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आईटीआई और पालीटेकनिक के लिए पालिका तलाशेगी जमीन

Sat, 30 Jun 2018 12:24 AM IST
Updated Sat, 30 Jun 2018 12:24 AM IST
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आईटीआई और पालीटेकनिक के लिए पालिका तलाशेगी जमीन

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मऊ। केंद्र सरकार के प्रधान मंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत मऊ जनपद का चयन किया गया है। इस योजना के बजट का 80 प्रतिशत भाग अल्पसंख्यक आबादी के शिक्षा स्वास्थ्य कौशल विकास पर खर्च किया जाएगा। योजना के प्रथम चरण के लिए मऊ नगर पालिका और कोपागंज नगर पंचायत का चयन किया गया है। इन दोनों शहरों में शिक्षण संस्थाओं के लिए जमीन तलाशने की जिम्मेदारी राजस्व अधिकारियों को दी गई है। स्कूलों के निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने का दायित्व बीएसए और जिला विद्यालय निरीक्षक को दी गई। शहर में खुलने वाले आईटीआई और पालीटेक्निक के लिए पालिका जमीन की तलाश करेगी।
प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, सद्भाव मंडप, आवासीय स्कूल, स्मार्ट क्लास, हुुनर हब, मार्केट शेड, अतिरिक्त कक्ष आंगनबाड़ी केंद्र, राजकीय आईटीआई पालीटेकनिक, इंटर कॉलेज तथा महिला छात्रावास निर्माण के लिए प्रस्ताव लिए जाएंगे। इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए पालिकाध्यक्ष तय्यब पालकी ने कहा है कि आईटीआई और पालीटेक्निक के लिए नगरपालिका जमीन की तलाश करेगी। पालिकाध्यक्ष ने बताया है कि छात्राओं के लिए आईटीआई और पालीटेक्निक बहुत ही महत्वपूर्ण है। नगरपालिका क्षेत्र में अल्पसंख्यक छात्राओं के लिए महिला पालीटेक्निक पर बल दिया गया। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी लालमन ने बताया है कि आईटीआई के लिए 34 विस्वा और पालीटेक्निक के लिए पांच एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी। अपर जिलाधिकारी डीपीपाल ने बताया है कि कोपागंज नगर पंचायत में सद्भावना मंडप और अन्य योजनाओं के लिए जमीन उपलब्ध है। सरकार से मिलने वाले बजट का 80 प्रतिशत रकम इन कार्यक्रमों पर खर्च की जानी है। मुख्य विकास अधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने बीएसए ओपी त्रिपाठी और डीआईओएस केसी भारती को प्रस्ताव बनाकर भेजने का निर्देश दिया है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी लालमन कहते हैं कि योजना के तहत विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे। इस प्रस्ताव को शासन की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। स्वीकृति के साथ ही बजट मिलने पर निर्माण कार्य प्रारंभ कराए जाएंगे।
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संस्थाओं के लिए दान भी कर सकते हैं जमीन
अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रों, युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए दानदाता अपनी जमीन दान भी कर सकते हैं। इस योजना के तहत जमीन क्रय करने के लिए बजट नहीं दिया जाएगा। बल्कि सरकारी अथवा दान में मिलने वाली जमीन पर ही ये स्कूल, आईटीआई पालीटेक्निक, इंटर कालेज, सद्भावना मंडप, हास्टल आदि बनाए जाएंगे।
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