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इंदारा रजवाहा नहर टूटने से 150 बीघा फसल जलमग्न
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कोपागंज / रतनपुरा। शारदा सहायक खंड 32 इंदारा रजवाहा नहर गुरुवार की रात कनियारीपुर हसनपुर तथा रतनपुरा क्षेत्र के मुबारकपुर के पास टूट जाने से लगभग 150 बीघा से अधिक गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। फसल में पानी भर जाने से किसानों को नुकसान की चिंता सताने लगी है। परेशान किसानों ने आला अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन मध्याह्न 12 बजे तक सिंचाई विभाग की तरफ से मरम्मत कार्य कराने की जहमत तक नहीं उठाई जा सकी थी। गुस्साए किसानों ने प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी किया।
शारदा सहायक खंड 32 जनपद के 250 किमी के क्षेत्र में फैली है। नहर का रखरखाव भगवान भरोसे हो रहा है। नहर में खरपतवार का जंगल लगा है। शारदा सहायक खंड 32 के अधिकारियों की मांग पर दोहरीघाट पंप कैनाल से जब नहर में पानी छोड़ा गया तो गुरुवार की रात इंदारा रजवाहा कनियारीपुर हसनपुर की नहर टूट गई। इससे 100 बीघा से अधिक गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। किसान जब सुबह खेतों पर पहुंचे तो फसल में दो फीट पानी जमा हो गया था। परेशान किसानों ने विभागीय अधिकारियों को सूचना दी, लेकिन मध्याह्न 12 बजे तक अधिकारी मौके पर नहीं आ सके थे। आक्रोशित किसानों ने शासन प्रशासन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। किसानों का कहना था कि नहर में जरूरत के समय पानी ही नहीं छोड़ा जाता है। मरम्मत कार्य के नाम पर नहर को एक महीने तक बंद कर दिया जाता है।
लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी नहर का रखरखाव भगवान भरोसे हो रहा है। फसल क्षति का आंकलन कराकर किसानों को मुआवजा दिया जाए। फसल क्षति का मुआवजा जिला प्रसाशन की तरफ से नहीं दिया तो किसान आंदोलन करने को बाध्य हो जाएंगे। प्रदर्शन करने वालों में किसान संजय सिंह, मुरलीधर यादव, अशोक, सुभाष, कामता, गुलाब, विरेंद्र, दयाशंकर, रामविजय आदि शामिल रहे। इसी क्रम में रतनपुरा क्षेत्र के मुबारकपुर के पास नहर टूट जाने से 50 बीघा की फसल जलमग्न हो गई।
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नहर टूटने की सूचना मिलने पर शुक्रवार की सुबह किसान पहुंचे। अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन मौके पर विभागीय अधिकारियों ने मरम्मत कराने की जहमत तक नहीं उठाई। नाराज किसानों ने शासन प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने वालों में अनिल सिंह, मनोज कुमार, रामबहादुर, जीत शाह, रामजी आदि शामिल रहे। इस बाबत शारदा सहायक खंड 32 के अवर अभियंता कमाल अख्तर का कहना है कि नहर को बंद कर दिया गया है। नहर की मरम्मत कराई जा रही है।
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शारदा सहायक खंड 32 जनपद के 250 किमी के क्षेत्र में फैली है। नहर का रखरखाव भगवान भरोसे हो रहा है। नहर में खरपतवार का जंगल लगा है। शारदा सहायक खंड 32 के अधिकारियों की मांग पर दोहरीघाट पंप कैनाल से जब नहर में पानी छोड़ा गया तो गुरुवार की रात इंदारा रजवाहा कनियारीपुर हसनपुर की नहर टूट गई। इससे 100 बीघा से अधिक गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। किसान जब सुबह खेतों पर पहुंचे तो फसल में दो फीट पानी जमा हो गया था। परेशान किसानों ने विभागीय अधिकारियों को सूचना दी, लेकिन मध्याह्न 12 बजे तक अधिकारी मौके पर नहीं आ सके थे। आक्रोशित किसानों ने शासन प्रशासन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। किसानों का कहना था कि नहर में जरूरत के समय पानी ही नहीं छोड़ा जाता है। मरम्मत कार्य के नाम पर नहर को एक महीने तक बंद कर दिया जाता है।
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लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी नहर का रखरखाव भगवान भरोसे हो रहा है। फसल क्षति का आंकलन कराकर किसानों को मुआवजा दिया जाए। फसल क्षति का मुआवजा जिला प्रसाशन की तरफ से नहीं दिया तो किसान आंदोलन करने को बाध्य हो जाएंगे। प्रदर्शन करने वालों में किसान संजय सिंह, मुरलीधर यादव, अशोक, सुभाष, कामता, गुलाब, विरेंद्र, दयाशंकर, रामविजय आदि शामिल रहे। इसी क्रम में रतनपुरा क्षेत्र के मुबारकपुर के पास नहर टूट जाने से 50 बीघा की फसल जलमग्न हो गई।
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नहर टूटने की सूचना मिलने पर शुक्रवार की सुबह किसान पहुंचे। अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन मौके पर विभागीय अधिकारियों ने मरम्मत कराने की जहमत तक नहीं उठाई। नाराज किसानों ने शासन प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने वालों में अनिल सिंह, मनोज कुमार, रामबहादुर, जीत शाह, रामजी आदि शामिल रहे। इस बाबत शारदा सहायक खंड 32 के अवर अभियंता कमाल अख्तर का कहना है कि नहर को बंद कर दिया गया है। नहर की मरम्मत कराई जा रही है।