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दुर्घटना मौत

Mon, 12 Nov 2018 12:49 AM IST
Updated Mon, 12 Nov 2018 12:49 AM IST
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दुर्घटना मौत

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घोसी। स्थानीय कोतवाली क्षेत्र के मिर्जाजमालपुर गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 29 पर शनिवार की रात 10 बजे सड़क पर खराब होने के चलते खड़े ट्रक में पीछे से हुई मोटरसाइकिल की जोरदार टक्कर में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में एक आजमगढ़ जिले के बूंदा चंडेसर निवासी था, जबकि दूसरा चिरैयाकोट कस्बा के कोइराता मुहल्लेे का निवासी था। दोनों चालक थे और घटना के समय पिढ़वल मोड़ पर एक ढाबा पर भोजन करने जा रहे थे। चिरैयाकोट निवासी युवक वहीं पर ढाबा खोलने की तैयारी कर रहा था। उसने चंडेश्वर निवासी अपने दोस्त को इसी सिलसिले में सलाह के लिए बुलाया था। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। दोनों ही दोस्तों को काल के क्रूर पंजों ने मौत की नींद सुला दिया। पुलिस ने मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद उनके परिवार वालों को सौंप दिया। परिवार वालों का आरोप था कि ट्रक के पीछे अगर लाल बत्ती जल रही होती तो यह हादसा नहीं होता। पुलिस ने कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया है।
चिरैयाकोट निवासी सत्येंद्र मौर्य (25) पुत्र मिश्री मौर्य का कस्बा घोसी में ननिहाल है। वह यहीं पर नगर के सिनेमा रोड के पास रहकर अपना टेंपो चलाता था। वह पिढ़वल मोड़ पर ढाबा खोलने के प्रयास में था। इसको लेकर आजमगढ़ जनपद के बूंदा चंडेसर निवासी साथी ड्राइवर दिवाकर चौबे (30) पुत्र नागेंद्र चौबे को अपने पास बुलाया था। दोनों दोस्त शनिवार की देर शाम मोटरसाइकिल से पिढ़वल मोड़ जा रहे थे। रात्रि 10 बजे के करीब जब दोनों मिर्जाजमालपुर गांव के पास ट्रैक्टर एजेंसी के करीब पहुंचे तो अंधेरा होने के चलते पहले से खराब होने के चलते सड़क पर खड़े ट्रक को देख नहीं सके और मोटरसाइकिल ट्रक के पीछे जोर से टकरा गई। इस टक्कर में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। ट्रक के पीछे कोई लालबत्ती नहीं जलाई गई थी। जिससे यह हादसा हो गया। हादसे की सूचना पाकर कोतवाल मौके पर पहुुंचे। पुलिस ने हादसे की सूचना दोनों के परिवार वालों को दी।
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इनसेट
हादसे की सूचना मिलते ही मचा कोहराम
चिरैयाकोट। मृतक सत्येंद्र के पिता मिश्री मौर्य किसी तरह अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। उनके पास महज एक बीघा जमीन है। इस जमीन पर सब्जी की खेती करके वह ठेले पर बेंचते हैं। सत्येंद्र तीसरे नंबर का था। उसके बड़े भाई जितेंद्र की शादी हुई है। जबकि बाकी सभी छोटे अविवाहित हैं। सत्येंद्र अपने परिवार की माली हालत सुधारने को लेकर चिंतित था। हादसे की जानकारी मिलते ही उसके परिवार में कोहराम मच गया। सत्येंद्र की मौत से उसके पिता मिश्री, मां फूलमती, भाई जितेंद्र, हरेंद्र, अभिषेक, मनीष और बहनें प्रीति और प्रियंका का रोरोकर बुरा हाल था।
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