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ओडीएफ के लिए दस गांवों को दिया गया तीन दिन का समय
Updated Sat, 13 Oct 2018 11:57 PM IST
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मऊ। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ओडीएफ होने की तिथि बितने के बाद अब जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु की अध्यक्षता में खराब प्रगति वाले गांवों की समीक्षा शुरु की गई। शुक्रवार को डीएम की अध्यक्षता में शुरू की गई समीक्षा में शौचालय निर्माण की प्रगति में दस गांव की प्रगति बेहद खराब मिली। के मिले। डीएम ने इन गांवों के प्रधानों और सचिवों को सुधार के लिए तीन दिनों का समय दिया।
समीक्षा के दौरान मिले खराब प्रगति वाले 10 गांवों में विकास खंड बड़रांव के बड़रॉव, पकड़ी बुजुर्ग, पिड़उत सिंहपुर, मादीदुल्लह, भीरा, माधवपुर, विकास खंड-दोहरीघाट का गोठा, लामी, विकास खंड-कोपागंज का फैजुल्लाहपुर, विकास खंड-फतेहपुर मंडाव का कुंडा शरीफपुर शामिल हैं। समीक्षा में पाया गया कि इन सभी गांवों में शौचलय निर्माण और फोटो अपलोडिंग की प्रगति अत्यन्त ही खराब है। जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए इन गांवों के प्रधानों और तीन दिन का अंतिम समय दिया। तीन दिनों में इनकी प्रगति बेहतर न मिलने पर इन गांवों में विकास कार्यो की जांच कराने के लिए टीम गठित करने का आदेश दिया।
डीएम ने आदेश जारी किया कि इन गांवों के विकास कार्यो की जांच के लिए संबंधित तहसील के उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में चार सदस्यों की टीम गठित की जाए। टीम में उप जिलाधिकारी के अलावा, क्षेत्राधिकारी, लेखाधिकारी के साथ संबंधित विभाग के जेई शामिल होगें। जांच टीम बीते तीन वर्षो में राज्य वित्त, मनरेगा, शौचालय एवं आवास के तहत हुए कार्यों की जांच की जाएगी। इस दौरान डीएम ने जिला पंचायतराज अधिकारी को निर्देशित किया गया कि वो तीन दिनों के अंदर इन सभी गांवों की प्रगति आख्या उनके समक्ष पेश करें। प्रगति रिपोर्ट के साथ प्रधानों की बर्खास्तगी और संबंधित ग्राम पंचायत सचिव के विरूद्ध निलंबनऔर बर्खास्तगी की पत्रावली भी प्रस्तुत करेंगे।
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समीक्षा के दौरान मिले खराब प्रगति वाले 10 गांवों में विकास खंड बड़रांव के बड़रॉव, पकड़ी बुजुर्ग, पिड़उत सिंहपुर, मादीदुल्लह, भीरा, माधवपुर, विकास खंड-दोहरीघाट का गोठा, लामी, विकास खंड-कोपागंज का फैजुल्लाहपुर, विकास खंड-फतेहपुर मंडाव का कुंडा शरीफपुर शामिल हैं। समीक्षा में पाया गया कि इन सभी गांवों में शौचलय निर्माण और फोटो अपलोडिंग की प्रगति अत्यन्त ही खराब है। जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए इन गांवों के प्रधानों और तीन दिन का अंतिम समय दिया। तीन दिनों में इनकी प्रगति बेहतर न मिलने पर इन गांवों में विकास कार्यो की जांच कराने के लिए टीम गठित करने का आदेश दिया।
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डीएम ने आदेश जारी किया कि इन गांवों के विकास कार्यो की जांच के लिए संबंधित तहसील के उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में चार सदस्यों की टीम गठित की जाए। टीम में उप जिलाधिकारी के अलावा, क्षेत्राधिकारी, लेखाधिकारी के साथ संबंधित विभाग के जेई शामिल होगें। जांच टीम बीते तीन वर्षो में राज्य वित्त, मनरेगा, शौचालय एवं आवास के तहत हुए कार्यों की जांच की जाएगी। इस दौरान डीएम ने जिला पंचायतराज अधिकारी को निर्देशित किया गया कि वो तीन दिनों के अंदर इन सभी गांवों की प्रगति आख्या उनके समक्ष पेश करें। प्रगति रिपोर्ट के साथ प्रधानों की बर्खास्तगी और संबंधित ग्राम पंचायत सचिव के विरूद्ध निलंबनऔर बर्खास्तगी की पत्रावली भी प्रस्तुत करेंगे।
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