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डोर टू डोर जाकर की गयी टीबी रोगियो की पहचान
Updated Sun, 11 Mar 2018 11:32 PM IST
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मुहम्मदाबाद गोहना। क्षय रोग पर नियंत्रण पाने के टीबी रोगियों की पहचान को लेकर घर घर जाकर रोगियों की खोज की गई। यह अभियान 24 फरवरी से दस मार्च तक चला। सीएचसी प्रभारी डॉ एपी सिंह के नेतृत्व में स्वास्थ्य कर्मियों की टीम ने विभिन्न गांवों में जाकर मरीजों की पहचान किया तथा सम्भावित रोगियों के बलगम का नमूना लिया गया।
डॉ एपी सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर केंद्र व प्रदेश सरकार गंभीर है। अब पोलियों की तर्ज पर क्षय रोग का सफाया करने का प्रयास शुरु किया गया है। मलिन बस्तियों और आसपास के क्षेत्रों में अभियान के तहत प्राथमिकता पर लिया गया।
डोर टू डोर सर्वे का काम गत फ़रवरी से दस मार्च तक किया जाना था। सीएचसी प्रभारी ने बताया कि क्षेत्र की आबादी का दस फीसदी पर एसीएफ चलाया जाना है। इसके लिए कई टीमों का गठन किया गया है। गठित टीमों के सदस्यों को लक्षण के आधार पर संभावित रोगियों की पहचान का तरीका भी बताया गया। इस दौरान तीन दर्जन से भी अधिक संभावित क्षय रोगियों की पहचान की गई। टीम में विशेषज्ञ चिकित्साधिकारी भी शामिल है। इस अभियान में स्वास्थ्यकर्मी, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एनजीओ व प्रशासन के सहयोग से यह अभियान सफलता पूर्वक चलाया गया।
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डॉ एपी सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर केंद्र व प्रदेश सरकार गंभीर है। अब पोलियों की तर्ज पर क्षय रोग का सफाया करने का प्रयास शुरु किया गया है। मलिन बस्तियों और आसपास के क्षेत्रों में अभियान के तहत प्राथमिकता पर लिया गया।
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डोर टू डोर सर्वे का काम गत फ़रवरी से दस मार्च तक किया जाना था। सीएचसी प्रभारी ने बताया कि क्षेत्र की आबादी का दस फीसदी पर एसीएफ चलाया जाना है। इसके लिए कई टीमों का गठन किया गया है। गठित टीमों के सदस्यों को लक्षण के आधार पर संभावित रोगियों की पहचान का तरीका भी बताया गया। इस दौरान तीन दर्जन से भी अधिक संभावित क्षय रोगियों की पहचान की गई। टीम में विशेषज्ञ चिकित्साधिकारी भी शामिल है। इस अभियान में स्वास्थ्यकर्मी, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एनजीओ व प्रशासन के सहयोग से यह अभियान सफलता पूर्वक चलाया गया।
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