मऊ। पीएम सम्मान निधि के अपात्रों ने निधि को लौटाना शुरू कर दिया है। कृषि विभाग ने सत्यापन के बाद ऐसे 7842 अपात्रों को नोटिस भेजा था। जो अपात्र निधि नहीं लौटाएंगे उनके खिलाफ विभाग प्राथमिकी भी दर्ज कराएगा। जिले में किसानों को सीधे आर्थिक मदद पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की गई है। योजना में किसानों को साल में तीन बार दो-दो हजार रुपया दिए जा रहे हैं। जिले में दो लाख 17 हजार 917 किसानों को योजना का लाभ दिया जा चुका है। शासन द्वारा किसानों की पात्रता की जांच के लिए निर्देश दिए गए थे। पीएम किसान सम्मान निधि पाने वाले किसानों का सत्यापन जिले स्तर पर कराया गया। जिसमें नाम, पिता या पति का नाम, गांव, आधार संख्या, पात्र है या नहीं। किसान के पास कितनी जमीन है, खसरा-खतौनी का सत्यापन कराया गया। साथ ही सम्मान निधि लेने वाला डाक्टर, सीए, इंजीनियर, अधिवक्ता, आयकर दाता या किसी संस्थान में पंजीकृत व्यक्ति तो नहीं है। किसान लोक सेवक के किसी पद, जिला पंचायत सदस्य, ब्लाक प्रमुख तो नहीं है। लाभार्थी को कहीं से 10 हजार से अधिक मासिक पेंशन तो नहीं मिल रही है। कृषि विभाग की जांच में 2020-21 तथा 2021-22 में 7842 किसान अपात्र पाए गए थे। अपात्र किसानों पर नजर डाला जाए तो 3250 आयकरदाता, 45 मृतक, 4236 गलत खाता तथा 311 अन्य शामिल हैं। अब इन किसानों को योजना से बाहर करने के साथ ही नोटिस जारी किया गया है। ऐेसे में अब तक 200 लोगों ने मिली किसान सम्मान निधि के लगभग दो लाख रुपये वापस कर दिए हैं।