फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   विभागीय उदासीनता से नहीं चालू हो सकी कृषि मंडियां

विभागीय उदासीनता से नहीं चालू हो सकी कृषि मंडियां

Sat, 30 Dec 2017 11:17 PM IST
Updated Sat, 30 Dec 2017 11:17 PM IST
विज्ञापन
विभागीय उदासीनता से नहीं चालू हो सकी कृषि मंडियां
मऊ। सरकार की तरफ से किसानों को फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए तमाम कवायद विभागीय उदासीनता के चलते बेअसर साबित हो रही है। विभाग की तरफ से तीन ब्लाकों के तीन गांवों में किसानों को फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए लाखों की लागत से वर्षो पूर्व मिनी मंडी की स्थापना कराई गई। दुकानों का आवंटन तो कर दिया, लेकिन अधिकांश मंडियों पर खरीद बिक्री अभी तक शुरू नहीं हो सका। सब कुछ जानकर विभागीय अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
विज्ञापन

जिले में धान, गेहूं, गन्ना, सब्जी, फल सहित विभिन्न फसलों की खेती की जाती है। हाड़तोड़ मेहनत करने के बाद भी किसानों को फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। सरकार की तरफ से किसानों के फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए जिला मुख्यालय के भुजौटी में कृषि मंडी की स्थापना की गई है। यहां मंडी का संचालन तो हो रहा है। लेकिन योजना का व्यापक पैमाने पर प्रचार प्रसार न होने से किसानों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। अधिकारियों की मानें तो भुजौटी स्थित कृषि मंडी से लगभग 500 सब्जी उत्पादक किसान लाभ उठा रहे हैं।इसके अलावा मंडी समिति की तरफ से वर्षो पूर्व लाखों की लागत से कोपागंज ब्लाक क्षेत्र के लैरोदोनवार, परदहां ब्लाक क्षेत्र के डुमरांव, ताजोपुर, रतनपुरा ब्लाक के पहदेवाजीत गांव में मिनी मंडी की स्थापना की गई। यहां टिनशेड, चबूतरा समेत कई सुविधाएं उपलब्ध कराने में मंडी समिति पर लाखों रुपये खर्च किए गए। लेकिन लंबे समय बाद भी अफसरों की लापरवाही के चलते मंडियां संचालित नहीं हो सकी है। हालत यह है कि ये छुट्टा पशुओं और अराजकतत्वों का अड्डा बन गया है। विभाग की तरफ से मिनी मंडी में बनी दुकानों का आवंटन भी कर दिया गया है। दुकानदारों, व्यापारियों द्वारा प्रतिमाह किराया भी जमा कराया जा रहा है। लेकिन विभागीय अधिकारी मंडी को चालू कराने मेें रुचि नहीं ले रहे हैं। इस बाबत मंडी समिति के सचिव विजय बहादुर दुबे का कहना है कि किसानों को फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए मंडी समितियों को शीघ्र ही चालू करा दिया जाएगा।
विज्ञापन

इनसेट
मंडी समिति से देश में कहीं भी बिक्री संभव
मऊ। किसानों की आय दोगुनी करने की केंद्र की पहल के साथ प्रदेश सरकार ने भी प्रयास शुरू कर दिया है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से मंडी समितियों के माध्यम से किसान पूरे देश में कहीं भी अपना फल, सब्जी, अनाज आदि बेच सकता है। जरूरतमंद किसान को तहसीलदार से अनुमति प्राप्त कर मंडी समिति में खतौनी आदि देकर पंजीकरण कराना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

इनसेट
क्या कहते हैं किसान
उठने लगी है मिनी मंडी को चालू कराने की मांग
बढुआगोदाम। किसानों को हाड़तोड़ मेहनत करने के बाद भी किसानों को फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। ताजोपुर, डुमरांव के साथ रतनपुरा ब्लाक में पहदेवा जीत गांव में लाखों रुपये की की लागत से मंडी की स्थापना तो की गई। लेकिन मंडी का संचालन न होने से लोग गुस्से में हैं।इस संबंध में डुमरांव गांव के किसान बालरुप यादव, बहरीपुर के नागेंद्र राजभर का कहना है कि मिनी मंडी बने चार वर्ष बीत गया, लेकिन अभी तक चालू नहीं कराया गया।आला अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ भी हासिल नहीं हो सका है। इसी तरह किसान डुमरांव के शैैलेेश पांडेय, ताजोपुर गांव के बागीश कुमार का कहना है कि मेहनत की कमाई की फसल को औने पौने दाम में बेचना पड़ता है। मिनी मंडी की सुविधा होने के बाद भी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। मिनी मंडी को अविलंब चालू कराया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed