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Mau News: गांवों में कूड़ा उठाने के लिए खरीदे 175 ई-रिक्शा, पंजीकरण एक का भी नहीं
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मऊ। जनपद की 26 मॉडल सहित 175 ग्राम पंचायतों में खरीदे गए ई-रिक्शा का अब तक परिवहन विभाग में पंजीकरण नहीं हो सका है। जबकि नियम के अनुसार किसी भी वाहन का एआरटीओ कार्यालय में पंजीकरण कराना जरूरी है। शासन स्तर से इसको लेकर किसी तरह की सूचना जनपद स्तर पर नहीं दी गई है।
स्वच्छ भारत मिशन फेज-2 के तहत जनपद की 26 मॉडल सहित 385 ग्राम पंचायतों को स्वच्छ बनाने के लिए करोड़ों रुपये की धनराशि भेजी गई थी। इसमें एक ई-रिक्शा के लिए 1.60 लाख रुपये शामिल था, जिससे घरों से कूड़ा उठाकर आरआरसी सेंटर तक पहुंचाना है।
385 ई-रिक्शा के लिए 6.16 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च हो चुकी है, लेकिन अभी तक केवल 175 ग्राम पंचायतों ने ही ई-रिक्शा खरीदा है।
इनमें से एक का भी अब तक एआरटीओ कार्यालय में पंजीकरण नहीं हुआ है। जबकि नियम के अनुसार किसी भी नए या पुराने वाहन को खरीदने के बाद 7 दिनों के भीतर एआरटीओ कार्यालय में पंजीकृत कराना आवश्यक है। ऐसा नहीं करने पर चेकिंग के दौरान जुर्माना या अन्य कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। कुछ ग्राम प्रधानों ने बताया कि ई-रिक्शा पंजीकरण के लिए अभी तक उन्हें किसी तरह का निर्देश नहीं मिला है। अब तक तो बिना नंबर के ही ई-रिक्श चलाया जा रहा है।
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स्वच्छ भारत मिशन फेज-2 के तहत जनपद की 26 मॉडल सहित 385 ग्राम पंचायतों को स्वच्छ बनाने के लिए करोड़ों रुपये की धनराशि भेजी गई थी। इसमें एक ई-रिक्शा के लिए 1.60 लाख रुपये शामिल था, जिससे घरों से कूड़ा उठाकर आरआरसी सेंटर तक पहुंचाना है।
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385 ई-रिक्शा के लिए 6.16 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च हो चुकी है, लेकिन अभी तक केवल 175 ग्राम पंचायतों ने ही ई-रिक्शा खरीदा है।
इनमें से एक का भी अब तक एआरटीओ कार्यालय में पंजीकरण नहीं हुआ है। जबकि नियम के अनुसार किसी भी नए या पुराने वाहन को खरीदने के बाद 7 दिनों के भीतर एआरटीओ कार्यालय में पंजीकृत कराना आवश्यक है। ऐसा नहीं करने पर चेकिंग के दौरान जुर्माना या अन्य कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। कुछ ग्राम प्रधानों ने बताया कि ई-रिक्शा पंजीकरण के लिए अभी तक उन्हें किसी तरह का निर्देश नहीं मिला है। अब तक तो बिना नंबर के ही ई-रिक्श चलाया जा रहा है।
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