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घाघरा के जलस्तरमें घटाव, खतरा बरकरार
Updated Wed, 30 Aug 2017 11:43 PM IST
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दोहरीघाट / दुबारी। दोहरीघाट में घाघरा का जल स्तर तेजी से घटने के साथ कटान तेज होने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीर खिंच गई है, साथ ही उपजाऊ जमीन के कटने का डर सताने लगा है। जल स्तर घटने से लोगों ने राहत कि सास ली है, बावजूद नदी खतरे के निशान से 20 सेमी ऊपर बह रही है। कस्बा के तीन मुहल्लों में बाढ़ के पानी के साथ आई गंदगी को साफ नहीं कराया जा सका है। इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है।
नदी का जलस्तर जैसे-जैसे घट रहा है। वैसे-वैसे लोगों को नदी के कहर बरपाने की चिंता सताने लगी है। नदी अभी भी खतरा बिंदु के ऊपर बह रही है। कसबे के तीन मोहल्लों में बाढ़ के पानी के साथ आए कचरे को अभी तक साफ नहीं कराया जा सका है। इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। नदी का पानी भारत माता मंदिर की दीवार पर टक्कर मार रहा है। नदी के रुख से नगर की सभी ऐतिहासिक धरोंहरे अभी भी खतरे की जद में हैं। गौरीशंकर घाट पर घाघरा का जल स्तर बुधवार को 70.10 मीटर रहा। मंगलवार को 70.35 मीटर रहा। इस तरह 24 घंटे मे नदी का जल स्तर 25 सेमी घटाव दर्ज किया गया। खतरे का निशान 69.90 मीटर है। मधुबन के देवारे में परसिया हाहा नाला रेगुलेटर पर नदी का जलस्तर 66.03 मीटर रहा। घाघरा जलस्तर जैसे-जैसे घट रहा है त्यों त्यों फसलें अपने आप गिरती जा रही हैं। गांवों में जलजमाव से मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से लोगों को एक-एक पल बिताना मुश्किल हो रहा है। कई पुरवो का संपर्क मार्गो पर पानी भरा होने से लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। नावों की सुविधा न होने से पशुओं के चारा की उपलब्धता नहीं हो पा रही है। पशुओं के चारा के लिए बाढ पीड़ित किसान तीन चार किलोमीटर दूर से जाकर चारा ला रहे हैं।
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नदी का जलस्तर जैसे-जैसे घट रहा है। वैसे-वैसे लोगों को नदी के कहर बरपाने की चिंता सताने लगी है। नदी अभी भी खतरा बिंदु के ऊपर बह रही है। कसबे के तीन मोहल्लों में बाढ़ के पानी के साथ आए कचरे को अभी तक साफ नहीं कराया जा सका है। इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। नदी का पानी भारत माता मंदिर की दीवार पर टक्कर मार रहा है। नदी के रुख से नगर की सभी ऐतिहासिक धरोंहरे अभी भी खतरे की जद में हैं। गौरीशंकर घाट पर घाघरा का जल स्तर बुधवार को 70.10 मीटर रहा। मंगलवार को 70.35 मीटर रहा। इस तरह 24 घंटे मे नदी का जल स्तर 25 सेमी घटाव दर्ज किया गया। खतरे का निशान 69.90 मीटर है। मधुबन के देवारे में परसिया हाहा नाला रेगुलेटर पर नदी का जलस्तर 66.03 मीटर रहा। घाघरा जलस्तर जैसे-जैसे घट रहा है त्यों त्यों फसलें अपने आप गिरती जा रही हैं। गांवों में जलजमाव से मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से लोगों को एक-एक पल बिताना मुश्किल हो रहा है। कई पुरवो का संपर्क मार्गो पर पानी भरा होने से लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। नावों की सुविधा न होने से पशुओं के चारा की उपलब्धता नहीं हो पा रही है। पशुओं के चारा के लिए बाढ पीड़ित किसान तीन चार किलोमीटर दूर से जाकर चारा ला रहे हैं।
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