{"_id":"599497894f1c1b351a8b469b","slug":"181502910345-mau-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारतमाता मंदिर की सुरक्षा में रखा बोल्डर ध्सां, खतरे की जद में दोहरीघाट कस्बा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भारतमाता मंदिर की सुरक्षा में रखा बोल्डर ध्सां, खतरे की जद में दोहरीघाट कस्बा
Updated Thu, 17 Aug 2017 12:35 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दोहरीघाट। घाघरा का जलस्तर जैसे-जैसे बढ़ रहा है वैसे-वैसे लोगों की मुश्किलें भी बढ़ती ही जा रही है। नदी की बाढ़ ने लोगों का सुख चैन छीन लिया है। मुक्तिधाम के सुरक्षा के लिए रखा बोल्डर भारत माता मंदिर से लेकर सिचाई विभाग के कार्यालय तक 100 मीटर तक रखा बोल्डर अचानक नदी में धंस गया।नदी के रौद्र रुप से दोहरीघाट के अस्तित्व पर ही खतरा मड़राने लगा हैं।
घाघरा खतरे के निशान से 55सेमी ऊपर बह रही है। नदी के जलस्तर में बढ़ाव का क्रम जारी है।24 घंटे में नदी के जलस्तर में 10 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी के उग्र रुप धारण करने से नगर सहित तटवर्ती इलाकों के लोगों की नींद उड़ गई है। मुक्तिधाम के सुरक्षा के लिए रखा बोल्डर भारत माता मंदिर से लेकर सिचाई विभाग के कार्यालय तक 100 मीटर तक रखा बोल्डर अचानक नदी में धंस गया।नदी के बढने से नगर की ऐतिहासिक धरोहर मुक्तिधाम, दुर्गा मंदिर, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला, डीह बाबा का मंदिर, शाही मस्जिद, खाकी बाबा की कुटी तथा हनुमान मन्दिर एक बार पुन: खतरे के जद में आ गए हैं।
भारत माता मंदिर तथा शमशान घाट पर घाघरा की लहरे टक्कर मार रही है। जिससे इन स्थलों पर खतरा बढता जा रहा है। शवदाह घाट से लेकर खाकी बाबा की कुटी तक 190 मी तक नदी बैक रोलिंग कर रही है। नदी से तेज आवाजे उठ रही है जिससे लोग दहशत में है।शमशान घाट से लेकर खाकी बाबा की कुटी तक नदी का दबाव बढता जा रहा है।नदी के बढने से तटवर्ती इलाकों के गांवों धनौली रामपुर, नईबाजार ,नवली, चिऊटीडाड़, पतनई, बहादुरपुर , सरया, ठाकुरगॉव ,गोधनी, बीबीपुर ताहिरपुर, गौरीडीह, जमीरा चौराडीह, बेलौली, पाऊस, कोरौली, चंद्राबारी, ठिकरहिया, महुआबारी, रसुलपुर, सुरजपुर आदि गांवों की हजारो एकड फसल डूब गई है। फसलों के डूबने से किसानों को मेहनत कमाई के डूबने की चिंता सताने लगी है। गौरी शंकर घाट पर बुधवार को घाघरा का जलस्तर 70.45 मीटर रहा। जबकि मंगलवार को जल स्तर 70.35 था। गौरीशंकर घाट पर खतरे का निशान 69.90 मीटर है।
विज्ञापन
इनसेट
आधा दर्जन पुरवों में घुसा घाघरा का पानी
दुबारी।घाघरा के जलस्तर में वृद्धि जारी है। नदी में बाढ आने से आधा दर्जन पुरवों में पानी घुस गया। आधा दर्जन से अधिक पुरवा पानी के घेरे में हैं। एक दर्जन मार्ग पानी में डूब जाने से आवागमन ठप हो गया है। लेकिन अभी तक प्रशासन की तरफ से नाव का इंतजाम नहीं किया जा सका है। गड्ढे में तब्दील सड़कों पर पानी भर जाने से गड्ढे का पता नहीं चल पा रहा है। परसिया हाहानाला रेगुलेटर जलस्तर का 66.09 रहा। चक्की मुसाडोही, परसिया का पुरवा, भटोली, चौहानपुर, भगतपुरा, बइरकंटा पुरा, धूस खैरा टाड़ी, बिंटोलिया, नई बस्ती, जरलहवा, बरोहा, कुवंरपुरवा बिशुन का पुरा आदि और आधा दर्जन पानी के घेरे में आ गया है। गजियापुर, मिश्रौली, मनमनपुरा, हरिलाल का पुरा, पब्बर का पूरा सहित एक दर्जन मार्ग जलमग्न हो गए हैं। जैसे बिंटोलिया से नयी बस्ती तक गोबरही से ब इरकंटा तक और गोबरही से भगत का पुरा तक और गजियापूर से देवारा तक और चौहानपूर से देवारा तक और परसिया से देवारा तक खैरा से देवारा तक आदि पानी में जलमग्न हुए है कटान की रफ्तार तेज हो गई है। दुबारी, मोलनापुर, बरोहा, मुसाडोही, आदि मौजों में जमीन कटकर रातों दिन गिर रही हैं।
विज्ञापन
घाघरा खतरे के निशान से 55सेमी ऊपर बह रही है। नदी के जलस्तर में बढ़ाव का क्रम जारी है।24 घंटे में नदी के जलस्तर में 10 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी के उग्र रुप धारण करने से नगर सहित तटवर्ती इलाकों के लोगों की नींद उड़ गई है। मुक्तिधाम के सुरक्षा के लिए रखा बोल्डर भारत माता मंदिर से लेकर सिचाई विभाग के कार्यालय तक 100 मीटर तक रखा बोल्डर अचानक नदी में धंस गया।नदी के बढने से नगर की ऐतिहासिक धरोहर मुक्तिधाम, दुर्गा मंदिर, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला, डीह बाबा का मंदिर, शाही मस्जिद, खाकी बाबा की कुटी तथा हनुमान मन्दिर एक बार पुन: खतरे के जद में आ गए हैं।
विज्ञापन
भारत माता मंदिर तथा शमशान घाट पर घाघरा की लहरे टक्कर मार रही है। जिससे इन स्थलों पर खतरा बढता जा रहा है। शवदाह घाट से लेकर खाकी बाबा की कुटी तक 190 मी तक नदी बैक रोलिंग कर रही है। नदी से तेज आवाजे उठ रही है जिससे लोग दहशत में है।शमशान घाट से लेकर खाकी बाबा की कुटी तक नदी का दबाव बढता जा रहा है।नदी के बढने से तटवर्ती इलाकों के गांवों धनौली रामपुर, नईबाजार ,नवली, चिऊटीडाड़, पतनई, बहादुरपुर , सरया, ठाकुरगॉव ,गोधनी, बीबीपुर ताहिरपुर, गौरीडीह, जमीरा चौराडीह, बेलौली, पाऊस, कोरौली, चंद्राबारी, ठिकरहिया, महुआबारी, रसुलपुर, सुरजपुर आदि गांवों की हजारो एकड फसल डूब गई है। फसलों के डूबने से किसानों को मेहनत कमाई के डूबने की चिंता सताने लगी है। गौरी शंकर घाट पर बुधवार को घाघरा का जलस्तर 70.45 मीटर रहा। जबकि मंगलवार को जल स्तर 70.35 था। गौरीशंकर घाट पर खतरे का निशान 69.90 मीटर है।
विज्ञापन
इनसेट
आधा दर्जन पुरवों में घुसा घाघरा का पानी
दुबारी।घाघरा के जलस्तर में वृद्धि जारी है। नदी में बाढ आने से आधा दर्जन पुरवों में पानी घुस गया। आधा दर्जन से अधिक पुरवा पानी के घेरे में हैं। एक दर्जन मार्ग पानी में डूब जाने से आवागमन ठप हो गया है। लेकिन अभी तक प्रशासन की तरफ से नाव का इंतजाम नहीं किया जा सका है। गड्ढे में तब्दील सड़कों पर पानी भर जाने से गड्ढे का पता नहीं चल पा रहा है। परसिया हाहानाला रेगुलेटर जलस्तर का 66.09 रहा। चक्की मुसाडोही, परसिया का पुरवा, भटोली, चौहानपुर, भगतपुरा, बइरकंटा पुरा, धूस खैरा टाड़ी, बिंटोलिया, नई बस्ती, जरलहवा, बरोहा, कुवंरपुरवा बिशुन का पुरा आदि और आधा दर्जन पानी के घेरे में आ गया है। गजियापुर, मिश्रौली, मनमनपुरा, हरिलाल का पुरा, पब्बर का पूरा सहित एक दर्जन मार्ग जलमग्न हो गए हैं। जैसे बिंटोलिया से नयी बस्ती तक गोबरही से ब इरकंटा तक और गोबरही से भगत का पुरा तक और गजियापूर से देवारा तक और चौहानपूर से देवारा तक और परसिया से देवारा तक खैरा से देवारा तक आदि पानी में जलमग्न हुए है कटान की रफ्तार तेज हो गई है। दुबारी, मोलनापुर, बरोहा, मुसाडोही, आदि मौजों में जमीन कटकर रातों दिन गिर रही हैं।