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साहित्यकार डा. केदार की मौत पर शोक सभा का किया आयोजन
Updated Tue, 20 Mar 2018 11:08 PM IST
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बढुआ गोदाम (मऊ)। हिंदी साहित्य की प्रतिष्ठित पत्रिका शब्दिता और प्रत्यय की तरफ से मंगलवार को जिले के साहित्यकार और प्रभुत्वजनों की एक बैठक सहादतपुरा स्थित डा. कमलेश राय के आवास पर हुई। इसमें साहित्यकार डॉ. केदार नाथ की मौत पर सभी ने शोक व्यक्त किया। साथ ही उनके व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला गया।
बैठक में समकालीन हिंदी काव्यधारा के मुर्धन्य कवि डा. केदारनाथ सिंह के निधन पर चर्चा हुई, साथ ही उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। प्रत्यय के संपादक डॉ. सर्वेश पांडे ने कवि केदारनाथ सिंह को तीसरे सप्तक के सबसे बड़े कवि के रूप में याद किया। डॉ. कमलेश राय ने कहा कि लगभग चार दशक से समकालीन हिंदी कविता का प्रतिनिधित्व करने वाले कवि डॉ. केदारनाथ सिंह अकादमिक हिंदी कविता के मानक संदर्भ थे। इनके आकस्मिक निधन से जो जगह खाली हुई है उसे भर पाना संभव नही हैं। डॉ. चंद्र प्रकाश राय ने कहा कि हमें गर्व है, वे हमारे पूर्वांचल के बलिया जिले के रहने वाले थे। उनका लेखकीय अवदान हिंदी साहित्य में हमेशा आदर के साथ लिया जाएगा। इस दौरान बैठक में डॉ. राम निवास राय, सचिंद्र सिंह, रवीश तिवारी, संतोष मिश्रा, दयाशंकर तिवारी, विशाल पांडे, मृत्युंजय तिवारी रहे। कार्यक्रम के अंत में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।
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बैठक में समकालीन हिंदी काव्यधारा के मुर्धन्य कवि डा. केदारनाथ सिंह के निधन पर चर्चा हुई, साथ ही उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। प्रत्यय के संपादक डॉ. सर्वेश पांडे ने कवि केदारनाथ सिंह को तीसरे सप्तक के सबसे बड़े कवि के रूप में याद किया। डॉ. कमलेश राय ने कहा कि लगभग चार दशक से समकालीन हिंदी कविता का प्रतिनिधित्व करने वाले कवि डॉ. केदारनाथ सिंह अकादमिक हिंदी कविता के मानक संदर्भ थे। इनके आकस्मिक निधन से जो जगह खाली हुई है उसे भर पाना संभव नही हैं। डॉ. चंद्र प्रकाश राय ने कहा कि हमें गर्व है, वे हमारे पूर्वांचल के बलिया जिले के रहने वाले थे। उनका लेखकीय अवदान हिंदी साहित्य में हमेशा आदर के साथ लिया जाएगा। इस दौरान बैठक में डॉ. राम निवास राय, सचिंद्र सिंह, रवीश तिवारी, संतोष मिश्रा, दयाशंकर तिवारी, विशाल पांडे, मृत्युंजय तिवारी रहे। कार्यक्रम के अंत में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।
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