी में 281 यूनिटें हैं। नियम के तहत सभी यूनिटों में फायर इग्जिट पानी आपूर्ति की व्यवस्था मानक के अनुसार तथा अग्निशमन यंत्र लगाना अनिवार्य है। हालत यह है कि अधिकांश यूनिटों में आग बुझाने के प्रबंध मानकों के अनुसार नहीं है। कई यूनिटों में अग्निशमन यंत्र लगा भी है, तो एक्सपायर हो गया है। विभागीय आदेश के बाद भी यूनिट संचालक अग्निशमन यंत्र लगाए जाने के प्रति गंभीर नहीं हैं। बिजली से संचालित यूनिटों में शार्ट सर्किट से कभी भी हादसा हो सकता है। शासन की तरफ से यूनिटों में लगाए गए अग्निशमन यंत्र तथा आग से बचाव के संसाधनों पर समय-समय पर मानीटरिंग किए जाने के लिए अग्निशमन विभाग सहित संबंधित विभाग को चेकिंग करने का आदेश दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट का भी आदेश है। बावजूद प्रशासनिक उदासीनता के चलते अधिकांश यूनिटों को नियम कानून को ताक पर रखकर संचालित किया जा रहा है। अग्निशमन विभाग की तरफ से नोटिस भेजकर खानापूर्ति कर ली गई है। विभागीय अभिलेखों में 70 यूनिटों के खिलाफ नोटिस जारी की गई है। विभागीय स्थिति यही रही तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इस बाबत अग्निशमन अधिकारी सुभाष कुमार का कहना है कि 70 औद्योगिक इकाइयों को नोटिस जारी की गई है। सत्यापन के दौरान आदेश का अनुपालन न करने वाली ऐसी इकाइयों को सील करने की कार्रवाई की जाएगी।
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जिले में ताजोपुर, गाजीपुर तिराहा स्थित औद्योगिक आस्थान, घोसी में 281 यूनिटें हैं। नियम के तहत सभी यूनिटों में फायर इग्जिट पानी आपूर्ति की व्यवस्था मानक के अनुसार तथा अग्निशमन यंत्र लगाना अनिवार्य है। हालत यह है कि अधिकांश यूनिटों में आग बुझाने के प्रबंध मानकों के अनुसार नहीं है। कई यूनिटों में अग्निशमन यंत्र लगा भी है, तो एक्सपायर हो गया है। विभागीय आदेश के बाद भी यूनिट संचालक अग्निशमन यंत्र लगाए जाने के प्रति गंभीर नहीं हैं। बिजली से संचालित यूनिटों में शार्ट सर्किट से कभी भी हादसा हो सकता है। शासन की तरफ से यूनिटों में लगाए गए अग्निशमन यंत्र तथा आग से बचाव के संसाधनों पर समय-समय पर मानीटरिंग किए जाने के लिए अग्निशमन विभाग सहित संबंधित विभाग को चेकिंग करने का आदेश दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट का भी आदेश है। बावजूद प्रशासनिक उदासीनता के चलते अधिकांश यूनिटों को नियम कानून को ताक पर रखकर संचालित किया जा रहा है। अग्निशमन विभाग की तरफ से नोटिस भेजकर खानापूर्ति कर ली गई है। विभागीय अभिलेखों में 70 यूनिटों के खिलाफ नोटिस जारी की गई है। विभागीय स्थिति यही रही तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इस बाबत अग्निशमन अधिकारी सुभाष कुमार का कहना है कि 70 औद्योगिक इकाइयों को नोटिस जारी की गई है। सत्यापन के दौरान आदेश का अनुपालन न करने वाली ऐसी इकाइयों को सील करने की कार्रवाई की जाएगी।
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