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नेपाल ने घाघरा में छोड़ा तीन लाख क्यूसेक पानी
Updated Thu, 30 Aug 2018 11:29 PM IST
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दोहरीघाट/दुबारी। नेपाल की तरफ से शारदा बैराज तथा गिरजा बैराज से तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी के पानी में ब्रह्मचारी बाबा की कुटी डूब गई है। रामजानकी घाट, मुक्तिधाम, गौरीशंकर घाट, श्मशान घाट की सभी सीढ़ियां डूब गई है। नवली रिंग बंधा पर कटान शुरु होने से लोग दहशत में हैं। मुक्तिधाम, भारतमाता सहित ऐतिहासिक धरोहरों को बचाने के लिए सिंचाई विभाग की तरफ से जालीयुक्त बोल्डर डालने का काम चल रहा था। वहीं घाघरा में बाढ़ आने से मधुबन तहसील के देवारा क्षेत्र के आधा दर्जन गांव टापू में तब्दील हो गए हैं।
नेपाल द्वारा घाघरा में पानी छोड़े जाने के बाद गुरुवार को नदी के जलस्तर में 10 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी का जलस्तर 70.40 मीटर रहा। जबकि नदी खतरे के निशान से नदी 50 सेमी ऊपर बह रही है। घाघरा का जलस्तर बढ़ने से औराडाड़ तथा नवली गांव के समीप लगे रेगुलेटरों मे एक बार फिर रिसाव शुरू होने से हड़कंप मच गया। आनन फानन में बाढ़ खंड आजमगढ़ के अधिशासी अभियंता दीपक कुमार सिंचाई कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे। किसी तरह से हो रहे रिसाव को बंद कराया। वहीं बाढ़खंड आजमगढ़ तथा सिंचाई विभाग द्वारा बंधो पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मुक्तिधाम, भारतमाता मंदिर को बचाने के लिए नदी में जालीयुक्त बोल्डर डाला जा रहा था। एसडीएम घोसी छेदीलाल सोनकर का कहना था कि नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। बाढ़ से बचाव के उपाय किए जा रहे हैं। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र पासवान का कहना है नेपाल द्वारा लगातार पानी छोड़े जाने से नदी का जलस्तर बढ़ता जा रहा है, लेकिन आज बाराबंकी, फैजाबाद में नदी स्थिर है। हो सकता है कि नदी का जलस्तर 70.50 मीटर तक पहुंच कर स्थिर हो जाए। उधर नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि होने से मधुबन तहसील के देवारा इलाके के चक्की मूसाडोही, बरोहा, चौहानपुर का पुरवा, बारी, गजियापुर छावनी, भगत का पुरा, बैरकंटा, हरिलाल का पुरवा, सुन्नर का पुरवा, किशुन का पुरवा, खैरा, बिंटोलिया, नई बस्ती, जरलहवा, हाता, लीलहवा, नकीहवा, शिशवा, मनमन का पुरवा, परसिया, भटोली, पब्बर का पुरवा, धर्मपुर टाड़ी, नरहाघाट आदि टापू में तब्दील हो गया है। नदी के जलस्तर पर नजर डाला जाए तो परसिया हाहानाला रेगुलेटर पर नदी का जलस्तर 66.14 मीटर रहा। जबकि खतरा का निशान 66.31 मीटर है। नदी खतरा निशान 17 सेमी नीचे बह रही है। वहीं, कई विद्यालयों के परिसर में पानी भर जाने से विद्यालयों में पठन पाठन बंद है।
एसडीएम ने किया दौरा
दुबारी । उपजिलाधिकारी मधुबन निरंकार सिंह बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा किया। उपजिलाधिकारी ने प्राथमिक विद्यालय चक्की मूसाडोही के परिसर में 60 परिवारों को भोजन की व्यवस्था करने का निर्देश दिया।
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नेपाल द्वारा घाघरा में पानी छोड़े जाने के बाद गुरुवार को नदी के जलस्तर में 10 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी का जलस्तर 70.40 मीटर रहा। जबकि नदी खतरे के निशान से नदी 50 सेमी ऊपर बह रही है। घाघरा का जलस्तर बढ़ने से औराडाड़ तथा नवली गांव के समीप लगे रेगुलेटरों मे एक बार फिर रिसाव शुरू होने से हड़कंप मच गया। आनन फानन में बाढ़ खंड आजमगढ़ के अधिशासी अभियंता दीपक कुमार सिंचाई कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे। किसी तरह से हो रहे रिसाव को बंद कराया। वहीं बाढ़खंड आजमगढ़ तथा सिंचाई विभाग द्वारा बंधो पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मुक्तिधाम, भारतमाता मंदिर को बचाने के लिए नदी में जालीयुक्त बोल्डर डाला जा रहा था। एसडीएम घोसी छेदीलाल सोनकर का कहना था कि नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। बाढ़ से बचाव के उपाय किए जा रहे हैं। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र पासवान का कहना है नेपाल द्वारा लगातार पानी छोड़े जाने से नदी का जलस्तर बढ़ता जा रहा है, लेकिन आज बाराबंकी, फैजाबाद में नदी स्थिर है। हो सकता है कि नदी का जलस्तर 70.50 मीटर तक पहुंच कर स्थिर हो जाए। उधर नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि होने से मधुबन तहसील के देवारा इलाके के चक्की मूसाडोही, बरोहा, चौहानपुर का पुरवा, बारी, गजियापुर छावनी, भगत का पुरा, बैरकंटा, हरिलाल का पुरवा, सुन्नर का पुरवा, किशुन का पुरवा, खैरा, बिंटोलिया, नई बस्ती, जरलहवा, हाता, लीलहवा, नकीहवा, शिशवा, मनमन का पुरवा, परसिया, भटोली, पब्बर का पुरवा, धर्मपुर टाड़ी, नरहाघाट आदि टापू में तब्दील हो गया है। नदी के जलस्तर पर नजर डाला जाए तो परसिया हाहानाला रेगुलेटर पर नदी का जलस्तर 66.14 मीटर रहा। जबकि खतरा का निशान 66.31 मीटर है। नदी खतरा निशान 17 सेमी नीचे बह रही है। वहीं, कई विद्यालयों के परिसर में पानी भर जाने से विद्यालयों में पठन पाठन बंद है।
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एसडीएम ने किया दौरा
दुबारी । उपजिलाधिकारी मधुबन निरंकार सिंह बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा किया। उपजिलाधिकारी ने प्राथमिक विद्यालय चक्की मूसाडोही के परिसर में 60 परिवारों को भोजन की व्यवस्था करने का निर्देश दिया।
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