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आला अफसर नाटक से दर्शाया सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार
Updated Sat, 20 Jan 2018 11:33 PM IST
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मऊ। नगर स्थित हिंदी भवन के सभागार में आयोजित समूहन भ्राम्यमान नाट्य समारोह का समापन शनिवार की रात आला अफसर के मंचन के साथ किया गया। तीसरे दिन एम्बियांस प्रस्तुति में यूपी के लोक गीत का गायन साधना सोनकर ने किया जिसकी दर्शकों ने खूब सराहना की। समापन कार्यक्रम के संध्या के विशिष्ट अतिथि सुर्यजीत जी, विभाग प्रचारक, भवानी शंकर थरड, समाजसेवी मौजूद रहे।
समारोह की नाट्य प्रस्तुति ‘‘आला अफसर’’ का नौटंकी शैली में प्रस्तुति की गई। नाटक के माध्यम से कलाकारों ने एक काल्पनिक चित्तपुर कस्बे के भ्रष्ट चेयरमैन,हाकिम, पोस्टमास्टर, हेडमास्टर, दरोगा को लेकर मंचन किया। नाटक के माध्यम से बताया गया जब इन भ्रष्टाचारियों को अपने खिलाफ खुफिया जांच के लिए आला अफसर के आने की जानकारी मिलती है तो वो बचैन हो जाते है। वहीं इस डर और गलत फहमी में वो एक फोकटिया नवजव को आला अफसर समझकर उसे रिछाने के प्रयास में जुट जाते हैं। जहां युवक भी इसका फायदा उठाकर सभी भ्रष्टाचारियों से खबू धन वसूल करता है।वहीं इन लोगों को तब हैरानी होती है जबपता चलता है कि वो नकली था, असली आला अफसर कल पहुँचने वाला है। नाटक में मंचन करने वालों कलाकारों में अजय मुखर्जी, अभिलाष नारायण, अर्चना केसरवानी, प्रतिभा श्रीवास्तव, कविता यादव सम्मिलत रहें। वहीं समारोह में गौरव त्रिपाठी,आशुतोष त्रिपाठी, अक्षत अग्रवाल, नवीन सोनकर, रजत कुशवाहा, अवधेशकुमार पटेल ने सराहनीय अभिनय किया। इस नाटक का सफल निर्देशन प्रसिह्ण निर्देशक आतमजीत सिंह ने किया।आज की प्रस्तुति के साथ ही समूहन का यह समारोह इसी के साथ अगले सालपुन: मिलने के वादे के साथ समाप्त हो गई। हिन्दी साहित्य परिषद और आयोजक मण्डल का राजकुमार शाह ने आभार प्रकट किया।नाटक के जरिए कलाकारों ने वर्तमान व्यवस्था पर प्रहार करने की पूरजोर कोशिश किया।
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समारोह की नाट्य प्रस्तुति ‘‘आला अफसर’’ का नौटंकी शैली में प्रस्तुति की गई। नाटक के माध्यम से कलाकारों ने एक काल्पनिक चित्तपुर कस्बे के भ्रष्ट चेयरमैन,हाकिम, पोस्टमास्टर, हेडमास्टर, दरोगा को लेकर मंचन किया। नाटक के माध्यम से बताया गया जब इन भ्रष्टाचारियों को अपने खिलाफ खुफिया जांच के लिए आला अफसर के आने की जानकारी मिलती है तो वो बचैन हो जाते है। वहीं इस डर और गलत फहमी में वो एक फोकटिया नवजव को आला अफसर समझकर उसे रिछाने के प्रयास में जुट जाते हैं। जहां युवक भी इसका फायदा उठाकर सभी भ्रष्टाचारियों से खबू धन वसूल करता है।वहीं इन लोगों को तब हैरानी होती है जबपता चलता है कि वो नकली था, असली आला अफसर कल पहुँचने वाला है। नाटक में मंचन करने वालों कलाकारों में अजय मुखर्जी, अभिलाष नारायण, अर्चना केसरवानी, प्रतिभा श्रीवास्तव, कविता यादव सम्मिलत रहें। वहीं समारोह में गौरव त्रिपाठी,आशुतोष त्रिपाठी, अक्षत अग्रवाल, नवीन सोनकर, रजत कुशवाहा, अवधेशकुमार पटेल ने सराहनीय अभिनय किया। इस नाटक का सफल निर्देशन प्रसिह्ण निर्देशक आतमजीत सिंह ने किया।आज की प्रस्तुति के साथ ही समूहन का यह समारोह इसी के साथ अगले सालपुन: मिलने के वादे के साथ समाप्त हो गई। हिन्दी साहित्य परिषद और आयोजक मण्डल का राजकुमार शाह ने आभार प्रकट किया।नाटक के जरिए कलाकारों ने वर्तमान व्यवस्था पर प्रहार करने की पूरजोर कोशिश किया।
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